बिशाल नेत्रा किन्नरी साधना मंत्र

बिशाल नेत्रा किन्नरी साधना मंत्र :

बिशाल नेत्रा किन्नरी मंत्र : “ॐ बिशाल नेत्रे स्वाहा ।”

साधन बिधि – साधक को चाहिये की बह रात्रिकाल में किसी नदी के संगम स्थल पर जाकर उक्त मंत्र का दस सहस्र संख्या में जप करे तथा किन्नरी का बिधिबत् पूजन करें ।

जप के अन्त से पहले दिन ही बिशाल नेत्रा किन्नरी शीघ्रतापूर्बक साधक के समीप आकर अपनी दिव्य मूर्ति प्रदर्शित करती है एबं दूसरे दिन उक्त मंत्र का पुनर्बार जप करे तो रात्रि के अन्त में “बिशालनेत्रा” किन्नरी उपस्थित होकर, साधक के सामने बैठकर बाते करती है एबं तीसरे दिन इसी प्रकार के जप के अन्त में आकर साधक की पत्नी होना स्वीकार करती है ।

तत्पश्चात बह प्रसन्न ह्रदय से प्रतिदिन दिब्य बस्त्र एबं आठ स्वर्ण मुद्रा प्रदान करती है । साथ ही साधक की समस्त मनोभिलाशाओं को भी पूर्ण करती हैं ।

 

ज्योतिषाचार्य प्रदीप कुमार
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