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मकर संक्रांति उपाय

मकर संक्रांति 2024 उपाय

मकर संक्रांति उपाय : मकर संक्रांति भारतीय त्यौहार में से एक है , जो सूर्य के मकर राशि में प्रबेश करने के साथ मनाया जाता है । यह त्यौहार हिन्दू पंचांग के अनुसार मकर संक्रांति के रूप में जाना जाता है और भारत के बिभिन्न भागो में बिभिन्न नामो से मनाया जाता है , जैसे लोहड़ी , पोंगल ,उतरायण, मघ बिहू , खिचड़ी  और बहुत से अन्य ।
मकर संक्रांति का मुख्य महत्व यह है कि इसके बाद सूर्य दक्षिण दिशा की और बढ़ता है , जिससे दिन का समय बढ़ता है और रात का समय कम होता है । इसके साथ ही , यह त्यौहार किसानों के लिए खेतों में नई फसल की सुरुआत का समय भी होता है और यह ख़ुशी ख़ुशी मनाया जाता है ।
मकर संक्रांति उपाय का मनाने का एक अच्छा तरीका है की आप अपने परिबार और दोस्तों के साथ एक साथ आएं और उनके साथ खाने पीने का आनंद उठाए । खिचड़ी , तिल-गुड और मक्की के रोटी जैसे स्पेशल ब्यंजन इस त्यौहार का अनिबार्ज्य हिस्सा होता है । लोग पतंग उड़ाते हैं , कई लोग खेतो में पूजा करते है और कई लोग साथ मिलकर धार्मिक पूजा अनुष्ठान आयोजित करते है  । २०२४ मकर संक्रांति पर कुछ धार्मिक उपाय करने से भाग्य खुल जाता है और जीबन खुशहाल बन जाता है , आगे हम आपसे मकर संक्रांति के कुछ ख़ास उपाय के बारे में बिस्तार से चर्चा करेंगे जो आपके जीबन में आनंद भर लेगा ।
इसके अलाबा यह एक अच्छा मौका हो सकता है अपने पुराने दोस्तों और परिबार के सदस्यों से मिलकर खुशियों का साझं करने का । सूर्यों के किरणों के साथ , इस त्यौहार में अछे और नए आरम्भ की शुरुआत करे और संयम और सात्वता की भाबना की साथ नए साल को स्वागत करे । इस तरीके से , मकर संक्रांति उपाय को ख़ुशी और आत्म संतोष के साथ मना सकते हैं , और आपके जीबन में नए और सकारत्मक परिबर्तन ला सकते हो ।
इस साल पंचांग के अनुसार 15 जनवरी 2024, सोमवार को पौष मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी की तिथि को मनाया जाएगा.

मकर संक्रांति उपाय का पुण्यकाल-
वर्ष 2024 में मकर संक्रांति उपाय का पुण्यकाल प्रात: 07:04:00 से 18:18:00 तक
मकर संक्रांति उपाय का पुण्य काल अवधि : 11 घंटे 14 मिनट
मकर संक्रांति उपाय महापुण्य काल मुहूर्त : 07:04:00 से 08:56:00 तक
मकर संक्रांति उपाय महापुण्य काल अवधि : 1 घंटे 52 मिनट

मकर राशि में 5 ग्रहों का संयोग :

मकर संक्रांति पर मकर राशि में कई महत्वपूर्ण ग्रह एक साथ गोचर करेंगे। इस दिन सूर्य, शनि, गुरु, बुध और चंद्रमा मकर राशि में रहेंगे। जोकि एक शुभ योग का निर्माण करते हैं। इसीलिए इस दिन किया गया दान और स्नान जीवन में बहुत ही पुण्य फल प्रदान करता है और सुख समृद्धि लाता है ।

मकर संक्रांति उपाय मंत्र

सूर्य मंत्र : ॐ ह्रीम ह्रींम ह्रौमं स: सूर्य्याय नमः
मकर संक्रांति के दिन इस विशेष सूर्य मंत्र का जाप किया जाना चाहिए ।
 
आज हम आपको मकर संक्रांति से जुड़े कुछ उपाय बता रहे हैं, जिसे करने से आपको धन-धान्य और संतान की प्राप्ति हो सकती है। आइए जानते हैं उनके बारे में ।
 
पवित्र नदी में करें स्नान :
इस दिन गंगा या किसी नदी में जाकर स्नान करना शुभ माना जाता है। इस दिन आप नहाने से पहले कुछ भी न खाएं। अगर आप बिना खाए गंगा में स्नान कर दान करेंगे तो आपको दोगुना फल मिलेगा।
 
तिल से सूर्य देव की पूजा:
इस दिन भगवान सूर्य की पूजा भी जरूर करें। स्नान आदि के बाद आपको तिल मिले हुए जल से भगवान सूर्य देव की पूजा करनी चाहिए । इस दिन एक साफ लोटे में काला तिल, साफ पानी, अक्षत्, लाल पुष्प, शक्कर और रोली डाल दें । फिर सूर्य मंत्र को उच्चारण करते हुए उसे सूर्य देव को अर्पित कर दें। ऐसी मान्यता है कि इस दिन काले तिल से पूजा करने पर सूर्य देव प्रसन्न होते हैं और शनि देव की तरह ही अपने भक्तों को भी धन-धान्य प्राप्ति का आशीर्वाद देते हैं । इसके साथ ही ध्यान रखें कि आप शाम के समय यानी सूरज ढलने के बाद इस दिन भोजन ना करें ।
 
पीपल की पूजा :
मकर संक्रांति के दिन पीपल के पेड़ की पूजा करें । वहां पर देशी घी का दीपक जलाएं। फिर एक कच्चा सूत या मौली पेड़ में लपेट दें। अपने पितरों का स्मरण कर उनके निमित्त भी तिल, चावल आदि दान करें। ऐसा करने से पितर प्रसन्न होते हैं और वंश वृद्धि का आशीष देते हैं। इससे मनोकामना भी पूर्ण होती है ।
 
सूर्य और शनि की पूजा:
कहा जाता है कि मकर संक्रांति के दिन शनि के दोष समाप्त हो जाते हैं क्योंकि सबसे दीप्तिमान सूर्य उनकी राशि में होते हैं। सूर्य की चमक के आगे शनि फीके पड़ जाते हैं। पिता के आगमन पर शनि देव ने काले तिल से सूर्य देव की पूजा की थी, जिससे उनका घर धन-धान्य से भर गया था। इस वजह से शनि देव को काला तिल प्रिय है। ऐसे में आप भी मकर संक्रांति के दिन काले तिल से सूर्य और शनि देव की पूजा करें, इससे आपको शनि के दोष से मुक्ति मिल सकती है ।
 
जरूरमंद लोगों की करें मदद :
मकर संक्रांति के दिन अगर आपके घर पर भिखारी, साधु या बुजुर्ग कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति आए तो उसे खाली हाथ ना लौटाएं। जो अपनी सामर्थ्य के अनुसार कुछ ना कुछ दान अवश्य करें । भोजन कराना बेहद शुभ माना जाता है ।
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ज्योतिषाचार्य प्रदीप कुमार 9438741641 (Call/ Whatsapp)

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