मणिभद्र साधना क्या है ?

मणिभद्र साधना :

मणिभद्र साधना मंत्र : ॐ नमो यक्ष मणिभद्र ॐ।।

बिधान : इस यक्ष की साधना निर्जन बटबृक्ष के नीचे पूर्णमासी से पूर्णमासी तक एक माह तक की जाती है । तैतीस माला जप नित्य किया जाता है । इसे सुगन्धित श्वेत पुष्प नित्य एक सौ आठ की मात्रा में देने चाहिए । अनुष्ठान पूर्ण हो जाने पर भी ग्यारह पुष्पों से नित्य प्रात: श्वेत मिठाई का भोग लगाकर नित्य पूजा करके एक माला जप करे। माला सभी में स्फटिक की प्रयोग की जाती है ।

फल : मणिभद्र बहुत दयालु और समर्थ यक्ष है यह साधक की दरिद्रता दूर कर नित्य धनलाभ कराता है तथा सदैब ध्यान रखता है ।

प्रभाब : इस यक्ष के प्रभाब से एक माह के अन्दर स्त्री/पत्नी गर्भ धारण करती है और पुत्र ही होता है किन्तु पूरे एक बर्ष तक नित्य उसी स्थान पर सायंकाल जाकर पूजा और एक माला जप करना पडता है ।

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