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सिद्ध शिव तांत्रिक यंत्र :
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भगवान शिव का यह तांत्रिक यंत्र स्वयं में असीमित शक्तियां रखता है | हमारे शास्त्रों में यंत्र द्वारा पूजा का विशेष महत्व माना जाता है | भगवान शिव के इस तांत्रिक यंत्र द्वारा उनकी आराधना करने से जातक के हर प्रकार के कार्य सिद्ध होने लगते है, चाहे वह कार्य मनोकामना पूर्ति हेतु हो या फिर कष्ट निवारण हेतु | बाबा भोलेनाथ के इस तांत्रिक यंत्र का चमत्कार आप स्वयं महसूस कर सकते है |
यंत्र पूजा विधि : –
भगवान शिव के इस तांत्रिक यंत्र को आप ताम्रपत्र पर खुदवा या भोजपत्र पर बना सकते है | भोजपत्र पर इस यन्त्र को बनाने के लिए अष्टगंधा की स्याही का ही प्रयोग करें |
सुबह-सुबह प्रातः काल स्नान आदि से निवृत होकर सफ़ेद कपड़े धारण करें | अब पूर्व दिशा की तरफ एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर भगवान भोलेनाथ की फोटो या मूर्ती की स्थापना करें | अब यंत्र को चौकी पर रखे | घी का दीपक व धुप आदि लगाये | अब इस मंत्र को पढ़ते हुए भगवान भोलेनाथ की फोटो और यंत्र पर पुष्प अर्पित करें | मंत्र इस प्रकार है :
{{ कर्पूर गौरं करुणावतारं, संसार सारं भुजगेन्द्र हारम्।
सदा वसन्तं हृदयारबिन्दे, भवं भवानि सहितं नमामि॥}}
अब भगवान शिव के तांत्रिक यंत्र को अक्षत(चावल), सफ़ेद आक के पुष्प और फल व मिठाई आदि अर्पित करें | एक लौटे में जल भरकर रखे | अब जल के कुछ छींटे यंत्र पर लगाये |
इसके उपरांत आप भगवान शिव का स्मरण करते हुए शिव चालीसा का पाठ करें | पाठ समाप्त होने पर – ” ॐ नमः शिवाय ” मंत्र की 3 माला का जप करें | मंत्र जप में जल्दी न करें | सहजता के साथ व लयबद्धता के साथ मंत्र जप करें | अंत में भगवान शिव की आरती करें और प्रणाम करते हुए आसन से खड़े हो जाये | अब अपने माता-पिता से आशीर्वाद ग्रहण करें |
शिव तांत्रिक यंत्र को सिद्ध करने की विधि : –
कोई भी यंत्र हो वह पूर्ण रूप से अपना प्रभाव तभी दिखाता है जब उसे विधिवत सिद्ध किया जाये | भगवान शिव के इस तांत्रिक यंत्र को भी सिद्ध करने के उपरांत ही पूजा स्थल पर स्थापित किया जाना चाहिए |
शिव तांत्रिक यंत्र को इस प्रकार से सिद्ध करें : – उपरोक्त यंत्र पूजा विधि के अनुसार ही यंत्र पूजा करें | यंत्र पूजा से पहले यंत्र को पंचामृत(दूध ,दही,घी,शहद और गंगाजल के मिश्रण) से स्नान कराये | फिर गंगाजल से स्नान कराये | इसके बाद ऊपर दी गयी विधि अनुसार ही यंत्र पूजा करें | यन्त्र पूजा के पश्चात् हाथ में जल लेकर संकल्प ले | तत्पश्चात – ‘ॐ नमः शिवाय ‘ मंत्र के 5000 जप करें |
मंत्र जप के पश्चात् हवन करें | हवन में अधिक से अधिक आहुतियाँ ॐ नमः शिवाय मंत्र की दे | हवन सम्पूर्ण होने के उपरांत यन्त्र को हवन के ऊपर से 21 बार घुमाए और मन ही मन भगवान शिव का ध्यान करें | हवन की विभूति से यंत्र को तिलक करें | अब इस सिद्ध तांत्रिक यंत्र को अपने पूजा स्थल पर स्थापित करें | यदि किसी कारणवश आप इस यन्त्र को स्वयं सिद्ध नहीं कर सकते तो आप हमसे संपर्क कर सकते है |
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ज्योतिषाचार्य प्रदीप कुमार
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जय माँ कामाख्या

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