भूत-प्रेत-डाकिनी- राक्षस व ब्रह्म राक्षस को दूर करने के उपाय :
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April 5, 2021
भूत-प्रेत बाधा से मुक्ति का कुछ सरल और प्रभावशाली उपाय ::
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भूत-पिशाच-ब्रह्मराक्षस को भगाने के प्रभावी उपाय :
भूत-पिशाच-ब्रह्मराक्षस को भगाने के प्रभावी उपाय :
1- अगर किसी पर भूत या प्रेत सवार हो गया हो तो निम्न उल्लेखित टोटका मंत्र को 108 बार पढ़कर झाड़ा दें। इस पर प्रयोग से भूत भाग जाएगा।
मंत्र : “ ऊॅँ नमो भगवते उड्डामरेश्वराय कुहुनी कुर्वती स्वाहा।।”
2- काली सरसो, सर्प की केचुली, काले बकरे का दायां सींग, नीम के पत्ते, बच, अपामार्ग के पत्ते और गुग्गल इन सको कूट पीसकर चूर्ण बनाकर रख लें। जब कोई रोगी प्रेतादि बाधा से पीड़ित हो तो जलते हुए गाय के कंडे के ऊपर उक्त चूर्ण डाल दें। उसकी धूनी रोगी को दें। रोगी उस पीड़ा से मुक्त हो जाएगा।
3- गोरखमुंडी, गोखरू और बिनौला इन तीनों को गाय के मूत्र में पीसकर रोगी को इसका धूआं दें। उस पर सवार पिशाच तुरन्त ही भाग खड़ा जाएगा।
4- खस, चंदन, कांगनी, नागर, कूट और लाल चंदन इन सबको मिलाकर लेप बनाएं। यह लेप हर प्रकार की भूत बाधा को दूर करता है।
5- किसी को यदि प्रेत सताता हो तो शनिवार के दिन काले धतूरे की जड़ लाकर रोगी की दाहिनी भुजा में बांध दें। प्रेत उसे सताना छोड़ देगा। अगर रोगी स्त्री हो तो धतूरे की जड़ को बायीं भुजा में बांधना चाहिए।
6- इंद्रवारुणी का पका फल, कमलगट्टा और काली मिर्च को गाय के मूत्र में पीसकर नस्य लेने से ब्रह्म राक्षस, भूत आदि की बाध दूर होती है।
7-प्रेत बाधा निवारक हनुमत मंत्र – “ ऊँ ऐं ह्रीं श्रीं ह्रां ह्रीं ह्रूं ह्रैं ऊँ नमो भगवते महाबल पराक्रमाय भूत-प्रेत पिशाच-शाकिनी-डाकिनी-यक्षणी-पूतना-मारी-महामारी, यक्ष राक्षस भैरव बेताल ग्रह राक्षसादिकम् क्षणेन हन हन भंजय भंजय मारय मारय शिक्षय शिक्षय महामारेश्वर रुद्रावतार हुं फट् स्वाहा।” इस हनुमान मंत्र का पांच बार जाप करने से भूत कभी भी निकट नहीं आ सकते।
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ज्योतिषाचार्य प्रदीप कुमार
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जय माँ कामाख्या

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