गर्भ रक्षा हेतु अनुभूत चमत्कारी प्रयोग :
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August 18, 2021
जन्मकुंडली के अनुसार जानिए क्यों होता है गर्भपात :
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August 18, 2021
गर्भ-स्तम्भन मन्त्र :
गर्भ-स्तम्भन मन्त्र :
मन्त्र :- “शुद्ध बुद्ध को ठकुरा बाँधो, गर्भ रहे जी ठहर पाके फूटे बीज गिरे । श्री रामचन्द्र जी, हत्या तोहे परे । ईश्वर तेरी साख, गौरा गाँडा बाँध के नौ महीना राख । ताला झिन्ना न झरै, पट-पट बीधे ताल । लोहू जामुन दे गए, ब्रह्मा और मुरार । ऊँचे चढ़े न नीचे धँसे, धँसे तो महा-देव की जटन में परै । इतनी चुकरियाँ अमृत की भरीं, सो सीता के अङ्ग: धरीं । राख कोख लक्ष्मण जती, नौ महीना के बाद लक्ष्मणकुमार की आन । विष्णु की आन, राजा वासुकि की आन ।।”
विधि – पहले दीपावली में १०८ होम धी-गुगल के देकर जगाए । फिर काले धागे का गण्डा बनाकर गर्भिणी को गले या कमर में पहनाएँ, तो गर्भ स्थिर रहे । बच्चा होने पर उतार दें ।

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ज्योतिषाचार्य प्रदीप कुमार

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जय माँ कामाख्या

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