दक्षिणावर्ती शंख का अनोखा प्रयोग :
दक्षिणावर्ती शंख का अनोखा प्रयोग :
September 4, 2021
बगलामुखी मंत्र साधना :
बगलामुखी मंत्र साधना :
September 4, 2021
बगला वशीकरण तंत्र :
बगला वशीकरण तंत्र :
भगवती बगलामुखी के बारे मे ये माना गया है कि इनकी उपासना करने वाले साधक को उनके तमाम दुखों और कष्टों से छुटकारा मिलता है। भगवती बगलामुखी को कहां जाता है कि वो इस पूरे ब्रह्माण्ड को चलाने की शक्ति रखती है। बगलामुखी मंत्र की शक्ति से व्यक्ति अपने दुश्मनो से पीछा छुड़ा सकता है, तो वही दूसरी तरफ इसका तांत्रिक क्रिया व साधना मे प्रयोग किया जाता है, ताकि साधक माँ बगलामुखी को प्रसन्न कर अपनी मनोकामनाओ को पूरा कर सके। कई ऐसे बगलामुखी वशीकरण मंत्र भी है जिनके प्रयोग से साधक किसी को भी अपने वश में कर सकता है। कुछ ऐसे भी प्रभावशाली तंत्र विद्या है जिनकी मदद से इंसान अपने हर कार्य को पूरा कर सकता है। दस महाविद्याओं में बगलामुखी के बारे में कहां गया है कि इन्हे शिव की त्रि-शक्ति माना जाता है। साथ ही भगवती बगलामुखी को ‘पीताम्बरा’ भी कहा जाता है, जिसकी वजह से साधना के दौरान इन्हे पीले वस्त्र, पीले फूल और पीले रंग का विशेष महत्व होता है।
सबसे पहले हम आपको बगलामुखी वशीकरण मंत्र के बारे मे बताते है, जिसका प्रयोग करके आप किसको भी अपने वश मे कर सकते हो। वो मंत्र इस प्रकार है: “ॐ बगलामुखी सर्व स्त्री ह्रदयं मम् वश्यं कुरू ऐं ह्रीं स्वाहा”।
मंत्र के अंदर जहां “सर्व” शब्द लिखा हुआ है, उसकी जगह पर बस उस व्यक्ति का नाम लेना होगा जिसको आप अपने वश मे करना चाहते है। चाहे वो कोई स्त्री हो या पुरुष। साधना के दौरान साधक ध्यान रखे की उसे ब्रम्हचैर्यत्व का पालन करना होता है। झूठ न बोले, जमीन पर सोये, साधना समय एक समय भोजन करे। इस प्रकार इन नियम का पालन करके, वो बताए गए मंत्र की शक्ति से साधक को अच्छा परिणाम जरूरी मिलता है। जब ऊपर बताए मंत्र का पूरे विधि-विधान के साथ जप करले तब आखिरी मे आप देवी से निम्न मंत्र के द्वारा क्षमा प्रार्थना भी करे।
मंत्र: “आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनम्, पूजां चैव न जानामि क्षम्यतां परमेश्वरि। मंत्रहीनं क्रिसरहीनं भक्तिहीनं सुरेश्वरि, यत्पूजितं मयां देवि परिपूर्ण तदस्तु म”।
इन नियम को पालन करने से सफलता प्राप्त होता है। बगलामुखी वशीकरण यंत्र और माला के शक्ति से आपका कार्य शिघ्र होना सम्भव है।
बगलामुखी वशीकरण मंत्र की आराधना की विधि –
इसे आप अपने गुरु की सलाह या उनकी उपस्थिति में करे तो अच्छा रहेगा। इस साधना को करने के लिए जरूरी है की साधक शुद्ध तन-मन से रात के समय पीले रंग के वस्त्र पहनकर, पीला रंग का ही आसान बिछा ले और पिली हल्दी और पीले फूल लेकर मंत्र जप करे।
मंत्र: “ॐ ब्रह्मास्त्रहः विद्या बगलामुख्यः नारदः ऋषये नम: शिरसि। त्रिष्टुप् छन्दसहः नमोहः मुखेह । श्री बगलामुखी दैवतायै नमोहः ह्रदयेहः ह्रीं बीजायः नमो गुह्ये। स्वाहा शक्तयः नम: पाद्यो:। ऊँ नम: सर्वांगः श्री बगलामुखी देवतः प्रसादः सिद्धयर्थ न्यासे विनियोग ”।
21 दिन तक आपको इस मंत्र का प्रतिदिन जप करना होगा। रोज 108 बार मंत्र जप से ये मंत्र सिद्ध हो जायेगा।
 

To know more about Tantra & Astrological services, please feel free to Contact Us :

ज्योतिषाचार्य प्रदीप कुमार

हर समस्या का स्थायी और 100% समाधान के लिए संपर्क करे :मो. 9438741641 {Call / Whatsapp}

जय माँ कामाख्या

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *