सुबह जागने पर यह मंत्र बोल जमीन पर रखें पैर, कदमों में होगी कामयाबी :
सुबह जागने पर यह मंत्र बोल जमीन पर रखें पैर, कदमों में होगी कामयाबी :
October 21, 2021
श्याम्कौर मोहिनी साधना तन्त्र की बेजोड़ साधना : :
श्याम्कौर मोहिनी साधना तन्त्र की बेजोड़ साधना : :
October 24, 2021
शूकर दन्त वशीकरण प्रयोग :
शूकर दन्त वशीकरण प्रयोग :
इस सृष्टि में जितने भी प्राणी हैं सभी ईश्वर की रचना है, तथापि सूअर एक ऐसा ऐसा प्राणी है जिसका नाम लेते ही मन घृणा से भर उठता है। अत्यधिक गुस्से में जब किसी को गाली देना हो जुबान पर एक ही शब्द आता है सूअर कहीं का! परंतु तंत्र विद्या में सूअर का दांत जिसे संस्कृत में शूकर दंत कहा जाता हे बड़े ही कमाल का वस्तु होता है। पुराणों में वर्णित है कि ब्रम्हाजी ने मनु और शतरूपा को सृष्टि की आज्ञा दी| परंतु उसके लिए जिसकी भूमि की आवश्यकता थी, उसे हिरण्याक्ष तकिया बनाकर सोया था| देव गण वहाँ तक न पहुँच सकें इसलिए चारो ओर उसने विष्ठा का घेरा बना दिया था| कोई भी देवता उस विष्ठा के निकट नहीं पहुँच सकते थे इसलिए ब्रम्हा ने विचार किया कि शूकर ही वह प्राणी है जो विष्ठा के समीप भी जा सकता है| उन्होने विष्णु का ध्यान किया और अपनी नासिका से वराह देव को उत्पन्न किया| वराह देव ने समुद्र में उतरकर हिरण्याक्ष का वध किया तथा रसातल से पृथ्वी को बाहर निकाला|
सुअरों के थूथन से दो दांत निकले होते हैं जिन्हें कुकुर दंत कहा जाता है। ये इतने सख्त तथा मजबूत होते हैं कि किसी का भी पेट फाड़ देते हैं चाहे वह घोड़ा ही क्यों न हो। ऊपर के कुकुर दंत थोड़े घुमावदार होते हैं परंतु नीचे के दांत आकार में बड़े और सीधे होते हैं। जैसे ही इनका जबड़ा बंद होता है दोनो दांत आपस में रगड़ खाते हैं, जिसकी वजह से ये हमेशा नुकीले बने रहते हैं। तंत्र में इन्हीं कुकुरदंतों का इस्तेमाल होता है। यह किसी भी कसाई से प्राप्त किया जा सकता है। अथवा किसी ऐसे व्यक्ति से जो सूअर पालता हो। यद्यपि यह भी कहा जाता है कि स्वाभाविक मृत्यु के बाद प्राप्त किया गया दंत ज्यादा कारगर होता है।
शूकर दंत वशीकरण मंत्र :
इस मंत्र के द्वारा शूकर दंत लेकर वाराह देव की साधना की जाती है| सिद्ध शूकर दंत की सहायता से वशीकरण ही नहीं अपितु मारण मोहन उच्चाटन, स्तंभन कुछ भी किया जा सकता है| इसलिए वशीकर हेतु शूकर दंत को पहले सिद्ध करना आवश्यक है, जिसकी विधि अत्यंत सरल है। होली दीपावली, दशहरा अथवा ग्रहण काल में अपने दाहिने हाथ में शूकर दंत रखें तथा 108 बार निम्नलिखत मंत्र का जाप करें-
मंत्र – “ ओम ह्नीं क्लीं श्री वाराह दंताय भैरवाय नमः”
जाप पूर्ण होते ही शूकर दंत पर फूंक मारे। इस अभिमंत्रित दंत को ताबीज बनाकर धारण कर लें। इस ताबीज से वशीकरण प्रभाव उत्पन्न होता है। इस ताबीज को पहनकर इच्छित व्यक्ति को सरलता से सम्मोहित किया जा सकता है। वशीकरण के अतिरिक्त यह अभिमंत्रित ताबीज चमत्कारी प्रभाव उत्पन्न करता है।
 

To know more about Tantra & Astrological services, please feel free to Contact Us :

ज्योतिषाचार्य प्रदीप कुमार

हर समस्या का स्थायी और 100% समाधान के लिए संपर्क करे :मो. 9438741641 {Call / Whatsapp}

Follow: https://www.facebook.com/tantrajyotis/

जय माँ कामाख्या

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *