पंचम भाव के स्वामी का अलग अलग भाव में फल :
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November 10, 2021
यहां जान लीजिए ,कौन सी चीज नहीं करना चाहिए दान :
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November 10, 2021
यदि आपका शुक्र खराब है तो करें ये उपाय :
यदि आपका शुक्र खराब है तो करें ये उपाय :
जन्म कुंडली में शुक्र की अच्छी स्थिति खुशहाल जीवन के लिए महत्वपूर्ण है . कुंडली में जब शुक्र पीड़ित हो या नीच का हो या कमजोर स्थिति में हो तो उसके कुछ छोटे छोटे उपाय कारगर होते हैं .
यहां जानिए उपाय…
1. हर शुक्रवार शिवलिंग पर दूध और जल अर्पित करें। साथ ही, ऊँ नम: शिवाय मंत्र का जप करें. मंत्र जप कम से कम 108 बार करना चाहिए. मंत्र जप के लिए रुद्राक्ष की माला का उपयोग करना चाहिए.
2.किसी गरीब व्यक्ति को या किसी मंदिर में दूध का दान करें. शुक्र की दान देने वाली वस्तुओं में दूध , घी व चावल का दान किया जाता है. इसके अतिरिक्त शुक्र क्योकि भोगविलास के कारक ग्रह है. इसलिये सुख- आराम की वस्तुओं का भी दान किया जा सकता है.
3.शुक्रवार को किसी विवाहित स्त्री को सुहाग का सामान दान करें. सुहाग का सामान जैसे चूड़ियां, कुमकुम, लाल साड़ी। इस उपाय से देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं.
4.शुक्र से शुभ फल पाने के लिए शुक्रवार को शुक्र मंत्र का जप करें. मंत्र जप की संख्या कम से कम 108 होनी चाहिए। शुक्र मंत्र: द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:.
5.शुक्र ग्रह के लिए इन चीजों का दान भी किया जा सकता है… हीरा, चांदी, चावल, मिश्री, सफेद वस्त्र, दही, सफेद चंदन आदि. इन चीजों के दान से शुक्र के दोष कम हो सकते हैं.
6-शुक्र से सम्बन्धित वस्तुओं से स्नान करना भी एक उपाय है. शुक्र का स्नान उपाय करते समय जल में बडी इलायची डालकर उबाल कर इस जल को स्नान के पानी में मिलाया जाता है . इसके बाद इस पानी से स्नान किया जाता है. स्नान करने से वस्तु का प्रभाव व्यक्ति पर प्रत्यक्ष रुप से पडता है.
7- दुर्गा मन्त्र का जाप —– शुक्र के इस उपाय में निम्न मन्त्र का जप किया जाता है.
“ॐ ऐ ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे ”
शुक्र के अशुभ गोचर की अवधि या फिर शुक्र की दशा में इस मन्त्र का जप प्रतिदिन या फिर शुक्रवार के दिन करने पर इस समय के अशुभ फलों में कमी होने की संभावना बनती है. मुंह के अशुद्ध होने पर मंत्र का जाप नहीं करना चाहिए। ऐसा करने पर विपरीत फल प्राप्त हो सकते हैं .
8-शुक्र के अन्य उपायों में शुक्र यन्त्र का निर्माण करा कर उसे पूजा घर में रखने पर लाभ प्राप्त होता है. शुक्र यन्त्र की पहली लाईन के तीन खानों में 11,6,13 ये संख्यायें लिखी जाती है. मध्य की लाईन में 12,10, 8 संख्या होनी चाहिए. तथा अन्त की लाईन में 07,14,9 संख्या लिखी जाती है.
शुक्र यन्त्र में प्राण प्रतिष्ठा करने के लिये किसी जानकार पण्डित की सलाह ली जा सकती है. यन्त्र पूजा घर में स्थापित करने के बाद उसकी नियमित रुप से साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए.
9- शुक्रवार के दिन गुलर की जड़ को सफेद कपड़े में बांध कर व सफेद धागे में (यदि रेशम का हो तो अच्छा है) बांध कर गले या बांह में धारण करना चाहिए. ऐसा करने से शुक्र देव प्रसन्न होते हैं.
कुछ अन्य उपाय-
काली चींटियों को चीनी खिलानी चाहिए.
शुक्रवार के दिन सफेद गाय को आटा खिलाना चाहिए.
किसी काने व्यक्ति को सफेद वस्त्र एवं सफेद मिष्ठान्न का दान करना चाहिए.
10 वर्ष से कम आयु की कन्या को भोजन कराए और चरण स्पर्श करके आशीर्वाद लें. अपने घर में सफेद पत्थर लगवाना चाहिए.
सुबह उठते ही बिना बोले मां के चरण स्पर्श करें.
शुक्रवार के दिन रोज कौए को चावल और खुरा खिलाएं.
शुक्रवार के दिन गाय के दुध से स्नान करना चाहिए.
संतान प्राप्ति की कामना से शुक्र को बलि बनाने का सबसे असरदार उपाय है हरसिंगार का पौधा लगाना तथा उसको सींचना। अपने छोटे बच्चे की तरह उसको देखभाल करनी चाहिए।
लक्ष्मी जी की अराधना करें। शुक्रवार को लक्ष्मी नारायण मंदिर जाएँ. पति अपनी पत्नी को 1 गुलाब का फूल दे. तुरंत स्फटिक की माला धारण करें.
परफ्यूम का प्रयोग भी शुक्र को बलवान बनाता है। शुक्र के बलवान हो जाने पर व्यक्ति सभी तरह के प्रेम सुख और समृद्धि की प्राप्ती होती है साथ ही उसका वैवाहिक जीवन भी सुखद होता है.
किसी महत्त्वपूर्ण कार्य के लिए जाते समय 10 वर्ष से कम आयु की कन्या का चरण स्पर्श करके आशीर्वाद लेना चाहिए.
चांदी का कड़ा पहनें.
श्रीसूक्त का पाठ करें।

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ज्योतिषाचार्य प्रदीप कुमार

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