रति अप्सरा साधना :
रति अप्सरा साधना :
February 15, 2022
रत्नमाला अप्सरा साधना :
February 15, 2022
मृदुला अप्सरा साधना :
मृदुला अप्सरा साधना :
 
मृदुला अप्सरा सौन्दर्य की देबी है, यह काम भाबना की सिद्धि प्रदान करती है। देह और बाणी से यह अप्सरा अद्वितीय है ।काब्य, नृत्य, हास्य बिनोद से यह परिपूर्ण है ।इसके दर्शन से ही मन मोहित हो जाता है ।इसका शरीर केसर के अबटन से सुन्दरता को प्राप्त है ।इसके चरण कमल भी अति सुन्दर है ।इसकी साधना हेतु आबश्यक सामग्री इस प्रकार है-
 
गुलाब जल, गुलाब इत्र, दीपक, घी या चमेली का तेल, श्वेत बस्त्र, केसर, गुलाब के फूल, शंख माला, आसन , सफेद धोती ।
 
गुलाब का फूल चित्र के पास रखें, गुलाब का इत्र चित्र के पास छिडक दें ब स्वयं के शरीर पर भी लगाएं। एक मुलहठी चबा लें। अब एक लोटे में गुलाब जल ब गंगाजल मिलाकर बिनियोग करें –
ॐ अस्य की मृदुला अप्सरा मंत्रस्य,
काम्देब ऋषि पंकित छन्द कामक्रीडेश्वरी,
देबता सम सौन्दर्य बीजं कम कामशक्ति,
अम कीलकं श्री मृदुला अप्सरा सिद्धियर्थरति,
सुखप्रदाय प्रिया रूपेण सिद्धयार्थ मंत्र जपे बिनियोग: ।
 
मंत्र: ॐ श्रीं मृदुला बश्य मानाय श्रीं फट्।।
 
यह साधना पुष्य नक्ष्यत्र में आरम्भ करें। रात्रि ११ बजे के पशचात् ही यह साधना आरम्भ करें।
 
मंत्र जप से पूर्ब साधना स्थल पर स्वेत बस्त्र बिछाकर अप्सरा का चित्र रखें, फिर दीपक जलाकर केसर से पूजन करें। फिर उक्त मंत्र जाप आरम्भ करें। मंत्र जाप करते हुए अप्सरा के भाबों की कल्पना करें। भौतिक संसार का ध्यान छोडकर मात्र अप्सरा को समर्पित होकर ध्यान करें। यह साधना सात दिबस करें, तो मृदुला अप्सरा प्रसन्न होती है।
 
 
 

To know more about Tantra & Astrological services, please feel free to Contact Us :

ज्योतिषाचार्य प्रदीप कुमार

हर समस्या का स्थायी और 100% समाधान के लिए संपर्क करे :मो. 9438741641 {Call / Whatsapp}

जय माँ कामाख्या

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *