मेथी द्वारा भूत निबारण :
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October 4, 2022
सरसों द्वारा भूत निबारण :
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October 4, 2022
मंत्र द्वारा मारना :

मंत्र द्वारा मारना :

मंत्र : “ॐ सुरेश्वराय अमुक शत्रु संतति: बिनाशाय स्वाहा ।”

इस मंत्र को जपता हुआ मनुष्य सांप की हड्डी की चार अंगुल की कील लेकर भरणी नक्ष्त्र के दिन मृत्यु योग में ११०८ बार मंत्र से अभिमंत्रित करके जिस शत्रु के घर में रख दें तो संतति का नाश हो जाता है ।अमुक के स्थान पर शत्रु का नाम लेना चाहिए ।

मंत्र : ॐ नम: काल स्वाहा शत्रु (अमुक) भस्मी कुरु कुरु स्वाहा ।

यह मंत्र ग्रहण काल में सबा लाख जपने से सिद्ध होता है ।सिद्ध होने के बाद प्रयोग के समय इसका जप करे ।जहाँ अमुक लिखा है बहाँ साध्य ब्यक्ति के नाम का उचारण करना चाहिए ।

मंत्र : ॐ नम: सर्बकाल संहाराय अमुकं हन हन ह्रीं फट स्वाहा ।

नीम के पेड़ की कील बनाकर उसमें शत्रु के सिर के बाल लपेटकर सात रात तक साध्य ब्यक्ति का नाम कील पर चिता के कोयले से लिखकर उसे धूप दे और कृष्ण पक्ष की अष्टमी से लेकर कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तक यह प्रयोग प्रतिदिन मंत्र जपे तो साध्य ब्यक्ति को प्रेत पकड़ लेता है ।

चेताबनी : भारतीय संस्कृति में मंत्र तंत्र यन्त्र साधना का बिशेष महत्व है ।परन्तु यदि किसी साधक यंहा दी गयी साधना के प्रयोग में बिधिबत, बस्तुगत अशुद्धता अथबा त्रुटी के कारण किसी भी प्रकार की कलेश्जनक हानि होती है, अथबा कोई अनिष्ट होता है, तो इसका उत्तरदायित्व स्वयं उसी का होगा ।उसके लिए उत्तरदायी हम नहीं होंगे ।अत: कोई भी प्रयोग योग्य ब्यक्ति या जानकरी बिद्वान से ही करे। यंहा हम सिर्फ जानकारी के लिए दिया हुं ।

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