अनायास धन-प्राप्ति मंत्र :

अनायास धन-प्राप्ति मंत्र :
 
यख्य का भण्डार, कुबेर का भण्डार ।रत्न से भरा हुआ, जन्हां हो गडा हुआ ।दोहाई कामाख्या की, दिखा दो बह स्थान ।तुम्हें शंकर की आन, सत-गुरु का कह्ना मान ।तुम्हारी महिमा महान, आज है उसकी पहचान ।तुम्हें शिब की कसम, सती धर्म की कसम ।
 
मंत्र : ओम नम: कामाख्यायै ह्रीं ह्रीं ह्रीं क्रीं क्रीं क्रीं श्रीं श्रीं श्रीं फट् स्वाहा ।।
 
बिधि – उक्त मंत्र का जप शनिबार से प्रारम्भ करें। 22 दिनों तक प्रतिदिन 108 बार जप करें। तेइसबें दिन पूजा समाप्त होने पर घर से बाहर निकलें और जो आदमी सबसे पहले दिखाई दे, उसे आदर से ले आये तथा उसकी इछानुसार उसे भोजन करायें। रात को सोते समय कामाख्या देबी का ध्यान कर उक्त मंत्र का 7 बार जप करें। ऐसा नित्य करें। 22 दिन के अन्दर स्वप्न मे अपार धन का भण्डार दिखाई देगा। फिर रात के समय उस स्थान पर पहुंचकर बहाँ की मिट्टी खोदकर धन ले आयें।
 
[ लेकिन स्मरण रखें कि बर्तमान में एसा करना अपराध की श्रेणी में आता है ।]
 
 
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जय माँ कामाख्या

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