कामेश्वरी यक्षिणी मंत्र साधना क्या होती है?

कामेश्वरी यक्षिणी मंत्र साधना :

कामेश्वरी यक्षिणी मंत्र साधना क्या होती है? कामेश्वरी यक्षिणी की अपनी खास बात होती है । और हर यक्षिणी के पास कुछ खास होता है । जैसे कि सुरसुंदरी यक्षिणी सुंदरता की देवी हैं । यदि कोई उनकी साधना करता है तो वह सबसे पहले साधक को सौंदर्य प्रदान करती हैं । इसी प्रकार से … Read more

अष्ट यक्षिणी साधना क्या है ?

अष्ट यक्षिणी साधना :

अष्ट यक्षिणी साधना क्या है ? अष्ट यक्षिणी साधना : बहुत से लोग अष्ट यक्षिणी साधना का नाम सुनते ही डर जाते हैं कि ये बहुत भयानक होती हैं, किसी चुडैल कि तरह, किसी प्रेतानी कि तरह, मगर ये सब मन के वहम हैं । यक्षिणी साधक के समक्ष एक बहुत ही सौम्य और सुन्दर … Read more

21 दिव्य यक्षिणी साधना सिद्धि

दिव्य

21 दिव्य यक्षिणी साधना सिद्धि : दिव्य यक्षिणी साधना की इस लेख में आप पायेंगे 21 दिब्य यक्षिणी के सम्पूर्ण जानकरी के साथ दिब्य अलौकिक मंत्र के बारे में और साधना बिधि जो आपको साधना में अग्रसर की रास्ता दिखाएगा … 1. दिव्य चन्द्रिका यक्षिणी साधना – “चन्द्रिका” यक्षिणी का साधन मंत्र यह है – “ॐ … Read more

कनकबती यक्षिणी साधना कैसे करें ?

कनकबती

कनकबती यक्षिणी साधना कैसे करें ? “कनकबती” यक्षिणी का साधन मंत्र यह है – “ॐ ह्रीं आगच्छ कनकबति स्वाहा ।” साधन बिधि – किसी बटबृक्ष के नीचे चन्दन का एक सुन्दर मण्डल बनाकर, उसमें यक्षिणी का पूजन कर नैबेद्य समर्पित करें । तत्पशचात् शशा के माँस तथा “आसब द्वारा पूजन कर उक्त मंत्र का 1000 … Read more

कर्णपिशाचिनी यक्षिणी साधना कैसे करें ?

कर्णपिशाचिनी यक्षिणी

कर्णपिशाचिनी यक्षिणी साधना कैसे करें ? कर्णपिशाचिनी यक्षिणी का साधन मंत्र यह है – “ॐ ह्रीं च: च: कम्बलके गत्या पिण्ड पिशाचिके स्वाहा ।” साधन बिधि : प्रतिदिन सूर्योदय तथा सूर्यास्त के समय इस मंत्र का १००८ की संख्या में २१ दिन तक जप करें तथा संध्या के समय अपने आहार में से एक पिण्ड … Read more

बिद्यादात्री यक्षिणी साधना क्या है?

बिद्यादात्री यक्षिणी

बिद्यादात्री यक्षिणी साधना क्या है? बिद्यादात्री यक्षिणी साधना में बिधि बिधान का बहुत महत्व है । यक्षिणी साधक को साधना काल में माँस, मदिरा एबं ताम्बूल का त्याग कर देना चाहिए तथा अपने शरीर से किसी भी अन्य ब्यक्ति के शरीर का स्पर्श नहीं होने देना चाहिए । यक्षिणी साधन की क्रिया प्रतिदिन प्रात:काल नित्यकर्म, … Read more

भोग यक्षिणी साधना कैसे करें ?

भोग यक्षिणी साधना

भोग यक्षिणी साधना कैसे करें ? भोग यक्षिणी साधना :यक्षिणीयाँ मनुष्येतर जाति की प्राणी हैं । ये यक्षजाति के पुरुषों की पत्नियाँ है । इन्हें देबी –देबताओं की उपजाति के रूप में भी माना जा सकता है । यक्षिणीयों की संख्या असंख्य है । इनमे बिबिध प्रकार की शक्तियां सन्निहित मानी जाती हैं । बिभिन्न … Read more

स्वर्ण रेखा यक्षिणी साधना कैसे करें ?

स्वर्ण रेखा यक्षिणी

स्वर्ण रेखा यक्षिणी साधना कैसे करें ? “स्वर्ण रेखा यक्षिणी” का साधना मंत्र यह है – “ॐ चर्क चर्क शाल्मल स्वर्णरेखे स्वाहा ।” साधन बिधि – एक लिंग शिब का षडंग बिधि से पूजन करके कृष्णपक्ष की प्रतिपदा पूर्ब संख्या से उक्त मंत्र का जप आरम्भ करना चाहिए । एक मास तक नित्य 8000 की … Read more

छतीस यक्षिणीयाँ मंत्र

यक्षिणी

छतीस यक्षिणीयाँ मंत्र : यक्षिणी :ये सभी सिद्धि प्रदा है । यंहा संक्षेप में इनका बिधान प्रस्तुत कर रहा हूँ । 1. बिचित्रा :- “ॐ बिचित्रे, चित्र्रुपिणी में सिद्धिं कुरु कुरु स्वाहा ।” बट बृक्ष के निचे दो लाख जप करे । मधु और घृत मिश्रित चम्पा पुष्पों द्वारा दशांश हबन करे । 2. बिभ्रमा … Read more