स्वप्नेश्वर साधना कैसे करें?

स्वप्नेश्वर साधना कैसे करें ?

स्वप्नेश्वर साधना : शाबर मंत्रो के साहित्य में कुछ ऐसे करिश्मे भी हे कि जिनके बारे में जितना भी कहे , कम ही हे तंत्र क्षेत्र में स्वप्नेश्वर साधना दुर्लभ साधना है इस साधना का प्रभाव अचूक है ।  स्वप्न तंत्र के अनुसार शिव को स्वप्नेश्वर और शक्ति को स्वप्नेश्वरी कि संज्ञा दी गयी हैआदि देव एवं देवी स्वप्नों के अधिष्ठाता हैं
हमारे स्वप्न मात्र स्वप्न न हो के भविष्यके संकेत होते हे ये तो कई लोगो का अनुभव रहा ही होगायदा कदा साधनाओ के दर्मिया ऐसे कई अनुभव और संकेत मिलना, देव दर्शन करना , मृत परिचितों को देखना, समश्या का समाधान मिलना , पूर्व जन्म देखना , आदि से सहज ही समजा जा सकता हे कि साधक के जीवन में स्वप्न कि मह्हता क्या हेहमारे महर्षियोने इस विषय पर पूर्ण शोध करके स्वप्नों का विष्लेषण करके कई नए साधनात्मक एवं भौतिकता सबंधी रहस्य प्रकट किये हेस्वप्नों में दिखाई देने वाली घटाने, स्थल, स्वप्नों का समय, उसके अनुसार नक्षत्र आदि सभी को जोडके निश्चित रूप से ये जाना जा सकता हे कि आखिर स्वप्न के द्रश्य का सही और सचोट संकेत किस घटना पर हेइसी विज्ञान के साथ जब तंत्र को जोड़ा गया तो इसी में ही उदभव् हुआ स्वप्न तंत्र का
स्वप्न तंत्र के द्वारा हम तांत्रिक प्रक्रियाओ और साधनाओ के द्वारा कई ऐसे कार्य कर सकते हे जिसे आश्चर्य ही कहा जा सकता हेजेसे कि स्वप्न के माध्यम से प्रश्नों का उत्तर प्राप्त करना, स्वप्नों के संकेतों को समजना, स्वप्नों के द्वारा देव दर्शन करना आदिविभ्भिन साधनाओ का प्रयोजन विभ्भिन रूप से होता आया हे
पर क्या कोई एसी भी साधना है जिसके द्वारा पुरे स्वप्न शास्त्रों को एक ही बार में समझा जाए जब प्रयोग होता हे तब रात्रि में स्वप्नावस्थामें भोलेनाथ दर्शन देते हे और आगे कोन सी साधना, साधक को फलीभूत होगी उस विषय पर मार्ग दर्शन करते हेये स्वप्न सिर्फ गुरु के सामने ही बताया जाता हे और गुरु उस स्वप्न के संकेत से साधक को आगे कि साधनाए प्रदान करता हेइस साधना के द्वारा कोई भी व्यक्ति अपने स्वप्न के माध्यम से प्रश्नों के जवाब प्राप्त कर शकता हे, भोलेनाथ का स्वप्नेश्वर स्वरुप में दर्शन भी इसी के द्वारा संभव हेइस साधना कि विशेषता ये भी हे कि इसको करने से अपने आप ही स्वप्न के संकेतों को समझने का ज्ञान हो जाता हे और भविष्य में वो उसके हर एक स्वप्नों को समजते हुवे सचेत होता हुआ अपने मार्ग पर गतिशील रहता हे
ये स्वप्नेश्वर साधना तीन चरणों में सम्प्पन होती हे …..
स्वप्नेश्वर दर्शन हेतु : ११ माला मंत्रो को ११ रात्रि तक जाप करे
पूर्ण सिद्धि के लिए (स्वप्न शाश्त्र के ज्ञान के लिए): उपरोक्त पद्धति से ११ माला ११ दिन का एक अनुष्ठान होता हे , ऐसे तीन स्वप्नेश्वर साधना अनुष्ठान करने से पूर्ण सिद्धि प्राप्त होती हे
स्वप्न में प्रश्न का जवाब प्राप्त करने के लिए : १०८ (१ माला) मंत्रो को ११ रात्रि तक जाप करे यह स्वप्नेश्वर साधना सोमवार से शुरू करे सिर्फ रुद्राक्ष माला का ही प्रयोग होता हेरात्रि के ११ बजे बाद स्नान करके ही ये स्वप्नेश्वर साधना प्रयोग करे आसन कोई भी हो दिशा उत्तर रहेमानसिक रूप से गुरु पूजन करके भगवन शिव एवं गुरु को शाक्षी मानके उनसे आज्ञा लेकर साधना शुरू करे
स्वप्नेश्वर साधना मंत्र : “ओम नमो त्रिनेत्राय पिंगलाय महात्मने वामाय विश्वरूपाय स्वप्नाधिपतये नमः मम स्वप्ने कथयमे तथ्यम सर्व कार्य स्वशेषत: त्रिया सिद्धि विद्या स्वामी तत प्रसादाना महेश्वरे ”
अगर स्वप्न में कोई प्रश्न का उत्तर जानना चाहे तो उस रोज जाप सम्प्पन करने के बाद उस प्रश्न को मानसिक रूप से दोहराए और स्वप्नेश्वर से जवाब प्राप्त करने के लिए प्रार्थना करे
इस स्वप्नेश्वर साधना के दरम्यान रात्रि में एक बार नींद उड़ जाती हे और कुछ मिनिटे नींद नहीं आती हे और पूर्ण निंद्रा का आभाष होता हे पर कुछ ही समय में नींद आ जाती हे ऐसा निश्चित रूप से होता ही हे प्रश्न का जवाब मिले तो इस कार्य काल में लिख ले वर्ना सुबह तक वो जवाब भूल जायेंगे

ज्योतिषाचार्य प्रदीप कुमार -9438741641 (call/whatsapp)

Acharya Pradip Kumar is the founder of Mystic Shiva Astrology and a practitioner of Vedic astrology with a solution-oriented approach. His work focuses on understanding birth charts as tools for clarity, awareness, and practical decision-making rather than fear-based predictions. Rooted in classical astrological principles and real-life experience, he emphasizes responsible guidance, timing, and conscious remedies aligned with an individual’s life path.

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