27 Nakshatra aur unka Swabhav : Janam Kundli Se Vyaktitva Ki Pahchan

27 Nakshatra aur unka Swabhav: Jyotish Shastra ke Anusar Puri Jankari :

27 Nakshatra aur unka Swabhav ज्योतिष शास्त्र का एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है । जन्म कुण्डली में नक्षत्र व्यक्ति के स्वाभाव , सोच , व्यवहार और जीवन के फैसलों पर गेहरा प्रभाव डालते हैं ।कुल 27 नक्षत्र होते हैं और हर राशी ढाई नक्षत्र से मिलकर बनती है, जिसके कारण हर व्यक्ति का स्वाभाव अलग होता है।

27 Nakshatra aur unka Swabhav Jyotish Shastra me :

(27 Nakshatra aur unka Swabhav: Sabhi Nakshatron ka Vistaar se Vishleshan)

1. Ashwini Nakshatra ka Swabhav :

अश्विनी नक्षत्र में जन्मे व्यक्ति सामान्यतः तेज़ सोच वाले, सक्रिय और तुरंत निर्णय लेने वाले होते हैं। इनमें नई शुरुआत करने का साहस होता है और ये बदलाव से नहीं घबराते। इनका स्वभाव मददगार रहता है, विशेषकर उपचार, सेवा या मार्गदर्शन से जुड़े कार्यों में। कभी-कभी जल्दबाज़ी और अधीरता इनकी कमजोरी बन सकती है, पर सही दिशा मिलने पर ये शीघ्र सफलता प्राप्त करते हैं।

2. Bharani Nakshatra ka Swabhav

भरणी नक्षत्र में जन्मे व्यक्ति स्वभाव से दृढ़ इच्छाशक्ति वाले और आत्मनिर्भर होते हैं। ये अपने फैसले खुद लेने में विश्वास रखते हैं और किसी के दबाव में आसानी से नहीं आते। इनके भीतर जिम्मेदारी का भाव प्रबल होता है, लेकिन कभी-कभी यही गंभीरता इन्हें कठोर या जिद्दी भी बना देती है। भावनात्मक रूप से ये गहरे होते हैं, पर अपने मन की बातें सीमित लोगों से ही साझा करते हैं। सही दिशा मिलने पर ये व्यक्ति जीवन में स्थायित्व, परिश्रम और अनुशासन के बल पर अच्छी प्रगति करते हैं।

3. Kritika Nakshatra ka Swabhav

कृतिका नक्षत्र में जन्मे व्यक्ति स्वभाव से तेज, साहसी और निर्णय लेने में स्पष्ट होते हैं। इनका व्यक्तित्व अग्नि तत्व से प्रभावित होता है, इसलिए ये जोश से भरपूर और नेतृत्व करने की क्षमता वाले होते हैं। सच बोलना और गलत बातों का विरोध करना इन्हें स्वाभाविक रूप से आता है।
कभी-कभी इनका सीधापन और जल्द प्रतिक्रिया देना इन्हें कठोर या क्रोधी भी बना सकता है, लेकिन भीतर से ये न्यायप्रिय और जिम्मेदार होते हैं। लक्ष्य के प्रति एकाग्र रहना और काम को अंत तक पहुँचाना कृतिका जातकों की प्रमुख विशेषता है। इस प्रकार 27 Nakshatra aur unka Swabhav को समझकर व्यक्ति अपने व्यवहार और जीवन के patterns को पहचान सकता है।

4.Rohini Nakshatra ka Swabhav :

रोहिणी नक्षत्र में जन्मे जातक सामान्यतः आकर्षक व्यक्तित्व वाले, शांत स्वभाव के और सौंदर्य-प्रिय होते हैं। इनमें धैर्य, कोमलता और स्थिरता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। ये लोग सुख-सुविधाओं, कला, संगीत और भौतिक समृद्धि की ओर स्वाभाविक रूप से आकर्षित रहते हैं।

रोहिणी नक्षत्र के जातक भावनात्मक रूप से गहरे होते हैं, परंतु अपने मन की बात सोच-समझकर व्यक्त करते हैं। परिवार, संबंध और सुरक्षा इनके लिए बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। कभी-कभी अत्यधिक लगाव या जिद इनकी कमजोरी बन सकती है, लेकिन कुल मिलाकर इनका स्वभाव सौम्य, विश्वसनीय और पोषण देने वाला माना जाता है।

5. Mrigashira Nakshatra ka Swabhav 

मृगशिरा नक्षत्र के जातक जिज्ञासु, चंचल और खोजी प्रवृत्ति के होते हैं। इन्हें नई-नई बातें जानने, घूमने और अनुभव करने की तीव्र इच्छा रहती है। इनका मन जल्दी एक विषय से दूसरे विषय की ओर आकर्षित हो जाता है, इसलिए कभी-कभी स्थिरता की कमी दिखती है। वाणी मधुर होती है और बातचीत से लोग आसानी से प्रभावित हो जाते हैं। स्वभाव से ये सरल, मिलनसार होते हैं, लेकिन मन में असमंजस और बेचैनी बनी रह सकती है।

6. Ardra Nakshatra ka Swabhav :

आर्द्रा नक्षत्र के जातक सामान्यतः गहरी सोच रखने वाले, जिज्ञासु और तर्कप्रधान होते हैं। ये लोग कठिन परिस्थितियों में भी सच्चाई को जानने की कोशिश करते हैं और बदलाव से डरते नहीं हैं। इनका स्वभाव कभी-कभी तीखा, स्पष्टवादी और भावनात्मक रूप से अस्थिर लग सकता है, लेकिन भीतर से ये अत्यंत संवेदनशील होते हैं। संघर्ष, उतार-चढ़ाव और अनुभवों के माध्यम से ये लोग मानसिक रूप से मजबूत बनते हैं और जीवन में आगे बढ़ने की क्षमता रखते हैं।

7. Punarvasu Nakshatra ka Swabhav :

पुनर्वसु नक्षत्र में जन्मे जातक सामान्यतः आशावादी और धैर्यवान होते हैं। कठिन परिस्थितियों में भी ये दोबारा उठ खड़े होने की क्षमता रखते हैं। इनका स्वभाव सरल, सहृदय और सहयोगी होता है। सीखने-समझने की प्रवृत्ति मजबूत होती है और विचारों में स्पष्टता रहती है। परिवार और रिश्तों को महत्व देते हैं, साथ ही जीवन में संतुलन बनाए रखना जानते हैं।

8. Pushya Nakshatra ka Swabhav :

पुष्य नक्षत्र में जन्मे व्यक्ति सामान्यतः अनुशासित, कर्तव्यनिष्ठ और जिम्मेदारी निभाने वाले होते हैं। इन्हें स्थिरता, नियम और व्यवस्था पसंद होती है। ऐसे लोग धीरे-धीरे लेकिन ठोस प्रगति करते हैं और भरोसेमंद माने जाते हैं। परिवार और समाज के प्रति इनका लगाव गहरा होता है। निर्णय लेते समय ये भावनाओं से अधिक व्यवहारिक सोच पर भरोसा करते हैं, इसलिए इन्हें स्थायित्व और सम्मान प्राप्त होता है। इस प्रकार , 27 Nakshatra aur unka Swabhav को समझने से व्यक्ति अपने व्यवहार और जीवन के patterns को बेहतर समझ सकता है ।

9. Ashlesha Nakshatra ka Swabhav :

आश्लेषा नक्षत्र के जातक तेज बुद्धि और गहरी समझ रखने वाले होते हैं। ये परिस्थितियों को जल्दी भांप लेते हैं और अपनी बात मनवाने की क्षमता रखते हैं। इनका स्वभाव रहस्यमय होता है—कम बोलते हैं, पर जो कहते हैं उसमें वजन होता है।

ये लोग मानसिक रूप से मजबूत होते हैं, लेकिन कभी-कभी अत्यधिक शंकालु या भावनात्मक रूप से सख्त भी हो सकते हैं। सही दिशा मिलने पर ये रणनीति, शोध और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं। गलत संगति या असंतुलन में इनका स्वभाव तीखा और जिद्दी हो सकता है।

10.Magha Nakshatra ka Swabhav :

मघा नक्षत्र के जातक स्वाभाविक रूप से आत्मसम्मानी, नेतृत्व क्षमता वाले और प्रभावशाली व्यक्तित्व के होते हैं। इन्हें परंपरा, वंश और प्रतिष्ठा का विशेष महत्व रहता है। ऐसे लोग अपने निर्णय स्वयं लेना पसंद करते हैं और दूसरों के अधीन काम करना इन्हें सहज नहीं लगता।

इनका स्वभाव गंभीर, दृढ़ और कभी-कभी अहंयुक्त हो सकता है, लेकिन भीतर से ये न्यायप्रिय और अपने लोगों के प्रति उत्तरदायी होते हैं। सम्मान मिलने पर ये अत्यंत सहयोगी बनते हैं, जबकि अपमान की स्थिति में दूरी बना लेते हैं। आध्यात्मिक विषयों और पूर्वजों से जुड़े संस्कारों में भी इनकी रुचि देखी जाती है।

11. Purva Phalguni Nakshatra ka Swabhav :

पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र के जातक स्वभाव से आकर्षक, आनंदप्रिय और रचनात्मक होते हैं। इन्हें आरामदायक जीवन, सौंदर्य, कला, संगीत और सामाजिक मेल-जोल पसंद होता है। ऐसे लोग दिल से उदार होते हैं और मित्रता निभाने में आगे रहते हैं।

इनमें नेतृत्व की सहज क्षमता होती है, परंतु कभी-कभी अधिक भोग-विलास या आलस्य की प्रवृत्ति आ सकती है। भावनात्मक रूप से ये स्नेहिल होते हैं और सम्मान मिलने पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं। कुल मिलाकर, पूर्वा फाल्गुनी के जातक जीवन का आनंद लेने वाले, मिलनसार और प्रभावशाली व्यक्तित्व के धनी होते हैं।

12. Uttara Phalguni Nakshatra ka Swabhav :

उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में जन्मे जातक सामान्यतः जिम्मेदार, व्यवहारकुशल और नेतृत्व क्षमता वाले होते हैं। ये लोग वचन निभाने में विश्वास रखते हैं और रिश्तों व कार्यक्षेत्र—दोनों में स्थिरता पसंद करते हैं। स्वभाव से उदार, न्यायप्रिय और सहयोगी होते हैं, इसलिए समाज में सम्मान प्राप्त करते हैं। कभी-कभी अपने सिद्धांतों पर अड़े रहने के कारण इन्हें कठोर भी समझा जा सकता है, लेकिन इनके इरादे प्रायः सकारात्मक और दीर्घकालिक होते हैं। इस प्रकार 27 Nakshatra aur unka Swabhav को समझकर व्यक्ति अपने व्यवहार और जीवन के patterns को पहचान सकता है।

13.Hasta Nakshatra Ka Swabhav :

हस्त नक्षत्र में जन्मे लोग सामान्यतः कर्मठ, चतुर और व्यवहारकुशल होते हैं। इनकी सबसे बड़ी विशेषता यह होती है कि ये अपने हाथों के काम से पहचान बनाते हैं। ऐसे जातक अवसरों को जल्दी समझते हैं और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाल लेते हैं।

इनका स्वभाव मिलनसार होता है, बातचीत में निपुण होते हैं और दूसरों को प्रभावित करना जानते हैं। बुद्धि और व्यावहारिक सोच के कारण ये व्यापार, कला, लेखन या किसी भी कौशल आधारित क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। कभी-कभी अधिक चालाकी या अतिआत्मविश्वास इनके लिए बाधा बन सकता है, लेकिन सही दिशा मिले तो ये जीवन में निरंतर प्रगति करते हैं।

14.Chitra Nakshatra ka Swabhav :

चित्रा नक्षत्र के जातक सामान्यतः रचनात्मक, आत्मविश्वासी और सौंदर्यबोध से भरपूर होते हैं। इन्हें चीज़ों को नए रूप में गढ़ना पसंद होता है और अपने काम में अलग पहचान बनाना चाहते हैं। ये मेहनती होते हैं, परंतु कभी-कभी अत्यधिक महत्वाकांक्षा या जल्द परिणाम पाने की चाह के कारण मानसिक तनाव में आ सकते हैं। सामाजिक रूप से ये आकर्षक होते हैं और नेतृत्व करने की क्षमता रखते हैं, लेकिन स्वाभिमान को ठेस लगने पर कठोर भी हो सकते हैं।

15.Swati Nakshatra ka Swabhav :

स्वाती नक्षत्र के जातक स्वतंत्र विचारों वाले, आत्मनिर्भर और परिवर्तन को सहज रूप से अपनाने वाले होते हैं। इनमें सीखने की तीव्र जिज्ञासा, तर्कशक्ति और नए अनुभवों के प्रति खुलापन दिखाई देता है। ये लोग परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को ढालने में सक्षम होते हैं और अपने निर्णय खुद लेने में विश्वास रखते हैं।

स्वभाव से ये स्पष्ट वक्ता होते हैं, लेकिन कभी-कभी अधिक स्वतंत्रता की चाह इन्हें अस्थिर या निर्णय बदलने वाला भी बना सकती है। फिर भी, कठिन समय में भी आगे बढ़ने की क्षमता और आत्मविश्वास इनकी प्रमुख पहचान होती है।

16. Vishakha Nakshatra ka Swabhav :

विशाखा नक्षत्र में जन्मे व्यक्ति लक्ष्य के प्रति बेहद दृढ़ और महत्वाकांक्षी होते हैं। ये जो ठान लेते हैं, उसे पूरा करने के लिए लगातार प्रयास करते रहते हैं। इनके स्वभाव में नेतृत्व क्षमता, प्रतिस्पर्धी भावना और आगे बढ़ने की तीव्र इच्छा स्पष्ट दिखाई देती है।
कभी-कभी अत्यधिक अपेक्षाएँ और अधीरता इनके लिए मानसिक तनाव का कारण बन सकती हैं, लेकिन सही दिशा मिलने पर ये अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त करते हैं। इस प्रकार 27 Nakshatra aur unka Swabhav को समझकर व्यक्ति अपने व्यवहार और जीवन के patterns को पहचान सकता है।

17. Anuradha Nakshatra ka Swabhav :

अनुराधा नक्षत्र के जातक सामान्यतः मिलनसार, धैर्यवान और उद्देश्य-केन्द्रित होते हैं। इनमें लोगों को साथ लेकर चलने की स्वाभाविक क्षमता होती है, इसलिए ये मित्रता और नेटवर्किंग में सफल रहते हैं। कठिन परिस्थितियों में भी ये संयम बनाए रखते हैं और लक्ष्य से विचलित नहीं होते।
इनका स्वभाव अनुशासित, निष्ठावान और रणनीतिक होता है, परंतु कभी-कभी अपेक्षाएँ अधिक होने से भावनात्मक उतार-चढ़ाव भी दिख सकता है। कुल मिलाकर, अनुराधा जातक दीर्घकालिक सफलता पर विश्वास रखते हैं और धीरे-धीरे पर स्थायी प्रगति करते हैं।

18. Jyeshta Nakshatra ka Swabhav :

ज्येष्ठा नक्षत्र के जातक सामान्यतः नेतृत्व क्षमता वाले, आत्मविश्वासी और प्रभावशाली व्यक्तित्व के होते हैं। ये अपनी बात मनवाने में कुशल होते हैं और कठिन परिस्थितियों में भी निर्णय लेने का साहस रखते हैं। इनके भीतर सम्मान पाने और श्रेष्ठ बनने की प्रबल इच्छा रहती है।

हालाँकि, कभी-कभी अत्यधिक स्वाभिमान, शंका की प्रवृत्ति और दूसरों पर नियंत्रण रखने की चाह इनके स्वभाव में कठोरता ला सकती है। सही दिशा मिलने पर ये समाज, परिवार और कार्यक्षेत्र में मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं।

19. Moola Nakshatra ka Swabhav :

मूल नक्षत्र के जातक गहराई से सोचने वाले, जिज्ञासु और सत्य की खोज में लगे रहने वाले होते हैं। इनका स्वभाव थोड़ा उग्र और स्पष्टवादी हो सकता है, लेकिन भीतर से ये न्यायप्रिय और सिद्धांतों पर चलने वाले होते हैं। जोखिम उठाने की क्षमता, पुराने ढर्रों को तोड़ने की प्रवृत्ति और नई दिशा बनाने का साहस इनमें प्रबल रहता है। कभी-कभी अत्यधिक सीधापन या जल्दबाज़ी इनके लिए चुनौती बन सकती है, पर सही मार्गदर्शन मिलने पर ये बड़े परिवर्तन लाने की क्षमता रखते हैं।

20. Purvashada Nakshatra ka Swabhav :

पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के जातक स्वभाव से आत्मविश्वासी, दृढ़ निश्चयी और लक्ष्य के प्रति अत्यंत समर्पित होते हैं। ये लोग हार मानने वालों में नहीं होते और विपरीत परिस्थितियों में भी अपने इरादों पर टिके रहते हैं। इनके भीतर नेतृत्व की क्षमता होती है और ये अपने विचारों को प्रभावशाली ढंग से दूसरों के सामने रखने में सक्षम होते हैं।

स्वभाव में स्पष्टता, आत्मसम्मान और कभी-कभी हठ भी दिखाई देता है। ये लोग स्वतंत्र सोच रखते हैं, किसी के दबाव में आसानी से नहीं आते और अपने सिद्धांतों के अनुसार चलना पसंद करते हैं। भावनात्मक रूप से गहरे होते हुए भी बाहर से मजबूत और आत्मनिर्भर दिखाई देते हैं। इस प्रकार 27 Nakshatra aur unka Swabhav को समझकर व्यक्ति अपने व्यवहार और जीवन के patterns को पहचान सकता है।

21. Uttarashada Nakshatra ka Swabhav :

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में जन्मे व्यक्ति स्वभाव से दृढ़ निश्चयी और लक्ष्य के प्रति समर्पित होते हैं। ये लोग कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखते हैं और हार नहीं मानते। इनके भीतर नेतृत्व की स्वाभाविक क्षमता होती है, इसलिए लोग इन पर भरोसा करते हैं।

ऐसे जातक न्यायप्रिय, सच्चाई के पक्षधर और जिम्मेदार होते हैं। कभी-कभी इनका आत्मविश्वास अधिक होने से जिद या कठोरता दिखाई दे सकती है, लेकिन दिल से ये ईमानदार और भलाई चाहने वाले होते हैं। मेहनत, अनुशासन और सम्मान प्राप्त करना इनके जीवन के प्रमुख उद्देश्य होते हैं।

22. Shravana Nakshatra ka Swabhav :

श्रवण नक्षत्र के जातक सामान्यतः ज्ञानप्रिय, सुनने-समझने में कुशल और व्यवहारकुशल होते हैं। ये लोग सलाह देने और सीखने—दोनों में निपुण रहते हैं। परिवार, परंपरा और नैतिक मूल्यों से इनका गहरा जुड़ाव होता है।

इनका स्वभाव शांत, धैर्यवान और जिम्मेदार होता है, पर कभी-कभी दूसरों की बातों से जल्दी प्रभावित हो जाते हैं। सम्मान, प्रतिष्ठा और सही मार्ग पर चलना इनके लिए महत्वपूर्ण रहता है। सही दिशा मिलने पर ये शिक्षा, परामर्श, प्रशासन या आध्यात्मिक क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन करते हैं।

23. Dhanishta Nakshatra ka Swabhav :

धनिष्ठा नक्षत्र के जातक सामान्यतः ऊर्जावान, महत्वाकांक्षी और कर्मठ होते हैं। इनमें आगे बढ़ने की तीव्र इच्छा रहती है और ये अपने लक्ष्य को पाने के लिए निरंतर प्रयास करते हैं। नेतृत्व क्षमता इनका प्रमुख गुण है, इसलिए ये समूह में जल्दी प्रभाव बना लेते हैं। धन, सम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा इनके लिए महत्वपूर्ण होती है। स्वभाव से ये स्पष्टवादी होते हैं, कभी-कभी जल्दबाज़ी या कठोरता भी दिखा सकते हैं, लेकिन भीतर से ये जिम्मेदार और सहयोगी प्रवृत्ति के होते हैं। इस प्रकार 27 Nakshatra aur unka Swabhav को समझकर व्यक्ति अपने व्यवहार और जीवन के patterns को पहचान सकता है।

24. Shatabhisha Nakshatra ka Swabhav :

शतभिषा नक्षत्र के जातक स्वभाव से रहस्यमयी, गंभीर और आत्मनिर्भर होते हैं। ये कम बोलते हैं, लेकिन गहराई से सोचने वाले होते हैं। इन्हें अकेले काम करना पसंद होता है और अपनी दुनिया में रहकर बड़े लक्ष्य तय करते हैं।

इनका झुकाव ज्ञान, शोध, चिकित्सा, आध्यात्म और गूढ़ विषयों की ओर रहता है। भावनाएँ भीतर रखते हैं, इसलिए बाहर से कठोर लग सकते हैं, लेकिन अंदर से संवेदनशील होते हैं। स्वतंत्रता इनकी सबसे बड़ी जरूरत होती है, और बंधन इन्हें असहज कर देते हैं।

कुल मिलाकर, शतभिषा नक्षत्र के लोग गुप्त शक्ति, धैर्य और गहरी समझ के प्रतीक माने जाते हैं।

25. Purva Bhadrapada Nakshatra ka Swabhav :

पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र में जन्मे व्यक्ति गहरे विचारों वाले, गंभीर और वैचारिक रूप से मजबूत होते हैं। इनमें परिवर्तन लाने की तीव्र इच्छा होती है और ये पुरानी परंपराओं को तोड़कर नया मार्ग अपनाने का साहस रखते हैं। ऐसे लोग रहस्यमयी विषयों, आध्यात्म, दर्शन या गूढ़ ज्ञान की ओर आकर्षित रहते हैं।

इनका स्वभाव एक ओर करुणामय और त्यागी होता है, तो दूसरी ओर ज़रूरत पड़ने पर कठोर निर्णय लेने में भी पीछे नहीं हटते। भावनाएँ गहरी होती हैं, लेकिन वे उन्हें आसानी से प्रकट नहीं करते। लक्ष्य के प्रति अत्यंत समर्पित रहने के कारण ये जीवन में बड़ा परिवर्तन लाने वाले व्यक्ति सिद्ध हो सकते हैं।

26. Uttara Bhadrapada Nakshatra Ka Swabhav :

उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में जन्मे लोग स्वभाव से गंभीर, धैर्यवान और भीतर से अत्यंत संवेदनशील होते हैं। ये कम बोलकर गहराई से सोचने वाले होते हैं और अपने निर्णयों पर टिके रहते हैं। जिम्मेदारी निभाना इन्हें स्वाभाविक रूप से आता है, इसलिए परिवार और समाज में भरोसेमंद माने जाते हैं। आध्यात्मिकता, सेवा और परोपकार की ओर इनका झुकाव रहता है। कठिन परिस्थितियों में भी ये शांत रहते हैं और धीरे-धीरे स्थायी सफलता प्राप्त करते हैं।

27. Revati Nakshatra ka Swabhav :

रेवती नक्षत्र में जन्मे लोग स्वभाव से कोमल, दयालु और सहायता करने वाले होते हैं। इनमें दूसरों की भावनाओं को समझने की गहरी क्षमता होती है। ये लोग प्रायः शांतचित्त, सहनशील और समन्वय बनाने में कुशल होते हैं। रेवती जातक जिम्मेदारी निभाने वाले, भरोसेमंद और अपने कार्य को पूर्णता तक ले जाने का प्रयास करने वाले होते हैं। आध्यात्मिक रुचि, करुणा और विनम्रता इनके व्यक्तित्व की प्रमुख पहचान होती है। इस प्रकार 27 Nakshatra aur unka Swabhav को समझकर व्यक्ति अपने व्यवहार और जीवन के patterns को पहचान सकता है।

27 Nakshatra aur unka Swabhav – Saar aur Nishkarsh

समग्र रूप से देखा जाये तो 27 Nakshatra aur unka Swabhav व्यक्ति के चरित्र , भविष्य और कर्मों को समझने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है । यदि जन्म नक्षत्र को सही रूप से समझा जाये , तो जीवन के कई संकेत पहले ही मिल सकते हैं।

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ज्योतिषाचार्य प्रदीप कुमार (Mob) +91-9438741641 (call/ whatsapp)

Acharya Pradip Kumar is the founder of Mystic Shiva Astrology and a practitioner of Vedic astrology with a solution-oriented approach. His work focuses on understanding birth charts as tools for clarity, awareness, and practical decision-making rather than fear-based predictions. Rooted in classical astrological principles and real-life experience, he emphasizes responsible guidance, timing, and conscious remedies aligned with an individual’s life path.

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