शूकर दन्त वशीकरण प्रयोग

Shukar Dant Vashikaran Prayog :

इस सृष्टि में जितने भी प्राणी हैं सभी ईश्वर की रचना है, तथापि सूअर एक ऐसा ऐसा प्राणी है जिसका नाम लेते ही मन घृणा से भर उठता है । अत्यधिक गुस्से में जब किसी को गाली देना हो जुबान पर एक ही शब्द आता है सूअर कहीं का ! परंतु तंत्र विद्या में सूअर का दांत जिसे संस्कृत में शूकर दंत कहा जाता हे बड़े ही कमाल का वस्तु होता है । पुराणों में वर्णित है कि ब्रम्हाजी ने मनु और शतरूपा को सृष्टि की आज्ञा दी । परंतु उसके लिए जिसकी भूमि की आवश्यकता थी, उसे हिरण्याक्ष तकिया बनाकर सोया था । देव गण वहाँ तक न पहुँच सकें इसलिए चारो ओर उसने विष्ठा का घेरा बना दिया था । कोई भी देवता उस विष्ठा के निकट नहीं पहुँच सकते थे इसलिए ब्रम्हा ने विचार किया कि शूकर ही वह प्राणी है जो विष्ठा के समीप भी जा सकता है । उन्होने विष्णु का ध्यान किया और अपनी नासिका से वराह देव को उत्पन्न किया । वराह देव ने समुद्र में उतरकर हिरण्याक्ष का वध किया तथा रसातल से पृथ्वी को बाहर निकाला ।
सुअरों के थूथन से दो दांत निकले होते हैं जिन्हें कुकुर दंत कहा जाता है । ये इतने सख्त तथा मजबूत होते हैं कि किसी का भी पेट फाड़ देते हैं चाहे वह घोड़ा ही क्यों न हो । ऊपर के कुकुर दंत थोड़े घुमावदार होते हैं परंतु नीचे के दांत आकार में बड़े और सीधे होते हैं । जैसे ही इनका जबड़ा बंद होता है दोनो दांत आपस में रगड़ खाते हैं, जिसकी वजह से ये हमेशा नुकीले बने रहते हैं । तंत्र में इन्हीं शूकर दन्त का इस्तेमाल होता है । यह किसी भी कसाई से प्राप्त किया जा सकता है । अथवा किसी ऐसे व्यक्ति से जो सूअर पालता हो । यद्यपि यह भी कहा जाता है कि स्वाभाविक मृत्यु के बाद प्राप्त किया गया दंत ज्यादा कारगर होता है ।

Shukar Dant Vashikaran Prayog Mantra :

इस शूकर दन्त वशीकरण प्रयोग मंत्र (Shukar Dant Vashikaran Prayog Mantra) के द्वारा शूकर दंत लेकर वाराह देव की साधना की जाती है । सिद्ध शूकर दंत की सहायता से वशीकरण ही नहीं अपितु मारण मोहन उच्चाटन, स्तंभन कुछ भी किया जा सकता है । इसलिए वशीकर हेतु शूकर दंत को पहले सिद्ध करना आवश्यक है, जिसकी विधि अत्यंत सरल है । होली दीपावली, दशहरा अथवा ग्रहण काल में अपने दाहिने हाथ में शूकर दंत रखें तथा 108 बार निम्नलिखत शूकर दन्त वशीकरण प्रयोग मंत्र (Shukar Dant Vashikaran Prayog Mantra) का जाप करें –
मंत्र – “ओम ह्नीं क्लीं श्री वाराह दंताय भैरवाय नमः”
जाप पूर्ण होते ही शूकर दंत पर फूंक मारे । इस अभिमंत्रित दंत को ताबीज बनाकर धारण कर लें । इस ताबीज से वशीकरण प्रभाव उत्पन्न होता है । इस ताबीज को पहनकर इच्छित व्यक्ति को सरलता से सम्मोहित किया जा सकता है । वशीकरण के अतिरिक्त यह अभिमंत्रित ताबीज चमत्कारी प्रभाव उत्पन्न करता है ।

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ज्योतिषाचार्य प्रदीप कुमार (मो.) +91-9438741641 {Call / Whatsapp}

Acharya Pradip Kumar is the founder of Mystic Shiva Astrology and a practitioner of Vedic astrology with a solution-oriented approach. His work focuses on understanding birth charts as tools for clarity, awareness, and practical decision-making rather than fear-based predictions. Rooted in classical astrological principles and real-life experience, he emphasizes responsible guidance, timing, and conscious remedies aligned with an individual’s life path.

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