Guhiya Baital Mantra Siddhi: शत्रु के घर में ‘मल’ दिखाने वाली वो खौफनाक तांत्रिक विद्या!
भाई, आज मैं (आचार्य प्रदीप कुमार) तंत्र शास्त्र के उस गुप्त और कड़वे अध्याय को खोलने जा रहा हूँ, जिसे ‘गुहिया बैताल’ कहा जाता है। देखिए भाई, यह कोई बच्चों का खेल नहीं है, बल्कि एक “प्रचंड प्रतिशोध” की विद्या है। हम बात कर रहे हैं Guhiya Baital Mantra Siddhi की। यह वो साधना है जिससे आप शत्रु को शारीरिक चोट पहुँचाए बिना उसे मानसिक और सामाजिक रूप से तोड़ सकते हैं। जब यह मंत्र सिद्ध होता है, तो शत्रु के घर में खाने-पीने की हर चीज़ में सिर्फ ‘मल’ (विष्ठा) ही नज़र आता है।
यह बैताल साधना उन लोगों के लिए है जो शत्रुओं के षड्यंत्रों से तंग आ चुके हैं और उन्हें उनकी सही जगह दिखाना चाहते हैं।
Real Life Case Study: जब शत्रु के थाली में नज़र आने लगा मल!
यह बात कुछ साल पुरानी Khurda (Odisha) का है, मेरे पास एक आदमी आया था जिसका पड़ोसी उसे ज़मीन के विवाद में बहुत प्रताड़ित कर रहा था। उस यजमान ने गुरु-निर्देशन में Guhiya Baital Mantra Siddhi का पूर्ण विधान संपन्न किया। तीसरे रविवार के बाद जब उसने सिद्ध भस्म का प्रयोग किया, तो चमत्कार देखिए—उस पड़ोसी के घर में जो भी खाना बनता, उसमें उसे मल नज़र आने लगा। उसने कई ओझा-गुणी बदले, लेकिन जब तक शांति की भस्म नहीं डाली गई, उसे हर जगह गंदगी ही दिखती रही। अंत में उसने हार मानकर विवाद खत्म किया। भाई, यह है साक्षात् तांत्रिक चमत्कार!
Guhiya Baital Mantra: बैताल को जाग्रत करने वाला मंत्र
इस मंत्र की एक-एक ध्वनि शत्रु के मानसिक संतुलन को हिला देने की शक्ति रखती है:
सिद्धि मंत्र : “ॐ गुहिया बैतालाय नम: ।।”
भाई, बैताल की इस शत्रु नाशक शक्ति के साथ-साथ क्या आप उस गुप्त विद्या को जानते हैं जिससे साधक ‘बीर बैताल’ की कृपा से हवा की रफ़्तार से यात्रा कर सकता है? यहाँ पढ़ें: [Sheeghra Gaman Siddhi Mantra: हवा की रफ्तार से चलने की गुप्त तांत्रिक विद्या]
Guhiya Baital Mantra Siddhi: सिद्ध करने का कठोर विधान
भाई, इस विधि को बड़े ही नियम और ‘शौच क्रिया’ के संयम के साथ करना पड़ता है। ध्यान से एक-एक कदम नोट कर लो:
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आरंभ: यह साधना रविवार की सुबह से शुरू होती है और कुल १५ दिन का नियम है।
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गोबर का संग्रहण: रविवार की प्रभात में ‘कपिला गौ’ का गोबर भूमि पर गिरने से पहले हाथ में रोक लें। फिर एकांत जंगल में इसके ४ कंडे (उपले) बना लें।
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भोजन और संयम: पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करें। केवल कपिला गौ के दूध के साथ ‘नमक रहित’ भोजन ग्रहण करें।
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शौच क्रिया (जप विधि): जब शौच लगे, तो उसी एकांत स्थान पर जाएं। एक कंडे पर दायां पैर, दूसरे पर बायां पैर रखें। तीसरे कंडे पर शौच और चौथे पर पेशाब त्यागते हुए Guhiya Baital Mantra Siddhi का १००० बार जप करें।
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नियमितता: यह क्रिया तीसरे रविवार तक लगातार करनी है।
मंत्र का प्रयोग और शांति की विधि
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शत्रु का दमन: तीसरे रविवार को श्मशान की अग्नि लाकर मल और पेशाब वाले कंडों को अलग-अलग जलाकर भस्म (राख) बना लें। जब आप मल वाले कंडे की भस्म शत्रु के घर में डालेंगे, तो उसे हर जगह सिर्फ विष्ठा ही नज़र आएगी।
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शांति विधान: जब शत्रु को माफ़ करना हो या खेल खत्म करना हो, तो पेशाब वाले कंडे की भस्म वहां फेंक दें। सब कुछ तुरंत सामान्य हो जाएगा।
FAQ: Guhiya Baital Mantra Siddhi पर आपके सवाल
१. क्या Guhiya Baital Mantra Siddhi घर में की जा सकती है?
बिल्कुल नहीं भाई! यह एक अत्यंत गोपनीय और ‘अशुद्ध’ श्रेणी की साधना है, इसे केवल जंगल या निर्जन एकांत स्थान पर ही अंजाम देना चाहिए।
२. क्या नमक रहित भोजन अनिवार्य है?
जी हाँ, तांत्रिक नियमों में सात्विकता और संयम ही मंत्र को शक्ति प्रदान करते हैं। १५ दिन तक नमक का त्याग करना ही होगा।
३. अगर सिद्ध तांत्रिक सामग्री मिलने में दिक्कत हो तो क्या करें?
भाई, असली साधना के लिए असली सामग्री का होना ज़रूरी है। और ना इसमें कोई बड़ा पूजा का सामग्री जरुरत है , जो भी चाहिए सामान्य सामग्री ही ।
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(Mystic Shiva Astrology – भुवनेश्वर, ओडिशा)
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जय माँ कामाख्या!