Diabetes Jyotish Yog के विषय में अनुभवी ज्योतिषियों द्वारा यह देखा गया है कि कुछ विशेष ग्रह स्थितियाँ व्यक्ति के शरीर में मधुमेह जैसी समस्याओं की प्रवृत्ति बना सकती हैं। यह लेख वैदिक ज्योतिष पर आधारित मार्गदर्शन है, अंतिम निर्णय और उपचार सदैव व्यक्ति के विवेक और चिकित्सकीय सलाह पर निर्भर होना चाहिए।
डायबिटीज, जिसे आम भाषा में शुगर या मधुमेह कहा जाता है, एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में इंसुलिन का संतुलन बिगड़ जाता है। कई मामलों में यह रोग लंबे समय तक छुपा रहता है और धीरे-धीरे प्रभाव दिखाता है। अनुभव में देखा गया है कि यह रोग वंशानुगत भी हो सकता है और जीवनशैली से भी प्रभावित होता है।
मधुमेह रोग और ज्योतिष का संबंध
वैदिक ज्योतिष में शरीर और स्वास्थ्य का संबंध ग्रहों से जोड़ा गया है। जब जल तत्व की राशियों या शुक्र-चंद्र जैसे ग्रहों पर पाप प्रभाव अधिक हो जाता है, तब शुगर से संबंधित समस्याओं की संभावना बनती है।
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कुंडली में Diabetes Jyotish Yog कैसे बनता है
अनुभव के आधार पर निम्न स्थितियाँ मधुमेह की प्रवृत्ति दर्शाती हैं:
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कर्क, वृश्चिक या मीन राशि में दो या अधिक पाप ग्रह स्थित हों।
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बृहस्पति यदि लग्नेश के साथ छठे भाव में हो।
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तुला राशि में पाप ग्रहों की अधिकता।
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दूषित शुक्र और चंद्रमा का प्रभाव।
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चंद्र या शुक्र पर मंगल अथवा सूर्य का योग।
ये योग यह संकेत देते हैं कि व्यक्ति को जीवन में शुगर से संबंधित सावधानी रखनी चाहिए, विशेषकर खानपान और दिनचर्या को लेकर।
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शुक्र और चंद्र का मधुमेह से संबंध
ज्योतिषीय दृष्टि से शुक्र शरीर के रस, शर्करा और सुख का कारक है, जबकि चंद्र मन और द्रव तत्व को दर्शाता है। जब ये ग्रह पीड़ित होते हैं, तब मधुमेह रोग की संभावना बढ़ जाती है। कई कुंडलियों में देखा गया है कि ऐसे जातकों को समय रहते स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए।
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रत्न और ज्योतिषीय मार्गदर्शन
अनुभव के आधार पर लग्नेश का रत्न धारण करना सहायक माना गया है। इसके साथ सही विधि से अभिमंत्रित लाल मूंगा और पीला पुखराज धारण करना भी शुभ फलदायक हो सकता है। यह उपाय केवल ज्योतिषीय मार्गदर्शन हैं, चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं। लेकिन आजकाल सही रत्न ना मिलता है , ना सही ज्योतिष । में इसीलिए केहे रहा हूँ , आजकाल आम जनता को ज्योतिष लोग ही लूट रहे हैं । Fake Certificate बनाकर रत्न को High Cost में sale करते हैं , जिससे आम आदमी को सठीक परिणाम ना मिलता है , और ऊपर से ज्योतिषी बिद्या की ऊपर भी भरोषा और बिश्वास उठ जाता है ।
ज्योतिष संकेत देता है, लेकिन जीवनशैली सुधार अत्यंत आवश्यक है। संतुलित आहार, नियमित जांच और अनुशासित दिनचर्या मधुमेह नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
[मधुमेह (Diabetes)]
FAQs
प्रश्न 1: Diabetes Jyotish Yog क्या निश्चित रूप से रोग देता है?
उत्तर: नहीं, यह केवल प्रवृत्ति दर्शाता है। सही जीवनशैली से जोखिम कम किया जा सकता है।
प्रश्न 2: क्या हर कुंडली में ये योग सक्रिय होते हैं?
उत्तर: नहीं, दशा, गोचर और अन्य ग्रह योगों पर निर्भर करता है।
प्रश्न 3: क्या रत्न पहनने से डायबिटीज ठीक हो जाती है?
उत्तर: रत्न सहायक हो सकते हैं, पर चिकित्सकीय उपचार अनिवार्य है।
प्रश्न 4: किन ग्रहों का सबसे अधिक प्रभाव माना जाता है?
उत्तर: शुक्र, चंद्र, बृहस्पति और छठा भाव मुख्य भूमिका निभाते हैं।
प्रश्न 5: क्या Diabetes Jyotish Yog वंशानुगत रोग को दर्शाता है?
उत्तर: कई मामलों में यह वंशानुगत प्रवृत्ति की ओर संकेत करता है।
यदि आप अपनी व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार सही ज्योतिषीय मार्गदर्शन और उपयुक्त उपाय जानना चाहते हैं, तो किसी अनुभवी वैदिक ज्योतिषी से सलाह अवश्य लें।
Acharya Pradip Kumar
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Vedic Astrologer & Tantra Expert
15+ years practical experience