Blood cancer upay in vedic jyotish
Blood Cancer Upay पर चर्चा करते समय अनुभव में देखा गया है कि इस रोग को लेकर लोगों में अत्यधिक भय और भ्रम बना रहता है। कई बार अधूरी जानकारी के कारण व्यक्ति मानसिक रूप से टूट जाता है। यह लेख वैदिक ज्योतिष के आधार पर मार्गदर्शन देने के उद्देश्य से लिखा गया है, न कि चिकित्सा उपचार के विकल्प के रूप में।
यह वैदिक ज्योतिष आधारित मार्गदर्शन है, अंतिम निर्णय हमेशा आपका होगा।
Blood Cancer Kya Hai ?
रक्त कैंसर को सामान्य रूप से ल्यूकीमिया कहा जाता है। इस स्थिति में रक्त बनाने वाली प्रणाली प्रभावित होती है, जिसके कारण श्वेत रक्त कणों की संख्या असंतुलित रूप से बढ़ सकती है और लाल रक्त कणों का निर्माण प्रभावित हो सकता है। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में इसके उपचार के कई तरीके उपलब्ध हैं, इसलिए निराशा या निश्चित नकारात्मक निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है।
ज्योतिषीय दृष्टि से रोग के संकेत
वैदिक ज्योतिष के अनुसार रक्त का मुख्य कारक ग्रह मंगल माना जाता है। अनुभव के आधार पर कुछ सामान्य संकेत इस प्रकार देखे गए हैं:
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मंगल पर शनि या राहु-केतु की दृष्टि होने पर रक्त संबंधी विकार के संकेत मिल सकते हैं।
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तुला राशि में शनि की स्थिति तथा सूर्य की अशुभ भूमिका शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर सकती है।
यह सभी संकेत संभावनाओं की ओर इशारा करते हैं, न कि निश्चित रोग-निर्णय की ओर।
Blood Cancer Upay –
नीचे दिए गए उपाय वैदिक ज्योतिष के अनुभव पर आधारित हैं। इनका उद्देश्य मानसिक संतुलन, आत्मबल और ग्रहों के प्रभाव को संतुलित करना है।
1. रत्न धारण संबंधी मार्गदर्शन
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सोने या तांबे की अंगूठी में माणिक्य धारण करने की परंपरा बताई गई है।
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कुछ कुंडलियों में अनामिका उंगली में नीलम का सुझाव भी दिया जाता है।
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रत्न हमेशा त्वचा के संपर्क में रहना चाहिए।
महत्वपूर्ण: बिना कुंडली जाँच के रत्न धारण न करें। आजके समय में रत्न सही नहीं मिल रहा है , Duplicate Certificate बनाकर रत्न बेचा जाता है । मेरी हिसाब से रत्न के पीछे ना भाग कर आप वैदिक ज्योतिष के आधार पर उपाय करके रोग का इलाज कर सकते हो ।
2. मंगल ग्रह की शांति
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मंगलवार के दिन हनुमान जी को चोला चढ़ाकर हनुमान चालीसा का 9 बार पाठ अवश्य करे ।
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सात्विक भोजन और नियमित दिनचर्या अपनाना।
3. राहु-केतु संतुलन
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घर पर 4 मीठा रोटी बनाओ , रोटी के ऊपर थोडा घी मिलाकर Street Dog को खाने केलिए दीजिये ।
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रोज सुबह मैडिटेशन करे , रोज 15/20 मिनिट निकाल कर अपना इष्ट देव / कुल देवता को प्रणाम और पूजा पाठ अवश्य करे ।
4. सूर्य बल बढ़ाने के उपाय
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प्रातःकाल सूर्य नमस्कार और सूर्य देव को अर्घ अर्पण , आदित्य ह्रदय स्तोत्र का पाठ अत्यंत लाभदायक रहेगा ।
- गो माता को रोटी + गुड रोज प्रदान करना ना भूले ।
कई क्लाइंट्स की कुंडली में यह देखा गया है कि जब व्यक्ति ज्योतिषीय मार्गदर्शन के साथ-साथ चिकित्सा सलाह का पालन करता है, तो उसका मानसिक बल और उपचार के प्रति विश्वास मजबूत होता है।
FAQ :
प्रश्न 1. क्या Blood Cancer Upay से रोग पूरी तरह ठीक हो सकता है?
यह उपाय सहायक मार्गदर्शन हैं, चिकित्सा उपचार अनिवार्य है।
प्रश्न 2. क्या हर व्यक्ति के लिए रत्न पहनना सही होता है?
नहीं, यह पूरी तरह कुंडली और दशा पर निर्भर करता है।
प्रश्न 3. इन उपायों का प्रभाव कब तक दिखता है?
मानसिक स्थिरता में सुधार अपेक्षाकृत जल्दी दिख सकता है, समय व्यक्ति-विशेष पर निर्भर करता है।
प्रश्न 4. क्या उपचार के साथ ये उपाय किए जा सकते हैं?
हाँ, चिकित्सक की सलाह के साथ इन्हें सहायक रूप में अपनाया जा सकता है।
यदि आप अपनी व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार सही मार्गदर्शन और उपाय जानना चाहते हैं, तो किसी अनुभवी वैदिक ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें।
Acharya Pradip Kumar (Mob) +91-9438741641 (Call/ Whatsapp)
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