बगलामुखी मंत्र साधना

माँ की दस महाविद्याओं में से 8वीं महाविद्या माँ बगलामुखी को स्तम्भन की देवी कहा गया है । कलियुग के समय में बगलामुखी मंत्र साधना (Baglamukhi Mantra Sadhna) से साधक के सभी कार्य शीघ्र सिद्ध होने लगते है ।

Benefits Of Baglamukhi Mantra Sadhna :

मारण , मोहन , उच्चाटन , वशीकरण , अनिष्ट ग्रहों की शांति , मनचाहे व्यक्ति का मिलन , धनप्राप्ति , शत्रुओं का नाश एवं मुकदमे में विजय प्राप्त करने के लिए माँ बगलामुखी का मंत्र साधना (Baglamukhi Mantra Sadhna) और अनुष्ठान शीघ्र फल प्रदान करने वाले है ।

माँ बगलामुखी :-

समयानुसार युग परिवर्तन होता रहता है और अनेकों बार देवताओं एवम् मनुष्यों पर दैत्यों एवम् अन्य प्रकार की विपदाएं उपस्थित हुई है । ऐसी विकट परिस्थितियों में ‘आदि शक्ति ‘ ने किसी न किसी रूप में उपस्थित होकर देवताओं और मानव के दु:खों का हरण किया । एक बार ऐसे ही सतयुग काल में महा विनाशकारी तूफ़ान आया । उस तूफ़ान की प्रचंडता से स्रष्टि की कार्य प्रणाली अस्त -व्यस्त हो गयी । देवता , दानव , यक्ष ,किन्नर ,मनुष्य , पशु -पक्षी आदि सभी त्राहि-त्राहि करने लगे । एक प्रकार से हाहाकार की स्थिति उत्पन्न हो गयी । स्वयं भगवान श्री हरि विष्णु जी चिंतित हो उठे । तब उन्होंने सौराष्ट्र देश के हरिद्रा नामक सरोवर के निकट जाकर तप करना आरम्भ किया । उनकी कठिन तपस्या के प्रभाव से मंगलवार चतुर्दशी की अर्धरात्रि को देवी बगलामुखी का आविर्भाव हुआ ।
देवी ने प्रसन्न होकर श्री विष्णु को इच्छित वर प्रदान किया जिसके कारण संसार का कल्याण हुआ । निगम शास्त्र में जिन्हें ” बल्गा -मुखी ” कहा जाता है । आगम शास्त्रों में इन्हें ” बगलामुखी ” कहा जाता है । इस देवी को ब्रह्मास्त्र विद्या एवं त्रिशक्ति भी कहा जाता है । कलियुग में चमत्कारी प्रभाव दिखाने में यह अग्रणी देवी है । तात्पर्य यह है कि देवी अतिशीघ्र प्रसन्न होकर साधक को मनोवांछित फल प्रदान करती है । कई बार इनके चमत्कार हुए है । कलियुग के इस दौर में जहाँ विज्ञान अपने आविष्कारों से असंभव को संभव कर दिखा रहा है । वहीँ देवी बगलामुखी के आराधक एवम् साधक देवी की कृपा से चमत्कारिक शक्ति अर्जित करके फलीभूत हो रहे है ।
Baglamukhi Mantra Sadhna Siddhi
@ माँ बगलामुखी की फोटो , यंत्र व हल्दी की माला और पीले वस्त्र, पीला आसन और चौकी पर बिछाने के लिए पीला कपड़ा ये सामग्री आप बाज़ार से ले आये । माँ बगलामुखी की साधना (Baglamukhi Mantra Sadhna) में पीले वस्त्रों का प्रयोग करना अनिवार्य है ।
@ माँ बगलामुखी का बीज मंत्र 36 अक्षरों से मिलकर बना है । माँ बगलामुखी को 36 का अंक बहुत प्रिय है इसीलिए साधना में मंत्र जप की संख्या आप 3600 या 36000 ही रखे ।
@ माँ बगलामुखी की साधना रात्रि में की जानी चाहिए इसलिए रात्रि 09 बजे के बाद कोई भी समय निश्चित कर प्रतिदिन उसी समय पर साधना करें ।
@ निर्धारित किये मंत्र जप को आप 41 दिन में पूरा करें और प्रतिदिन मंत्र जप की संख्या समान रखे ।
@ दक्षिण दिशा की तरफ एक चौकी पर पीला वस्त्र बिछाकर माँ बगलामुखी की फोटो और यंत्र को स्थापित करें । अब आप फोटो के सामने पीला आसन बिछाकर व पीले वस्त्र पहनकर बैठ जाये ।
@ माँ बगलामुखी की फोटो के सामने चौकी के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाये ।
@ अब हाथ में जल लेकर संकल्प ले और हल्दी की माला द्वारा मंत्र जप आरम्भ करें । मंत्र जप पूर्ण होने के बाद फिर से हाथ में जल लेकर संकल्प ले ।
@ 41 दिनों तक एक समय और एक ही स्थान पर बगलामुखी मंत्र साधना (Baglamukhi Mantra Sadhna) करें । 41 दिन पूरे होने पर जितने मंत्र जप आपने इन दिनों में किये है उनके 10वें भाग से आहुति देकर हवन करें ।
*** बगलामुखी मंत्र :***
” ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलय बुध्दिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा “
घर में धन-लक्ष्मी की वृद्धि के लिए , अपने शत्रुओं के नाश के लिए , घर से ऊपरी बाधाओं को दूर रखने के लिए माँ बगलामुखी यंत्र को सिद्ध करके घर में पूजा स्थल पर स्थित करें व नियमित रूप से यंत्र की पूजा करें ।
बगलामुखी यंत्र को सिद्ध करने के लिए चौकी पर यंत्र की स्थापना कर व दीपक जलाकर माँ बगलामुखी मंत्र के 5000 मंत्रों का जप करें । अगले दिन 500 मन्त्रों की आहुति द्वारा हवन करें । हवन सम्पूर्ण होने पर यंत्र को हवन के ऊपर से 21 बार माँ बगलामुखी का ध्यान करते हुए घुमाये व हवन की भभूती द्वारा तिलक कर पूजा स्थल में स्थापित करें । अब आप नियमित रूप से माँ बगलामुखी के 108 मंत्र जप प्रतिदिन करें । शीघ्र ही आपको माँ बगलामुखी के चमत्कार घर में दिखाई देने लगेंगे ।
बगलामुखी मंत्र साधना (Baglamukhi Mantra Sadhna) का प्रयोग बड़े-बड़े राजनेता अपने प्रतिद्वन्धियों को परास्त करने के लिए व मुकदमों में विजय प्राप्त करने के लिए आदि काल से करते आये है । बगलामुखी साधना (Baglamukhi Mantra Sadhna) से साधक की आँखों में इतना तेज आने लगता है कि शत्रु दूर से ही आत्म-समर्पण करने लगते है । माँ बगलामुखी के दिए गये मंत्र द्वारा साधना करने से साधक की मनोकामना अवश्य ही पूर्ण होती है । माँ बगलामुखी की इस साधना (Baglamukhi Mantra Sadhna) को यदि कोई व्यक्ति करने में असमर्थ हो तो वह अपने कार्य को सिद्ध करने हेतु किसी विद्वान् पंडित द्वारा विधिवत् बगलामुखी पाठ को सम्पूर्ण करवा सकता है ।

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जय माँ कामाख्या

Acharya Pradip Kumar is the founder of Mystic Shiva Astrology and a practitioner of Vedic astrology with a solution-oriented approach. His work focuses on understanding birth charts as tools for clarity, awareness, and practical decision-making rather than fear-based predictions. Rooted in classical astrological principles and real-life experience, he emphasizes responsible guidance, timing, and conscious remedies aligned with an individual’s life path.

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