Bhoot Pret Se Bachne Ke Upay

Bhoot Pret Se Bachne Ke Upay :

(ज्योतिष साहित्य के मूल ग्रंथों- प्रश्नमार्ग, वृहत्पराषर, होरा सार, फलदीपिका, मानसागरी आदि में ज्योतिषीय योग हैं जो प्रेत पीड़ा, पितृ दोष आदि बाधाओं से मुक्ति का उपाय बताते हैं ।) अथर्ववेद में प्रेत और दुष्ट आत्माओं को भगाने से संबंधित अनेक उपायों का वर्णन मिलता है । यहां प्रस्तुत है भूत प्रेतबाधा से बचने के सरल उपाय (Bhoot Pret Se Bachne Ke Upay)।
1. ॐ या रुद्राक्ष का अभिमंत्रित लॉकेट गले में पहने और घर के बाहर एक त्रिशूल में जड़ा ॐ का प्रतीक दरवाजे के ऊपर लगाएं । सिर पर चंदन, केसर या भभूति का तिलक लगाएं। हाथ में मौली (नाड़ा) अवश्य बांध कर रखें ।
2. दीपावली के दिन सरसों के तेल का या शुद्ध घी का दिया जलाकर काजल बना लें । यह काजल लगाने से भूत, प्रेत और दुष्ट आत्मा, पिशाच, डाकिनी आदि से रक्षा होती है और बुरी नजर से भी रक्षा होती है ।
3. घर में रात्रि को भोजन पश्चात सोने से पूर्व चांदी की कटोरी में देवस्थान या किसी अन्य पवित्र स्थल पर कपूर तथा लौंग जला दें । इससे आकस्मिक, दैहिक, दैविक एवं भौतिक संकटों से मुक्त मिलती है ।
4. प्रेत और दुष्ट आत्मा बाधा दूर करने के लिए पुष्य नक्षत्र में चिड़चिटे अथवा धतूरे का पौधा जड़सहित उखाड़ कर उसे धरती में ऐसा दबाएं कि जड़ वाला भाग ऊपर रहे और पूरा पौधा धरती में समा जाएं । इस उपाय (Bhoot Pret Se Bachne Ke Upay) से घर में प्रेतबाधा नहीं रहती और व्यक्ति सुख-शांति का अनुभव करता है ।

5. Bhoot Pret Se Bachne Ke Upay Mantra :

हनुमत मंत्र – “ऊँ ऐं ह्रीं श्रीं ह्रां ह्रीं ह्रूं ह्रैं ऊँ नमो भगवते महाबल पराक्रमाय भूत-प्रेत पिशाच-शाकिनी-डाकिनी-यक्षणी-पूतना-मारी-महामारी, यक्ष राक्षस भैरव बेताल ग्रह राक्षसादिकम् क्षणेन हन हन भंजय भंजय मारय मारय शिक्षय शिक्षय महामारेश्वर रुद्रावतार हुं फट् स्वाहा।”
इस हनुमान मंत्र का पांच बार जाप करने से भूत कभी भी निकट नहीं आ सकते ।
6. अशोक वृक्ष के सात पत्ते मंदिर में रख कर पूजा करें । उनके सूखने पर नए पत्ते रखें और पुराने पत्ते पीपल के पेड़ के नीचे रख दें। यह क्रिया नियमित रूप से करें, आपका घर भूत-प्रेत और दुष्ट आत्मा बाधा, नजर दोष आदि से मुक्त रहेगा ।
7. गणेश भगवान को एक पूरी सुपारी रोज चढ़ाएं और एक कटोरी चावल दान करें । यह क्रिया एक वर्ष तक करें, नजर दोष व भूत-प्रेत बाधा आदि के कारण बाधित सभी कार्य पूरे होंगे।
8. मां काली के लिए उनके नाम से प्रतिदिन अच्छी तरह से पवित्र की हुई दो अगरबत्ती सुबह और दो दिन ढलने से पूर्व लगाएं और उनसे घर और शरीर की रक्षा करने की प्रार्थना करें।
9. हनुमान चालीसा और गजेंद्र मोक्ष का पाठ करें और हनुमान मंदिर में हनुमान जी का श्रृंगार करें व चोला चढ़ाएं।
10. मंगलवार या शनिवार के दिन बजरंग बाण का पाठ शुरू करें। यह भूत प्रेत से बचने का सरल उपाय (Bhoot Pret Se Bachne Ke Upay) है साथ साथ बेफालतू मानशिक दुश्चिंता और डर से मुक्ति मिलता है।
इस तरह यंहा कुछ सरल और प्रभावशाली उपाय (Bhoot Pret Se Bachne Ke Upay) दिया गया हैं, जिनका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं होता। ध्यान रहें, नजर दोष, भूत-प्रेत बाधा आदि से मुक्ति हेतु उपाय ही करने चाहिए टोना या टोटके नहीं।
सावधानी : सदा हनुमानजी का स्मरण करें। चतुर्थी, तेरस, चौदस और अमावस्या को पवित्रता का पालन करें। शराब न पीएं और न ही मांस का सेवन करें।

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जय माँ कामाख्या

Acharya Pradip Kumar is the founder of Mystic Shiva Astrology and a practitioner of Vedic astrology with a solution-oriented approach. His work focuses on understanding birth charts as tools for clarity, awareness, and practical decision-making rather than fear-based predictions. Rooted in classical astrological principles and real-life experience, he emphasizes responsible guidance, timing, and conscious remedies aligned with an individual’s life path.

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