The Best Way to Forgive Crores of Debt

The Best Way to Forgive Crores of Debt :

कर्ज लेने तथा कर्ज देने की परम्परा प्राचीन काल से चली आ रही है ऐसा बहुत कम ही व्यक्ति होगा जिसने अपने जीवन काल में कर्ज नहीं लिया हो । वर्तमान समय में तो ऐसी स्थिति बनी हुई है की हम जो भी कार्य करते है बैंक से ऋण लेकर अब तो बैंक से ऋण लेना लोगो के लिए मजबूरी बन गया क्योकि यदि आपके पास पैसा है और आप पूरा कैश रुपया देकर गाडी या मकान खरीद लेते है तो इनकम टैक्स का नोटिस आ जाएगा की आपके पास इतना पैसा कहा से आया पूरा ब्योरा प्रस्तुत करे इत्यादि इत्यादि। कर्ज लेने का सीधा सम्बन्ध व्यक्ति की आर्थिक स्थिति से होता है सामान्यतः वही व्यक्ति कर्ज लेता है जिसकी आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं होती है । व्यक्ति हिम्मत दिखाकर कर्ज लेता है और कोई नया कार्य करता है । कई बार तो किसी गंभीर बिमारी के कारण इतना खर्च करना पड़ता है कि करोड़ों के कर्ज (Crores of Debt) लेना पड़ता है ।
अब प्रश्न उत्पन्न होता है व्यक्ति कर्ज वा ऋण तो लेता है परन्तु उसे उसे लौटा नही पाता है तथा उसकी पूरी जिंदगी कर्ज चुकाते-चुकाते खत्म हो जाती है । जातक कई बार कोशिश करता है की किसी भी तरह से कर्ज चुका दू लेकिन परिस्थिति ऐसी नही बन पाती की कर्ज चुका दे । जातक के पास एक के बाद एक परेशानी मुँह बाए खड़ी रहती है और कर्ज के जाल व्यक्ति फसता चला जाता है । कई बार तो लोग करोड़ों के कर्ज (Crores Of Debt) न चुका पाने के कारण आत्महत्या तक भी कर लेते है ।
आज हम इस लेख के माध्यम से यह बताना चाहते है की यह उपाय आपका करोड़ों के कर्ज (Crores of Debt) , ऋण या उधार लौटाने में सकारात्मक भूमिका निभाएगा । ऐसा भी नहीं है की केवल यह उपाय करने से ही कर्ज से मुक्ति मिल जाएगी इसके लिए आपको पुरुषार्थ तो करनी ही पड़ेगी यह उपाय तो उसी प्रकार से काम करेगा जिस प्रकार एक वृद्ध व्यक्ति लाठी के सहारे गंतव्य स्थान पर पहुंच जाता है तो यह उपाय आपके लिए लाठी की तरह ही काम करेगा वह भी इस बात पर निर्भर करेगा की आप कितनी श्रद्धा और विश्वास के साथ इस उपाय को कर रहे है ।

Here are, 21 Ways to Get Rid Of Crores of Debt :

1 .यदि आप प्रतिदिन “ऋणमोचक मंगल स्तोत्र” का पाठ करते है तो निश्चित ही कर्ज से मुक्ति मिलेगी।
2 .यदि आप करोड़ों के कर्ज (Crores of Debt) से मुक्ति चाहते है तो कर्ज का प्रथम किश्त मंगलवार से देना प्रारम्भ करना चाहिए निश्चित ही आपका कर्ज निर्विघ्न समाप्त हो जाएगा ।
3. यदि आप किसी को कर्ज दे रहे है तो किसी भी महीने की शुक्लपक्ष की द्वितीय, तृतीया, चतुर्थी, षष्ठी, सप्तमी,अष्टमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी तथा पूर्णिमा तिथि तथा मंगलवार के दिन ही कर्ज देने चाहिए।यदि उपरोक्त दिन और तिथि दोनों एक साथ मिल जाए तो उसी दिन कर्ज देना चाहिए ।
4 .यदि आपको कर्ज लेना पड़े तो बुधवार को कर्ज लेंने से जल्दी ही कर्ज से छुटकारा मिल जाता है ।
5 .कर्ज लेने जाते समय घर से निकलते वक्त जो स्वर चल रहा हो, उस समय वही पांव बाहर निकालें तो कार्य सिद्धि होती है, परंतु जिस समय सूर्य स्वर चले उसी समय कर्ज देना अच्छा माना जाता है ।
6 .”वास्तविकता में, लाल मसूर की दाल का दान करने से शीघ्र ही कर्ज वा ऋण से मुक्ति प्राप्त हो सकती है ।”
7 .मंगलवार तथा शनिवार के दिन हनुमानजी के चरणों में तेल-सिंदूर चढ़ाएं और माथे पर सिंदूर का तिलक लगाएं उसके उपरांत हनुमान चालीसा का पाठ करने से शीघ्र ही करोड़ों के कर्ज (Crores of Debt) से मुक्ति मिलती है ।
8 .”जैसे ही सर्व-सिद्धि-बीसा-यंत्र को धारण किया जाता है, तुरंत ही कर्ज से मुक्ति प्राप्त होती है ।”
9 .सर्वबाधा विनाशक, ऋणहर्ता गणेश स्तोत्र का प्रतिदिन नियमपूर्वक पाठ करने से ऋण से मुक्ति मिलती है । गणेश स्तोत्र का पाठ शुक्लपक्ष के बुधवार से अथवा गणेश चतुर्थी के दिन से आरम्भ करना चाहिए ।
10 .बुधवार को सवा पाव मूंग उबालकर घी-शक्कर मिलाकर गाय को खिलाने से शीघ्र ही कर्ज से मुक्ति मिलती है ।
11 .सिद्ध-कुंजिका-स्तोत्र का नित्य पाठ करने से करोड़ों के कर्ज (Crores of Debt) से मुक्ति मिलती है ।
12. घर के मुख्यद्वार की चौखट पर अभिमंत्रित काले घोड़े की नाल अथवा शनि यंत्र शनिवार के दिन लगाने से भी कर्ज से मुक्ति मिलती है ।
13. ताम्रपत्र पर कर्जनाशक मंगल यंत्र (भौम यंत्र) अभिमंत्रित करके पूजा करें या सवा चार रत्ती का मूंगायुक्त कर्ज मुक्ति मंगल यंत्र अभिमंत्रित करके गले में धारण करें ।
14 .श्मशान के कुएं का जल लाकर किसी पीपल के वृक्ष पर चढ़ाना चाहिए । यह कार्य नियमित रुप से ७ शनिवार को किया जाना चाहिए ।
15 .करोड़ों के कर्ज (Crores of Debt) से मुक्ति के लिये निम्न मंत्रों में से किसी एक का जाप नित्य प्रति करें-
(क) “ॐ गणेश! ऋण छिन्धि वरेण्यं हुं नमः फट्।”
(ख) “ॐ मंगलमूर्तये नमः।”
(ग) “ॐ गं ऋणहर्तायै नमः।”
(घ) “ॐ अत्रेरात्मप्रदानेन यो मुक्तो भगवान् ऋणात् दत्तात्रेयं तमीशानं नमामि ऋणमुक्तये।”
16. “जब मंगलवार का दिन आए, तो शिव मंदिर की शांतिपूर्ण गोदी में खुद को समर्पित क रें। शिवलिंग पर मसूर की दाल की प्रसाद के रूप में, ‘ॐ ऋण-मुक्तेश्वर महादेवाय नमः’ मंत्र का जाप करते हुए ऊपर चढ़ाएं।”
17 . भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र के सम्मुख ७ बार, २१ बार या अधिक-से-अधिक ऋग्वेद के इस प्रसिद्ध मन्त्र का जप करें-
“ॐ भूरिदा भूरि देहिनो, मादभ्रं भूर्या भर।
भूरि धेदिन्द्र दित्ससि।
ॐ भूरि दाह्यसि श्रुतः पुरुजा शूर वृत्रहन्।
आ नो भजस्व राधसि।”
(हे लक्ष्मीपते! आप दानी हैं, साधारण दानदाता ही नहीं बहुत बड़े दानी हैं । आप्तजनों से सुना है कि संसारभर से निराश होकर जो याचक आपसे प्रार्थना करता है उसकी पुकार सुनकर उसे आप आर्थिक कष्टों से मुक्त कर देते हैं-उसकी झोली भर देते हैं। हे भगवान्! मुझे इस करोड़ों के कर्ज (Crores of Debt) से मुक्त कर दो।)
18. ऋणमोचक यन्त्र को किसी मंगलवार के दिन शुभमुहूर्त में, भोजपत्र के ऊपर, अनार की कलम से अष्टगंध के द्वारा लिखें । इसे प्रतिष्ठित कर निम्न मन्त्र की एक माला जप करें-“ॐ नमः भौमाय” फिर यन्त्र को ताबीज में भरकर धारण करें ।
19. यदि आप “गजेन्द्र-मोक्ष-स्तोत्र” का प्रतिदिन नियमित पाठ करे । इसे अधिक प्रभावशाली बनाने के लिये यदि गजेन्द्र-मोक्ष-स्तोत्र के उपरान्त “नारायण-कवच” का पाठ भी नियमित करते है तो निश्चित ही आपकी परेशानी दूर होगी ।
20. ईशान कोण में साक्षात ईश्वर का वास होता अतः इस स्थान में कूड़ा कचड़ा न रखे ऐसा करने से कर्ज बढ़ता है अतः इस स्थान को बिल्कुल साफ़ और स्वच्छ रखे तथा इस कोण मंस छोटे छोटे पौधे लगाकर रखे । प्रतिदिन इस पौधे का देखभाल करें। ऐसा करने से आपके जीवन में आने वाली छोटी छोटी परेशानी शीघ्र ही समाप्त हो जायेगी ।
21. अपने घर के मुख्य द्वार पर आगे-पीछे गणपति की प्रतिमा लगाने से घर में समृद्धि आती है ।
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Acharya Pradip Kumar is the founder of Mystic Shiva Astrology and a practitioner of Vedic astrology with a solution-oriented approach. His work focuses on understanding birth charts as tools for clarity, awareness, and practical decision-making rather than fear-based predictions. Rooted in classical astrological principles and real-life experience, he emphasizes responsible guidance, timing, and conscious remedies aligned with an individual’s life path.

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