Janam Kundli Mein Dhan Yog: Khud Dekhiye Aapki Kismat Mein Kitna Paisa Hai

अगर आप “Janam Kundli mein Dhan Yog” जानना चाहते हैं तो यह लेख आपके लिए खास है…। अगर आप थोड़ा भी ज्योतिष जानते हैं तो अपनी जन्मकुंडली में धनवान होने के योग स्वयं देख सकते हैं। जानिए कुछ प्रमुख चमत्कारी धनवान योग-

Janam Kundli mein Dhan Yog क्या है?

* अगर जन्मकुंडली के दूसरे भाव में शुभ ग्रह बैठा हो तो जातक के पास अथाह पैसा आता है।
* जन्म कुंडली के दूसरे भाव पर शुभ ग्रह की दृष्टि हो तब भी भरपूर धन के योग बनते हैं।
* दूसरे भाव के स्वामी यानी द्वितीयेश को धनेश माना जाता है अत: उस पर शुभ ग्रह की दृष्टि हो तब भी व्यक्ति को धन की कमी नहीं रहती।
* दूसरे भाव का स्वामी यानी द्वितीयेश के साथ कोई शुभ ग्रह बैठा हो तब भी व्यक्ति के पास खूब पैसा रहता है।
* जब बृहस्पति यानी गुरु कुंडली के केंद्र में स्थित हो।
* बुध पर गुरु की पूर्ण दृष्टि हो। (5,7,9)
* बृहस्पति लाभ भाव (ग्यारहवें भाव) में स्थित हो।
* द्वितीयेश उच्च राशि का होकर केंद्र में बैठा हो।
* लग्नेश लग्न स्थान का स्वामी जहां बैठा हो, उससे दूसरे भाव का स्वामी उच्च राशि का होकर केंद्र में बैठा हो।
* धनेश व लाभेश उच्च राशिगत हों।
* चंद्रमा व बृहस्पति की किसी शुभ भाव में युति हो।
* बृहस्पति धनेश होकर मंगल के साथ हो।
* चंद्र व मंगल दोनों एकसाथ केंद्र में हों।
* चंद्र व मंगल दोनों एकसाथ त्रिकोण में हों।
* चंद्र व मंगल दोनों एकसाथ लाभ भाव में हों।
* लग्न से तीसरे, छठे, दसवें व ग्यारहवें भाव में शुभ ग्रह बैठे हों।
* सप्तमेश दशम भाव में अपनी उच्च राशि में हो।
* सप्तमेश दशम भाव में हो तथा दशमेश अपनी उच्च राशि में नवमेश के साथ हो।
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“अब आपने समझ लिया कि Janam Kundli mein Dhan Yog किन ग्रहों और भावों से बनता है। अपनी कुंडली में ऐसे योग जानने के लिए किसी अनुभवी ज्योतिषाचार्य से संपर्क करें या हमारी वेबसाइट aghortantra.com पर और पढ़ें।”

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ज्योतिषाचार्य प्रदीप कुमार (Mob) +91- 9438741641 (call/ whatsapp)

Acharya Pradip Kumar is the founder of Mystic Shiva Astrology and a practitioner of Vedic astrology with a solution-oriented approach. His work focuses on understanding birth charts as tools for clarity, awareness, and practical decision-making rather than fear-based predictions. Rooted in classical astrological principles and real-life experience, he emphasizes responsible guidance, timing, and conscious remedies aligned with an individual’s life path.

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