Janam Kundli Mein Mrityu Yog Kaise Dekhe ?

ज्योतिषशास्त्र के द्वारा जन्मकुंडली में बने सत्य घटना मृत्यु योग (Janam Kundli Mein Mrityu Yog ) के बारे में सभी लोग जानते होंगे की जिसने जन्म लिया है उसकी मृत्यु निश्चित ही है । मृत्यु को कोई न रोक सकता न कोई टाल सकता है जो जन्मा है तो उसका मरना भी लिखा है ।
हमारे प्राचीन ऋषि-महर्षियों ने ज्योतिष की गणना के आधार पर जीवन और मृत्यु के बारे में जन्म कुंडली में अनेक योग (Janam Kundli Mein Mrityu Yog) बताएं हैं जसके आधार पर मृत्यु कैसे होगी किस प्रकार से होगी । परन्तु आज हम मृत्यु योग के अनेक योगों में से एक विशेष योग पर ही चर्चा करेंगे ।

Janam Kundli Mein Mrityu Yog aur Navansh se Mrityu Yog ka Gyaan :

जन्म कुंडली में लग्न चक्र और नवांश को देखकर यह बताया जा सकता है की मृत्यु कैसे होगी ।
जन्मकुंडली में लग्न के स्वामी का नवांश मेष हो तो पित्तदोष, पीलिया, ज्वर, जठराग्नि आदि से संबंधित बीमारी से मृत्यु होती है ।
जन्मकुंडली में लग्न के स्वामी का नवांश, वृष हो तो एपेंडिसाइटिस, शूल या दमा आदि से मृत्यु होती है ।
जन्मकुंडली में लग्न के स्वामी का नवांश मिथुन हो तो मेनिन्जाइटिस, सिर शूल, दमा आदि से मृत्यु होती है ।
जन्मकुंडली में लग्न के स्वामी का नवांश, कर्क हो तो वात रोग से मृत्यु हो सकती है ।
जन्मकुंडली में लग्न के स्वामी का नवांश सिंह हो तो व्रण, हथियार या अम्ल से अथवा अफीम, मय आदि के सेवन से मृत्यु होती है ।
जन्मकुंडली में लग्न के स्वामी का नवांश कन्या हो तो जातक बवासीर, मस्से आदि रोग से मृत्यु होती है ।
जन्मकुंडली में लग्न के स्वामी का नवांश तुला राशि हो तो जातक घुटने तथा जोड़ों के दर्द अथवा किसी जानवर के आक्रमण चतुष्पद (पशु) के कारण मृत्यु होती है ।
जन्मकुंडली में लग्न के स्वामी का नवांश वृश्चिक राशि हो तो संग्रहणी,यक्ष्मा आदि से मृत्यु होती है ।
जन्मकुंडली में लग्न के स्वामी का नवांश , धनु हो तो जातक विष ज्वर, गठिया आदि के कारण मृत्यु हो सकती है ।
जन्मकुंडली में लग्न के स्वामी का नवांश मकर राशि हो तो अजीर्ण, अथवा, पेट की किसी अन्य व्याधि से मृत्यु हो सकती है ।
जन्मकुंडली में लग्न के स्वामी का नवांश कुंभ राशि हो तो जातक श्वास संबंधी रोग, क्षय, भीषण ताप, लू आदि से मृत्यु हो सकती है ।
जन्मकुंडली में लग्न के स्वामी का नवांश मीन हो तो जातक की धातु रोग, बवासीर, भगंदर, प्रमेह, गर्भाशय के कैंसर आदि से मृत्यु होती है । यह था जन्म कुंडली में कुछ मृत्यु योग(Janam Kundli Mein Mrityu Yog) के बारे में , जो यंहा आपके सामने रखा हूँ , इस तरह ब्लॉग पोस्ट के ऊपर अधिक जानकारी केलिए हमारे साथ जुड़े रहे ।

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ज्योतिषाचार्य प्रदीप कुमार : +91- 9438741641 (call/ whatsapp)

Acharya Pradip Kumar is the founder of Mystic Shiva Astrology and a practitioner of Vedic astrology with a solution-oriented approach. His work focuses on understanding birth charts as tools for clarity, awareness, and practical decision-making rather than fear-based predictions. Rooted in classical astrological principles and real-life experience, he emphasizes responsible guidance, timing, and conscious remedies aligned with an individual’s life path.

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