Lagna Anusar Dhan Yog: 12 Lagnon ke Anusar Dhan Yog ka Sampoorna Vishleshan

Lagna Anusar Dhan Yog जन्म कुंडली में आर्थिक संभावनाओं को समझने का एक महत्वपूर्ण आधार माना जाता है। अनुभव में देखा गया है कि कई लोगों की कुंडली में धन के स्पष्ट योग होते हैं, लेकिन सही पहचान न होने के कारण वे उनका पूरा लाभ नहीं उठा पाते।

यह वैदिक ज्योतिष आधारित मार्गदर्शन है, अंतिम निर्णय हमेशा आपका था आगे भी आपका ही रहेगा। वैदिक ज्योतिष (Brihat Parashara Hora Shastra) के अनुसार धन की स्थिति मुख्यतः द्वितीय भाव, एकादश भाव, नवम भाव तथा दशम भाव से जुड़ी होती है। जब इन भावों के स्वामी या शुभ ग्रह परस्पर संबंध बनाते हैं, तब जन्म कुंडली में धन योग की संभावना बढ़ती है।


Mesh Lagna Anusar Dhan Yog

मेष लग्न की कुंडली में यदि सूर्य, मंगल, गुरु और शुक्र नवम भाव में हों तथा शनि सप्तम भाव में स्थित हो, तो यह एक प्रभावशाली धन योग बनाता है। नवम भाव भाग्य का भाव है, और जब अग्नि तत्व के लग्न में यह संयोजन बनता है, तो व्यक्ति को भाग्य से आर्थिक सहयोग मिलता है।

यदि लग्न में सूर्य और चतुर्थ भाव में चंद्र हों, तो यह भी धन वृद्धि का संकेत देता है।


Vrishabh Lagna Anusar Dhan Yog

वृष लग्न की कुंडली में यदि बुध और गुरु एकसाथ हों तथा मंगल की दृष्टि उन पर हो, तो व्यापारिक बुद्धिमत्ता और निवेश क्षमता बढ़ती है। अनुभव के आधार पर ऐसे जातक वित्तीय निर्णयों में सफल पाए गए हैं।


Mithun Lagna Anusar Dhan Yog

यदि मिथुन लग्न की कुंडली में चंद्र, मंगल और शुक्र द्वितीय भाव में हों, तो यह धन संचय का संकेत देता है।

दूसरे योग में यदि शनि नवम भाव में तथा चंद्र और मंगल ग्यारहवें भाव में हों, तो आय के स्रोत स्थिर होते हैं।


Kark Lagna Anusar Dhan Yog

यदि चंद्र, मंगल और गुरु दूसरे भाव में तथा शुक्र और सूर्य पंचम भाव में हों, तो यह प्रबल धन योग माना जाता है।

यदि लग्न में चंद्र तथा सप्तम में मंगल हो, तो साझेदारी से लाभ मिलता है।

लग्न में चंद्र और चतुर्थ में शनि होने पर संपत्ति से संबंधित लाभ संभव है।

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Singh Lagna Anusar Dhan Yog

यदि सूर्य, मंगल और बुध कहीं भी एक साथ हों, तो यह प्रशासनिक या नेतृत्व क्षमता से धन अर्जन का संकेत देता है।

सूर्य, बुध और गुरु का संयोजन भी ज्ञान आधारित आय का योग बनाता है।


Kanya Lagna Anusar Dhan Yog

यदि शुक्र और केतु दोनों धन भाव में हों, तो अप्रत्याशित स्रोतों से आय संभव है।


Tula Lagna Anusar Dhan Yog

चतुर्थ भाव में शनि संपत्ति और भूमि से लाभ का संकेत देता है।

गुरु अष्टम भाव में हो तो दीर्घकालिक निवेश से लाभ संभव होता है।


Vrishchik Lagna Anusar Dhan Yog

यदि बुध और गुरु एक साथ हों या परस्पर सप्तम दृष्टि में हों, तो यह बौद्धिक क्षमता से धन अर्जन का योग बनता है।


Dhanu Lagna Anusar Dhan Yog

दशम भाव में शुक्र होने पर कार्य क्षेत्र से सम्मान और आय दोनों बढ़ते हैं।


Makar Lagna Anusar Dhan Yog

यदि मंगल लग्न में तथा चंद्र सप्तम भाव में हो, तो व्यापार और साझेदारी से धन लाभ संभव है।


Kumbh Lagna Anusar Dhan Yog

यदि गुरु किसी शुभ भाव में बलवान होकर बैठा हो, तो यह दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता का संकेत देता है।

दशम भाव में शनि होने पर परिश्रम से स्थायी सफलता मिलती है।


Meen Lagna Anusar Dhan Yog

लाभ भाव में मंगल होने पर आय के नए अवसर बनते हैं।

यदि छठे में गुरु, आठवें में शुक्र, नवम में शनि तथा ग्यारहवें में चंद्र-मंगल हों, तो यह बहु-स्रोत आय का संकेत देता है।


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मेरा अनुभब से बोल रहा हूँ , मैंने अपने 15 सालों की करियर में देखा है की कई बार मेष और कर्क लग्न में प्रवल धन योग होने के बाजूद लोग आर्थिक तंगी का सामना करते हैं ।इसका बड़ा कारण ग्रहों का अंश (डिग्री) में कमजोर होना या गलत दशा का चलना ।तो मेरा कहेना मानो , सिर्फ अपना जन्म कुंडली में ग्रहों का युति या योग देखकर खुस ना हों , वल्कि उस ग्रहों को सही उपायों से (Activate) करना सिखों ।


FAQ – Lagna Anusar Dhan Yog

Q1. क्या हर कुंडली में Lagna Anusar Dhan Yog बनता है?
हर कुंडली में धन के संकेत होते हैं, पर उनकी शक्ति और परिणाम ग्रह बल पर निर्भर करते हैं।

Q2. धन योग होने पर भी धन क्यों नहीं टिकता?
यदि द्वितीय या एकादश भाव पर पाप ग्रहों का प्रभाव हो, तो धन संचय में बाधा आ सकती है।

Q3. क्या Lagna Anusar Dhan Yog से करोड़पति बनना निश्चित है?
नहीं। यह संभावनाओं का संकेत देता है, अंतिम परिणाम कर्म, दशा और परिस्थितियों पर निर्भर करता है।

Q4. धन योग कब फल देता है?
जब संबंधित ग्रह की दशा या अंतरदशा चलती है, तब परिणाम अधिक स्पष्ट दिखाई देते हैं।

Q5. क्या उपाय से धन योग मजबूत किया जा सकता है?
अनुभव के आधार पर उचित मंत्र, दान और ग्रह शांति से सकारात्मक प्रभाव बढ़ सकता है।


समापन :

Lagna Anusar Dhan Yog हमें यह समझने में सहायता करता है कि आर्थिक संभावनाएँ कहाँ छिपी हैं। यदि आपकी कुंडली में इन योगों का निर्माण हो रहा है, तो सही दिशा और परिश्रम के साथ बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।

यदि आप अपनी व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार सटीक मार्गदर्शन और उपाय जानना चाहते हैं, तो किसी अनुभवी वैदिक ज्योतिष से अवश्य परामर्श लें।


Acharya Pradip Kumar (Mob) +91- 9438741641 (Call/ Whatsapp)
Vedic Astrologer & Tantra Expert
15+ years practical experience

Acharya Pradip Kumar is the founder of Mystic Shiva Astrology and a practitioner of Vedic astrology with a solution-oriented approach. His work focuses on understanding birth charts as tools for clarity, awareness, and practical decision-making rather than fear-based predictions. Rooted in classical astrological principles and real-life experience, he emphasizes responsible guidance, timing, and conscious remedies aligned with an individual’s life path.

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