Mahashivratri Rashifal Upay: Rashi Anusar Shivji Ko Prasann Karne Ke Achook Totke

Mahashivratri Rashifal Upay वैदिक ज्योतिष का वह दिव्य मार्ग है, जिसके माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन में ग्रहों की पीड़ा को शांत कर सकता है। भगवान शिव समस्त तंत्र, मंत्र, यंत्र, ज्योतिष, ग्रह और नक्षत्रों के आदि देव माने गए हैं। इस कारण महाशिवरात्रि का पर्व ग्रह शांति और आत्मिक उन्नति के लिए अत्यंत प्रभावशाली होता है।

Mahashivratri Rashifal Upay यदि चंद्र राशि के अनुसार किए जाएं, तो पाप ग्रह भी शुभ फल देने लगते हैं और कमजोर ग्रह बलवान हो जाते हैं। इन उपायों से धन, स्वास्थ्य, वैवाहिक सुख, संतान और मानसिक शांति प्राप्त होती है।

यह लेख वैदिक ज्योतिष पर आधारित है। सटीक फलादेश हेतु व्यक्तिगत कुंडली का विश्लेषण आवश्यक है।


Mahashivratri Rashifal Upay ke Lakshan

महाशिवरात्रि पर राशि अनुसार किए गए उपायों के प्रभाव से

  • मानसिक तनाव में कमी

  • ग्रहों की अशुभ दृष्टि से राहत

  • कार्यों में आ रही रुकावटों का निवारण

  • धन एवं सुख-सुविधाओं में वृद्धि

  • आध्यात्मिक चेतना का विकास देखने को मिलता है।


Mahashivratri Rashifal Upay ke Karan

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार महाशिवरात्रि की रात्रि में शिव तत्व अत्यंत सक्रिय होता है। इस समय चंद्रमा की स्थिति , ग्रह दशा , नक्षत्र प्रभाव तेजी से फल देते हैं। इसलिए चंद्र राशि के अनुसार उपाय करना अधिक प्रभावी माना गया है।


Mahashivratri Rashifal Upay (Rashi-wise)

मेष राशि:
मेष राशि के स्वामी मंगल हैं। कर्ज मुक्ति और धन लाभ के लिए शिवजी को शहद व गुड़ अर्पित करें। मसूर की दाल अर्पित करने से ऋण बाधा समाप्त होती है।

वृषभ राशि:
शुक्र ग्रह की शांति हेतु शिवजी को चावल अर्पित करें और रुद्राष्टाध्यायी का पाठ करें। इससे दांपत्य और भौतिक सुख बढ़ते हैं।

मिथुन राशि:
गन्ने का रस अर्पित करें। 1008 बिल्वपत्र “ॐ नमः शिवाय” मंत्र के साथ चढ़ाने से कार्यों में वृद्धि होती है।

कर्क राशि:
दूध से अभिषेक करें और “ॐ नमः शिवाय” या “ॐ जूं सः” मंत्र का जाप करें। चंद्र ग्रह पीड़ा और ग्रहण दोष शांत होता है।

सिंह राशि:
काले पत्थर के शिवलिंग पर लाल चंदन, गुड़हल पुष्प अर्पित करें। आर्थिक अभाव दूर होता है।

कन्या राशि:
108 बिल्वपत्र व 108 धतूरा अर्पित करें। शिव महिम्न स्तोत्र का पाठ करें। नौकरी व व्यापार में लाभ होता है।

तुला राशि:
केसर युक्त दूध अर्पित करें और गरीबों को खीर खिलाएं। भोग-विलास और सुख साधनों में वृद्धि होती है।

वृश्चिक राशि:
तांबे का नाग शिवलिंग पर स्थापित करें। नाग दोष, पितृ दोष व मंगल दोष का निवारण होता है।

धनु राशि:
इत्र अर्पित करें, गुलाब पुष्पों से श्रृंगार करें और सहस्त्र नाम का पाठ करें। संकट दूर होते हैं।

मकर राशि:
जलाभिषेक करें, काले तिल व तिल की मिठाई अर्पित करें। 108 आक के पुष्प चढ़ाएं।

कुंभ राशि:
पंचोपचार पूजन करें, गौघृत अर्पित करें और शिवाष्टक का पाठ करें। विवाह बाधा दूर होती है।

मीन राशि:
केसर युक्त दूध या पंचामृत से अभिषेक करें। जनेऊ अर्पित करें और 11 या 21 माला मंत्र जाप करें।


Jyotish Drishti se Mahashivratri Rashifal Upay

इन उपायों का प्रभाव कुंडली के भाव, ग्रह दशा और गोचर पर निर्भर करता है। विशेष रूप से चंद्र, शनि और राहु से संबंधित दोषों में यह उपाय अत्यंत फलदायक माने जाते हैं।


Mahashivratri Rashifal Upay ke Samay Me Aksar Hone Wali Galtiyan

  • बिना राशि जाने उपाय करना

  • मंत्र जप में अशुद्ध उच्चारण

  • श्रद्धा के स्थान पर केवल प्रयोग करना

  • व्यक्तिगत कुंडली की अनदेखी


Conclusion

Mahashivratri Rashifal Upay यदि श्रद्धा और विधि से किए जाएं, तो जीवन में अद्भुत परिवर्तन संभव है। यह पर्व केवल पूजा नहीं, बल्कि आत्मिक शुद्धि और ग्रह शांति का अवसर है।
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FAQs – Mahashivratri Rashifal Upay

Q1. Mahashivratri Rashifal Upay kis rashi ke anusar karein?
उत्तर: चंद्र राशि के अनुसार करना सर्वोत्तम होता है।

Q2. Kya ek se adhik upay ek sath kiye ja sakte hain?
उत्तर: हाँ, पर विधि और श्रद्धा आवश्यक है।

Q3. Kya in upayon se grah dosh samapt ho jate hain?
उत्तर: अधिकांश मामलों में ग्रह पीड़ा शांत होती है।

Q4. Mahashivratri ke upay kab tak asar dikhate hain?
उत्तर: व्यक्ति की कुंडली पर निर्भर करता है।

Q5. Kya bina pandit ke upay kiye ja sakte hain?
उत्तर: सरल उपाय स्वयं किए जा सकते हैं, पर जटिल दोषों हेतु विशेषज्ञ आवश्यक है।


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Acharya Pradip Kumar
Vedic Astrologer & Tantra Expert | aghortantra.com
15+ वर्षों का व्यावहारिक ज्योतिष अनुभव

Acharya Pradip Kumar is the founder of Mystic Shiva Astrology and a practitioner of Vedic astrology with a solution-oriented approach. His work focuses on understanding birth charts as tools for clarity, awareness, and practical decision-making rather than fear-based predictions. Rooted in classical astrological principles and real-life experience, he emphasizes responsible guidance, timing, and conscious remedies aligned with an individual’s life path.

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