Mangal Bhav Anusar Phal 2026 Predictions for Career, Marriage & Health

Mangal Bhav Anusar Phal 2026 Complete Guide :

Mangal Bhav Anusar Phal 2026 वैदिक ज्योतिष का एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है, क्योंकि मंगल साहस, ऊर्जा, क्रोध, भूमि, रक्त और कर्मशक्ति का प्रतिनिधि ग्रह है। कुंडली में मंगल की स्थिति व्यक्ति के स्वभाव, स्वास्थ्य, विवाह और करियर पर गहरा प्रभाव डालती है।

Mangal Bhav Anusar Phal 2026 को समझकर यह जाना जा सकता है कि किस भाव में मंगल शुभ फल देता है और किस स्थिति में जीवन में संघर्ष, दुर्घटना या मानसिक अशांति बढ़ाता है। 2026 में मंगल की ऊर्जा को सही दिशा देना विशेष रूप से आवश्यक है।


Mangal Bhav Anusar Phal 2026 ke Lakshan :

मंगल के भाव अनुसार फल व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्तर पर प्रकट होते हैं। कहीं यह पराक्रम देता है तो कहीं अत्यधिक क्रोध, रोग और वैवाहिक तनाव भी।


Mangal Bhav Anusar Phal 2026 ke Karan :

मंगल के फल उसके:

  • भाव स्थान

  • उच्च, नीच या स्वराशि स्थिति

  • दृष्टि

  • दशा–महादशा

  • 2026 के गोचर प्रभाव पर निर्भर करते हैं। जब मंगल अशुभ भावों में नीच या पीड़ित होता है, तब उसके नकारात्मक फल अधिक स्पष्ट होते हैं।


Mangal Bhav Anusar Phal 2026 – 12 Bhav Vishleshan

लग्न भाव:
बाल्यकाल में पेट व दांत संबंधी रोग, दुर्बलता, चंचल स्वभाव, सुखों की कमी।

द्वितीय भाव:
धन उतार-चढ़ाव वाला, धातु व्यापार से लाभ, ऋण द्वारा धन प्राप्ति।

तृतीय भाव:
भाइयों से मतभेद, कमजोर शरीर। उच्च मंगल विलासी, नीच मंगल धन हानि देता है।

चतुर्थ भाव:
मानसिक अशांति, गृह सुख में कमी, भ्रमणशील स्वभाव।

पंचम भाव:
संतान सुख में बाधा। बलवान मंगल होने पर संतान होती है, पर स्वास्थ्य कमजोर।

षष्ठ भाव:
योद्धा प्रवृत्ति, प्रतियोगिता में विजय। नीच मंगल दुर्घटना व पाप प्रवृत्ति देता है।

सप्तम भाव:
वैवाहिक तनाव। नीच मंगल पत्नी के स्वास्थ्य में बाधा, उच्च मंगल चंचल जीवनसाथी।

अष्टम भाव:
जलभय, अचानक संकट, विवाह में देरी व बाधाएं।

नवम भाव:
भाग्य में उतार-चढ़ाव, शिल्प व तकनीकी विद्या में रुचि।

दशम भाव:
भूमि-संपत्ति योग, नेतृत्व क्षमता, कर्मक्षेत्र में सफलता।

एकादश भाव:
क्रोध व पीड़ा, परंतु उच्च मंगल धन, तेज और सौभाग्य देता है।

द्वादश भाव:
अत्यधिक खर्च, चंचलता, भोग-विलास की प्रवृत्ति।


Mangal Bhav Anusar Phal 2026 ke Upay :

2026 में मंगल दोष शांति के लिए:

  1. मंगल मंत्र जाप – “ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः”

  2. मंगलवार को लाल मसूर या तांबा दान करें

  3. शिव पूजा और हनुमान चालीसा पाठ विशेष लाभकारी

  4. गोमेद या मूंगा धारण केवल योग्य ज्योतिषी की सलाह से धारण कर सकते हो, मेरा सलाह है , आप रत्न के चक्कर में न फसकर आप Spiritual Remedies अपना बेहत मंगलकारी होगा ।

  5. मंगलवार व्रत से नकारात्मक ऊर्जा में कमी किया जा सकता है ।


Jyotish Drishti se Mangal Bhav Anusar Phal 2026 :

यदि 2026 में मंगल की महादशा, अंतरदशा या गोचर अशुभ भावों को सक्रिय कर रहा हो, तो क्रोध, दुर्घटना, भूमि विवाद और वैवाहिक तनाव बढ़ सकते हैं। शुभ दृष्टि या योग होने पर वही मंगल साहस, पद और संपत्ति देता है।


Mangal Bhav Anusar Phal 2026 ke Samay Hone Wali Galtiyan

  • बिना कुंडली जांच रत्न पहनना

  • इंटरनेट देखकर उपाय करना

  • जल्दबाजी में विवाह निर्णय

  • मंगल दोष को नजरअंदाज करना

इन गलतियों से समस्या और बढ़ सकती है।


Conclusion :

Mangal Bhav Anusar Phal 2026 यह स्पष्ट करता है कि मंगल न तो पूर्णतः शुभ है और न ही पूर्णतः अशुभ। सही मार्गदर्शन और 2026 के अनुरूप उपायों से इसके नकारात्मक प्रभावों को शांत किया जा सकता है।
यदि आप अपनी जन्मकुंडली के अनुसार व्यक्तिगत उपाय जानना चाहते हैं, तो AghorTantra.com पर परामर्श बुक करें।


FAQs

1. Mangal Bhav Anusar Phal 2026 से बचने का सबसे असरदार उपाय क्या है?
कुंडली अनुसार मंत्र जाप और दान सबसे प्रभावी उपाय हैं।

2. मंगल अशुभ है या शुभ, यह कैसे पहचानें?
भाव, राशि, दृष्टि और दशा देखकर सही निष्कर्ष निकलता है।

3. क्या मंगल का असर विवाह पर पड़ता है?
हां, विशेषकर सप्तम और अष्टम भाव में।

4. क्या 2026 में मंगल दोष अधिक प्रभावी रहेगा?
कुछ राशियों में गोचर के कारण प्रभाव बढ़ सकता है।

5. क्या बिना कुंडली उपाय करना सही है?
नहीं, यह नुकसानदायक हो सकता है।


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Acharya Pradip Kumar is the founder of Mystic Shiva Astrology and a practitioner of Vedic astrology with a solution-oriented approach. His work focuses on understanding birth charts as tools for clarity, awareness, and practical decision-making rather than fear-based predictions. Rooted in classical astrological principles and real-life experience, he emphasizes responsible guidance, timing, and conscious remedies aligned with an individual’s life path.

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