Mangal Dosh Ke Fayde: Kundli Mein Mangal Dosh Kab Banata Hai Safalta Aur Dhan Yog

Mangal Dosh Ke Fayde ज्योतिष शास्त्र में अक्सर अनदेखे रह जाते हैं। अधिकांश लोग मंगल दोष को केवल विवाह से जोड़कर देखते हैं, जबकि कुंडली में स्थित मंगल ग्रह कई विशेष परिस्थितियों में व्यक्ति को साहस, संपत्ति और सफलता भी प्रदान करता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली का मंगल दोष भी लाभ का कारक बन सकता है । मंगल ग्रह को ज्योतिष में मनुष्य की भावनाओं का स्वामी माना जाता है । इसलिए यह वैवाहिक जीवन की हरेक भावनाओं को प्रभावित करता है ।
विवाह के समय विशेष तौर पर मंगल दोष को देखना महत्वपूर्ण हो जाता है । मंगल का कुंडली के कुछ विशेष भावों में स्थित होना मंगल दोष कहलाता है । मान्यता है कि मंगली व्यक्ति का विवाह मंगली से ही कराया जाना चाहिए । अन्यथा वैवाहिक जीवन में बड़ी समस्याएं आ सकती हैं। कभी कभी मंगल दोष अत्यधिक अशुभ भी साबित होता है ।

Jyotish Shastra Me Mangal Dosh Ka Vastavik Arth :

मंगल एक क्रूर ग्रह है, इसलिए विवाह पर इसका प्रभाव होना एक समस्या बनता है । जिस व्यक्ति की कुंडली में मंगल दोष होता है। उसे विवाह के मामले में सावधानी रखनी चाहिए । मंगल अपना सबसे अधिक प्रभाव कुंडली के लग्न, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम और द्वादश भाव में डालता है । जिस कारण यह मंगल दोष पैदा करता है। यही कारण है कि Mangal Dosh Ke Fayde और नुकसान दोनों को कुंडली देखकर ही समझना चाहिए। यह अगर कुछ मामलों में खराब होता है तो कुछ मामलों में विशेष तरह का लाभ भी देता है । इसीलिए Mangal Dosh Ke Fayde aur nuksan दोनों को कुण्डली देखकर समझना चाहिए

Pratham Bhav Me Mangal Dosh Ke Fayde :

व्यक्ति बहुत ज्यादा सुन्दर नहीं होता, चेहरे पर लालिमा रहती है । उसके ऊपर मंगल का प्रभाव साफ देखने को मिलता है । यहां मंगल माता और जीवनसाथी के प्रति खराब व्यवहार करवाता है । यहाँ वैवाहिक जीवन में समस्याएं आ जाती हैं। व्यक्ति साहसी और पराक्रमी होता है । कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी समस्याओं पर विजय प्राप्त कर लेता है । इस मंगल के प्रभाव को समाप्त करने के लिए नियमित रूप से गुड़ का सेवन करें। लाल रंग का प्रयोग कम से कम करें । इसीलिए कई कुंडलियाँ में  Mangal Dosh Ke Fayde व्यक्ति को असाधारण शक्तिशाली बना देते हैं

Chaturth Bhav Me Mangal Dosh Ke Sakaratmak Parinam :

यह मंगल दोष सबसे कम अशुभ प्रभाव पैदा करता है। यह मंगल वैवाहिक जीवन में तालमेल में समस्या देता है । ऐसे लोग बड़े शक्तिशाली और आकर्षक होते हैं । दूसरों को बड़ी तेजी से अपनी और आकर्षित करते हैं । इस मंगल के प्रभाव को समाप्त करने के लिए हनुमान जी की उपासना करें। घर में सूर्य के प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था करें । यह देखा गया है कि कुछ कुंडलियों में मंगल दोष व्यक्ति को कमजोर नहीं बल्कि असाधारण रूप से शक्तिशाली बनाता है। इसी कारण ज्योतिष में Mangal Dosh Ke Fayde को सही दृष्टिकोण से समझना आवश्यक माना गया है।

Saptam Bhav Me Mangal Dosh Se Milne Wale Fayde :

यह मंगल व्यक्ति के अंदर उग्रता और हिंसा पैदा करता है । इसके कारण व्यक्ति चीज़ों को लेकर बहुत ज्यादा उपद्रव करता है। इस मंगल के कारण अक्सर वैवाहिक जीवन में हिंसा आ जाती है । लेकिन यह मंगल संपत्ति और संपत्ति सम्बन्धी कार्यों में लाभकारी होता है। व्यक्ति बड़े पद और ढेर सारी सम्पत्तियों का स्वामी होता है। इस मंगल के प्रभाव को समाप्त करने के लिए मंगलवार का उपवास रखना चाहिए । एक ताम्बे का छल्ला, मंगलवार को,अनामिका अंगुली में धारण करें ।

Ashtam Bhav Me Mangal Dosh Ke Vishesh Fayde :

यह मंगल वाणी और स्वभाव को ख़राब कर देता है। इसके कारण जीवन में अकेलापन पैदा होता है। कभी कभी पाइल्स और त्वचा की समस्या हो जाती है। ऐसा मंगल वैवाहिक जीवन में अलगाव या दुर्घटनाओं का कारण बनता है ।
इस मंगल के कारण आकस्मिक रूप से धन लाभ होता है। व्यक्ति कभी कभी अच्छा शल्य चिकित्सक भी बन जाता है। इस मंगल के प्रभाव को समाप्त करने के लिए नित्य प्रातः मंगल के मंत्र का जाप करें। हर मंगलवार को हनुमान जी को चमेली का तेल और सिन्दूर चढ़ाएं ।

Dwadash Bhav Me Mangal Dosh Ke Fayde Aur Prabhav :

यह मंगल सुख और विलास की इच्छा को भड़काता है । ऐसे लोग किसी भी चीज़ से संतुष्ट नहीं होते हैं । यह मंगल वैवाहिक जीवन तथा रिश्तों में अहंकार की समस्या देता है । यह मंगल दोष भी सामान्य नकारात्मक होता है, बहुत ज्यादा नहीं । इस मंगल के कारण व्यक्ति विदेश में खूब सफलता पाता है। ढेर सारे लोगों के प्रेम और आकर्षण का पात्र बनता है। ऐसा मंगल होने पर मंगलवार का उपवास रखना लाभदायक होता है।

Kya Sach Me Mangal Dosh Ke Fayde Hote Hain?

अतः यह स्पष्ट है कि हर स्थिति में मंगल दोष नकारात्मक नहीं होता। कई मामलों में Mangal Dosh Ke Fayde व्यक्ति को साहस,
आर्थिक मजबूती और उच्च पद प्रदान करते हैं। इसलिए कुंडली का मूल्यांकन डर के बजाय ज्ञान के साथ करना चाहिए।
ज्योतिषाचार्य प्रदीप कुमार (Mob) +91 -9438741641 (call/ whatsapp)

Acharya Pradip Kumar is the founder of Mystic Shiva Astrology and a practitioner of Vedic astrology with a solution-oriented approach. His work focuses on understanding birth charts as tools for clarity, awareness, and practical decision-making rather than fear-based predictions. Rooted in classical astrological principles and real-life experience, he emphasizes responsible guidance, timing, and conscious remedies aligned with an individual’s life path.

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