Masoodon ki sujan upay: Dard, Bleeding aur Infection ka Vedic Nidan

Masoodon ki sujan upay के विषय में अनुभव में देखा गया है कि बहुत से लोग मसूड़ों के दर्द, जलन और खून आने की समस्या को सामान्य मानकर अनदेखा कर देते हैं। समय के साथ यही समस्या दांतों की जड़ कमजोर होने, इंफेक्शन बढ़ने और दांत टूटने तक का कारण बन सकती है।
यह वैदिक ज्योतिष आधारित मार्गदर्शन है, अंतिम निर्णय सदैव आपका होगा।


मसूड़ों की सूजन क्यों होती है?

दांतों में कीड़े लगने या लगातार दर्द बने रहने पर मसूड़ों में सूजन आना एक सामान्य लेकिन गंभीर संकेत है। मसूड़ों में जलन, लालिमा और गलने जैसी स्थिति तब बनती है जब दांतों की नियमित देखभाल नहीं की जाती।

दांत साफ न करने से दांतों पर पपड़ी जैसी परत जम जाती है, जिसे प्लाक कहा जाता है। इसी प्लाक में सड़न पैदा करने वाले बैक्टीरिया पनपते हैं। ये कीटाणु दांतों के साथ-साथ मसूड़ों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। परिणामस्वरूप मसूड़े फूल जाते हैं, लाल हो जाते हैं और ब्रश करते समय दर्द के साथ खून आने लगता है।

Read : Astrological reasons for kidney diseases


मसूड़ों की समस्या और वैदिक ज्योतिषीय कारण

अनुभव के आधार पर ज्योतिष में दांत और मसूड़ों को ग्रहों से जोड़ा गया है।

  • शुक्र या मंगल ग्रह के नीच होने पर दांतों से संबंधित अनेक रोग देखे जाते हैं।

  • दांत और मसूड़ों पर बृहस्पति ग्रह का विशेष अधिकार माना गया है।

  • शुक्र और मंगल दांतों में विकार उत्पन्न करते हैं।

  • कन्या लग्न में यदि बृहस्पति नीच हो, या मंगल अथवा चंद्र लग्न में स्थित हो, तो दांत व मसूड़ों के रोग की आशंका बढ़ जाती है।

कई कुंडलियों में देखा गया है कि इन ग्रह योगों के कारण उपचार करने पर भी समस्या बार-बार लौट आती है।

Read : Astrological reasons for Oral Cancer


Masoodon ki sujan upay (ज्योतिषीय निदान)

मसूड़ों की सूजन, दर्द और खून की समस्या में वैदिक ज्योतिष के अनुसार कुछ रत्न सहायक माने गए हैं:

  • मूनस्टोन धारण करना मानसिक तनाव को शांत कर दांतों की समस्या में सहायक माना जाता है।

  • पीला गोमेद पहनना मसूड़ों से संबंधित संक्रमण में लाभकारी माना गया है।

  • पुखराज धारण करने से बृहस्पति को बल मिलता है, जिससे दांत और मसूड़ों की कमजोरी कम हो सकती है।

  • मोती पहनना भी कुछ मामलों में शुभ फल देता है।

ध्यान रहे, रत्न धारण कुंडली के अनुसार ही करना उचित होता है। लेकिन आजकल रत्न पत्थर मार्केट पर सही नही मिलता है , और जो भी मिलता है , वो आजकल ज्योतिष लोग कुछ Duplicate Certificate चिपकाकर आदमी लोग से चढ़ा Rate से बेचते हैं। तो आप साबधान रहे और सही ज्योतिष सलाह लेकर रत्न की जगह कुछ Spiritual Remedies अपनाकर लाभ उठा सकते हो ।


सावधानियां जो अक्सर नजरअंदाज हो जाती हैं

  • मसूड़ों से लगातार खून आना सामान्य नहीं है।

  • दर्द को दबाने के लिए केवल दवा पर निर्भर रहना समस्या को बढ़ा सकता है।

  • बिना सलाह के रत्न पहनना नुकसानदायक हो सकता है।

[Shitajwar ka karan kya hai?]


अनुभव आधारित मार्गदर्शन

कई क्लाइंट्स की कुंडलियों में देखा गया है कि जब ग्रहों का संतुलन सुधारा गया और साथ में दांतों की सही देखभाल की गई, तो मसूड़ों की समस्या में स्थायी सुधार आया। केवल बाहरी इलाज ही नहीं, अंदरूनी कारणों को समझना भी उतना ही आवश्यक है।

[मसूड़ों की सूजन (gingivitis)]


FAQ – Masoodon ki sujan upay

Q1. मसूड़ों में सूजन और खून आने का मुख्य कारण क्या है?
अक्सर प्लाक, बैक्टीरिया और दांतों की सही सफाई न होना मुख्य कारण होता है।

Q2. Masoodon ki sujan upay में रत्न कब असर दिखाते हैं?
रत्न का प्रभाव धीरे-धीरे दिखाई देता है और यह व्यक्ति की कुंडली पर निर्भर करता है।

Q3. क्या मसूड़ों की समस्या ग्रह दोष से भी हो सकती है?
हाँ, अनुभव में शुक्र, मंगल और बृहस्पति से जुड़े दोषों में दांतों की समस्या देखी गई है।

Q4. क्या बिना कुंडली देखे पुखराज या मोती पहन सकते हैं?
बिना कुंडली जांच के रत्न पहनना उचित नहीं माना जाता।

Q5. मसूड़ों के इंफेक्शन में केवल ज्योतिषीय उपाय पर्याप्त हैं?
नहीं, साथ में दंत स्वच्छता और चिकित्सकीय सलाह भी आवश्यक है।


यदि आप अपनी व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार मसूड़ों की समस्या का सही कारण और उपयुक्त उपाय जानना चाहते हैं, तो किसी अनुभवी वैदिक ज्योतिष से सलाह अवश्य लें।


Acharya Pradip Kumar
Mob: +91-9438741641 (Call / WhatsApp)
Vedic Astrologer & Tantra Expert
aghortantra.com
15+ years practical experience

Acharya Pradip Kumar is the founder of Mystic Shiva Astrology and a practitioner of Vedic astrology with a solution-oriented approach. His work focuses on understanding birth charts as tools for clarity, awareness, and practical decision-making rather than fear-based predictions. Rooted in classical astrological principles and real-life experience, he emphasizes responsible guidance, timing, and conscious remedies aligned with an individual’s life path.

Sharing Is Caring:

Leave a Comment