Navgrah Beej Mantra वैदिक ज्योतिष का वह शक्तिशाली साधन है, जिसके माध्यम से कुंडली में स्थित ग्रहों को संतुलित किया जा सकता है। जब जन्म कुंडली में कोई ग्रह अशुभ फल देता है, तब केवल दान या रत्न ही नहीं, बल्कि सही मंत्र-जप ही उस ग्रह की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में मोड़ता है।
वैदिक शास्त्रों के अनुसार प्रत्येक ग्रह का अपना बीज मंत्र, तांत्रिक मंत्र, जप संख्या और दान विधि होती है। Navgrah Beej Mantra का नियमित, श्रद्धापूर्वक और सही विधि से जप करने पर मानसिक शांति, कर्म सुधार और जीवन में स्थिरता आती है।
यह जानकारी वैदिक ज्योतिष पर आधारित है। किसी भी मंत्र साधना से पूर्व अपनी व्यक्तिगत कुंडली का विश्लेषण अवश्य करवाएं।
Navgrah Beej Mantra ke Lakshan
जब कुंडली में ग्रह अशांत होते हैं, तब व्यक्ति को कई प्रकार के संकेत दिखाई देते हैं:
-
बिना कारण मानसिक तनाव और भय
-
कार्यों में बार-बार विफलता
-
स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव
-
संबंधों में कड़वाहट
-
धन रुकना या अचानक हानि
ऐसे समय में Navgrah Beej Mantra का जप ग्रहों की नकारात्मक तरंगों को शांत करता है और उनके शुभ फल को सक्रिय करता है।
Navgrah Beej Mantra ke Karan
ग्रह दोष उत्पन्न होने के प्रमुख कारण निम्न हो सकते हैं:
-
ग्रहों की नीच स्थिति
-
पाप ग्रहों की दृष्टि
-
राहु-केतु का प्रभाव
-
महादशा / अंतर्दशा का असंतुलन
-
पूर्व जन्म या वर्तमान कर्म दोष , इन सभी परिस्थितियों में Navgrah Beej Mantra एक सुरक्षित और शास्त्रसम्मत उपाय माना गया है।
Navgrah Beej Mantra ke Upay
नीचे नौ ग्रहों के बीज मंत्र, तांत्रिक मंत्र, जप संख्या और दान दिए जा रहे हैं:
सूर्य (रवि)
-
तांत्रिक मंत्र: ॐ ह्रां ह्रीं हौं सः सूर्याय नमः
-
बीज मंत्र: ॐ घृणि: सूर्याय नमः
-
जप संख्या: 7,000
-
दान: माणिक्य, गेहूं, गुड़, ताम्र, लाल वस्त्र
चंद्र (सोम)
-
तांत्रिक मंत्र: ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः
-
बीज मंत्र: ॐ सों सोमाय नमः
-
जप संख्या: 11,000
-
दान: चावल, घी, कपूर, शंख
मंगल (भौम)
-
तांत्रिक मंत्र: ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
-
बीज मंत्र: ॐ अंगारकाय नमः
-
जप संख्या: 10,000
-
दान: मसूर दाल, लाल वस्त्र, गुड़, ताम्र
बुध
-
तांत्रिक मंत्र: ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः
-
बीज मंत्र: ॐ बुं बुधाय नमः
-
जप संख्या: 9,000
-
दान: मूंग, हरा वस्त्र, कांस्य
गुरु (बृहस्पति)
-
तांत्रिक मंत्र: ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः
-
बीज मंत्र: ॐ ब्रं बृहस्पतये नमः
-
जप संख्या: 19,000
-
दान: हल्दी, पीला वस्त्र, चना दाल
शुक्र
-
तांत्रिक मंत्र: ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः
-
बीज मंत्र: ॐ शुं शुक्राय नमः
-
जप संख्या: 16,000
-
दान: घी, सुगंध, रौप्य, सफेद वस्त्र
शनि
-
तांत्रिक मंत्र: ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनये नमः
-
बीज मंत्र: ॐ शं शनैश्चराय नमः
-
जप संख्या: 23,000
-
दान: तिल, तेल, काला वस्त्र
राहु
-
तांत्रिक मंत्र: ॐ भ्रां भ्रीं भ्रों सः राहवे नमः
-
बीज मंत्र: ॐ रां राहवे नमः
-
जप संख्या: 18,000
-
दान: गोमेद, कंबल, लोहा
केतु
-
तांत्रिक मंत्र: ॐ स्रां स्रीं स्रों सः केतवे नमः
-
बीज मंत्र: ॐ के केतवे नमः
-
जप संख्या: 17,000
-
दान: तिल, कंबल, लौह पात्र
Jyotish Drishti se Navgrah Beej Mantra
ज्योतिष दृष्टि से बीज मंत्र ग्रह की मूल ऊर्जा को सक्रिय करता है। सही दिन, सही दिशा और शुद्ध भाव से किया गया जप महादशा के दुष्प्रभाव को भी कम कर सकता है।
Navgrah Beej Mantra ke Samay Me Aksar Hone Wali Galtiyan
-
बिना कुंडली देखे मंत्र शुरू करना
-
गलत उच्चारण
-
नियम तोड़ना
-
दिखावे के लिए जप करना
-
श्रद्धा की कमी, इन गलतियों से बचना अत्यंत आवश्यक है।
Conclusion
Navgrah Beej Mantra केवल मंत्र नहीं, बल्कि आत्मिक शुद्धि और कर्म सुधार का माध्यम है। यदि सही मार्गदर्शन में किया जाए, तो यह जीवन की दिशा बदल सकता है।
FAQs – Navgrah Beej Mantra
Q1. Navgrah Beej Mantra कब जप करना चाहिए?
प्रातः ब्रह्म मुहूर्त या ग्रह के वार में।
Q2. क्या एक से अधिक मंत्र जप सकते हैं?
हां, लेकिन विशेषज्ञ सलाह आवश्यक है।
Q3. क्या बिना गुरु के जप संभव है?
बीज मंत्र में मार्गदर्शन आवश्यक होता है।
Q4. कितने दिनों में असर दिखता है?
व्यक्ति की कुंडली पर निर्भर करता है।
Q5. क्या दान जरूरी है?
दान मंत्र फल को स्थायी बनाता है।
Links
Acharya Pradip Kumar
Vedic Astrologer & Tantra Expert
15+ वर्षों का व्यावहारिक अनुभव
+91-9438741641
For authentic consultations, visit Mystic Shiva Astrology Official Website.”