Pelvic Pain Upay: जब दवाइयां और टेस्ट फेल हो जाएं, तो पेड़ू के दर्द को जड़ से खत्म करेगा मूँज की रस्सी का यह प्राचीन तांत्रिक उपाय!
नमस्कार मेरी माताओं और बहनों! अक्सर मेरी बहनें और माताएं संकोच के मारे अपनी बीमारी छिपे रखती हैं। पेट के निचले हिस्से यानी ‘पेड़ू’ में होने वाला यह दर्द (Pelvic Pain) कभी-कभी इतना भयंकर होता है कि उठना-बैठना तक दूभर हो जाता है। कभी यह पीरियड्स की खराबी से होता है, तो कभी अंदरूनी अंगों (जैसे गर्भाशय या अंडाशय) में संक्रमण की वजह से। जब दवाइयां खा-खाकर शरीर थक जाए, तो समझ लीजिए कि यहाँ शरीर के साथ-साथ ‘चंद्र’ और ‘शुक्र’ ग्रहों का खेल भी बिगड़ा हुआ है। आज मैं आपको एक ऐसा Pelvic Pain Upay बताऊंगा जो प्राचीन समय से हमारी दादी-नानी के समय से चला आ रहा है।
मेरी आँखों देखी: संबलपुर (Odisha) की एक बहन की कहानी
करीब 2 साल पहले संबलपुर से एक बहन मेरे पास आई थी। उसे पिछले 3 साल से लगातार पेल्विक पेन (Pelvic Pain) की शिकायत थी। अल्ट्रासाउंड और हज़ारों के टेस्ट हो चुके थे, डॉक्टर कहते थे सब ठीक है, पर दर्द उसे अंदर ही अंदर खाए जा रहा था। जब मैंने उसकी कुंडली देखी, तो पता चला कि उसके अष्टम भाव में ‘केतु’ का बुरा प्रभाव था।
मैंने उसे कोई बहुत महंगा इलाज नहीं बताया, बस उसे ‘मूँज की रस्सी’ वाला यह तांत्रिक उपाय (Pelvic Pain Upay) करने को कहा। माँ कामाख्या से, सिर्फ 3 बार के प्रयोग से उसका वर्षों पुराना दर्द गायब हो गया। दोस्तों, श्रद्धा हो तो तंत्र हर मर्ज की दवा है!
पेड़ू के दर्द से मुक्ति का अचूक तांत्रिक प्रयोग
यह प्रयोग (Pelvic Pain Remedies) उन महिलाओं के लिए रामबाण है जिन्हें मासिक धर्म (Periods) की खराबी की वजह से पेट के निचले हिस्से में दर्द रहता है।
विधि (Step-by-Step):
यह प्रयोग केवल रविवार या मंगलवार की रात को ही करना है। उसके लिए आपको ‘मूँज की रस्सी’ (नारियल या घास वाली कुदरती रस्सी) की ज़रूरत होगी। रात को सोने से पहले मूँज की एक रस्सी लें और उसे अपनी कमर में अच्छी तरह बांध लें।
बांधते समय मन ही मन माँ कामाख्या का ध्यान करें और कहें कि मेरा यह कष्ट इस रस्सी के साथ बंध जाए। पूरी रात उस रस्सी को बांधे रखें। अगले दिन सुबह (प्रातः काल) सूरज निकलने से पहले उस रस्सी को खोलें और चुपचाप ले जाकर किसी चौराहे पर फेंक दें। पीछे मुड़कर बिल्कुल न देखें।
यह Pelvic Pain Upay आपकी नकारात्मक ऊर्जा और रोग के दोष को अपने साथ खींचकर बाहर कर देता है।
आचार्य प्रदीप जी की सलाह-
मेरी बहनों, यह दर्द सिर्फ शरीर का नहीं होता। अगर आपको बार-बार इन्फेक्शन (Infection) हो रहा है या यूरिन की समस्या है, तो अपनी कुंडली में शुक्र देव को मज़बूत करें। रोज़ाना कच्चा दूध जल में मिलाकर स्नान करना और सफ़ेद वस्तुओं का दान करना भी बहुत लाभ देता है। तंत्र उपाय (Tantra Upay) के साथ-साथ साफ़-सफाई का भी पूरा ध्यान रखें। दवा और दुआ जब साथ मिलती हैं, तभी पूर्ण आरोग्य लाभ (Rog Mukti) मिलता है।
मेरी बहनों, कई बार शरीर की बड़ी बीमारियाँ किसी गहरे मारक दोष या अकाल मृत्यु के योग का संकेत भी हो सकती हैं। यदि आप या आपका कोई अपना किसी ऐसी ‘Critical’ स्थिति से गुज़र रहा है जहाँ डॉक्टर भी हार मान चुके हैं, तो हमारे इस लेख को ज़रूर पढ़ें: [Akal Mrityu Bachav Upay: यमराज के द्वार से वापस लाएगा यह ₹5 का चमत्कारी उपाय]
Pelvic Pain Upay ऊपर अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1: आचार्य जी, क्या यह रस्सी वाला उपाय पीरियड्स के दौरान कर सकते हैं?
उत्तर: देखिए बहन, तांत्रिक उपायों में शुद्धि बहुत ज़रूरी है। पीरियड्स खत्म होने के बाद जो पहला रविवार या मंगलवार आए, उस दिन से यह Pelvic Pain Upay शुरू करना सबसे श्रेष्ठ रहता है।
प्रश्न 2: मूँज की रस्सी ही क्यों ज़रूरी है?
उत्तर: मूँज की रस्सी में पृथ्वी तत्व और सोखने की शक्ति होती है। यह शरीर की बीमारी और नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) को खींच लेती है। प्लास्टिक या नायलॉन की रस्सी का प्रयोग बिल्कुल न करें।
प्रश्न 3: क्या पुरुष भी यह उपाय कर सकते हैं?
उत्तर: हाँ, अगर किसी पुरुष को प्रोस्टेट (Prostate) या मूत्र संबंधी परेशानी की वजह से पेल्विक एरिया में दर्द है, तो वह भी इस विधि को अपना सकते हैं।
Health Issue की वजह आप परेशान है तो, आप हमारी Health Issues Section को एक बार देख सकते हो। सायद आपको आपका परेशानी का हाल मिल जाये।
ज्योतिषाचार्य प्रदीप कुमार (15+ साल का अनुभव) स्त्री रोगों और गुप्त समस्याओं के स्थायी ज्योतिषीय समाधान के लिए अभी संपर्क करें: (मो.) +91-9438741641 {Call / Whatsapp}