Period Pain Mantra: मासिक धर्म दर्द का ज्योतिषीय उपाय

Period Pain Mantra: पेनकिलर से शरीर मत गलाइये! जानें मासिक धर्म की भयंकर पीड़ा का असली ज्योतिषीय कारण

नमस्कार दोस्तों! आज मैं एक ऐसे विषय पर बात करने जा रहा हूँ, जिस पर लोग अक्सर खुलकर बात करने से कतराते हैं, लेकिन यह हर घर की सच्चाई है। हर महीने हमारी माताओं, बहनों और बेटियों को मासिक धर्म (Periods) के दौरान जिस भयंकर और असहनीय पीड़ा (Dysmenorrhea) से गुजरना पड़ता है, उसे सिर्फ एक औरत ही समझ सकती है।

कमर टूटती हुई महसूस होना, पेट में भयंकर मरोड़ और दर्द के मारे बिस्तर से न उठ पाना—ऐसी हालत में हमारी बहनें झट से पेनकिलर (Painkillers) खा लेती हैं। लेकिन क्या आप जानती हैं कि हर महीने ये गर्म दवाइयां खाने से आपकी किडनी और गर्भाशय (Uterus) पर कितना बुरा असर पड़ रहा है?

आज मैं आपको तंत्र शास्त्र के 2 ऐसे सिद्ध और अति-प्राचीन Period Pain Mantra और एक अचूक तांत्रिक टोटका देने जा रहा हूँ, जो बिना किसी पेनकिलर के आपके दर्द को मिनटों में शांत कर देगा।


मासिक पीड़ा (Period Pain) का असली ज्योतिषीय कारण

मेडिकल साइंस इसे हॉर्मोनल बदलाव कहता है, लेकिन हमारी वैदिक ज्योतिष में स्त्री के मासिक धर्म (Menstruation) का सीधा संबंध दो ग्रहों से है— मंगल (Mangal) और चंद्रमा (Chandra)

  • मंगल हमारे शरीर में रक्त (Blood) का कारक है और चंद्रमा हमारे हॉर्मोन्स और जल तत्व का।

  • जब किसी स्त्री की कुंडली में मंगल नीच का हो, या राहु-केतु से पीड़ित होकर ‘अंगारक दोष’ बना रहा हो, तो उस स्त्री को मासिक धर्म के दौरान सामान्य से कई गुना ज्यादा पीड़ा और रक्तस्राव का सामना करना पड़ता है।

मेरे अनुभव की बात- 

आपको कुछ महीने पहले की एक बिल्कुल सच्ची घटना बताता हूँ। भुवनेश्वर (Bhubaneswar) से एक 22 साल की कॉलेज की छात्रा अपनी माँ के साथ मेरे आश्रम आई थी। उसे पीरियड्स के दौरान इतना भयंकर दर्द होता था कि उसे हर महीने इंजेक्शन लगवाने पड़ते थे और कॉलेज से छुट्टी लेनी पड़ती थी।

जब मैंने उसकी कुंडली देखी, तो अष्टम भाव में मंगल और राहु की युति थी। मैंने उसे कोई महंगी पूजा या रत्न नहीं बताया। मैंने उसे मनसा माता का ‘अदरक वाला’ सिद्ध शाबर मंत्र और तांत्रिक उपाय लिख कर दिया।

माँ मनसा की ऐसी कृपा हुई मेरी बहनों, कि अगले ही महीने से उस बच्ची का दर्द 90% तक कम हो गया और आज उसे किसी पेनकिलर या इंजेक्शन की जरूरत नहीं पड़ती! यह होती है हमारे प्राचीन तंत्र की ताक़त!


पहला Period Pain Mantra: अदरक वाला चमत्कारी उपाय

अगर दर्द से पेट और कमर में भयंकर ऐंठन हो रही हो, तो मनसा माता के इस सिद्ध मंत्र का प्रयोग करें:

मंत्र: “ॐ नमो आदेश । मनसा माता का ।। बडी-बडी अदरख । पतली –पतली रेश ।। बडे बिष के । जल फांसी दे ।। शेष गुरु का । बचन न जाए खाली ।। पिया पन्च मुण्ड । के बाम पद ठेली ।। बिषहरी राई की दुहाई ।।”

मंत्र विधि : इस मंत्र को सबसे पहले किसी शुभ दिन (ग्रहण या मंगलवार) जप कर सिद्ध कर लें। जब भी किसी स्त्री को मासिक पीड़ा सताए, तो थोड़ा सा ताज़ा अदरक (Ginger) का टुकड़ा लें। उस अदरक को हाथ में रखकर इस मंत्र का 21 बार उच्चारण करते हुए उसे अभिमंत्रित करें। फिर वह अदरक उस स्त्री को चबाने के लिए दे दें। कुछ ही देर में भयंकर से भयंकर पीड़ा एकदम शांत हो जाएगी।


दूसरा Period Pain Relief Mantra: पान के पत्ते का प्रयोग

यह भगवान श्री रामचन्द्र और हनुमान जी का एक अत्यंत शक्तिशाली शाबर मंत्र है, जो शरीर की पीड़ा को तुरंत भगाता है:

मंत्र: “आदेश श्री रामचन्द्र ।। सिद्ध गुरु को । तोडं गाठ औगांठालो ।। तोड दुं लाय । तोड दुं लाय ।। तोड देऊं सरित । परित देकर पाय ।। यह देखकर । हनुमंत दौडकर आय ।। अमुकी की देह । शान्त हो जाय । पीरा दे भगाय ।। श्री गुरु नरसिंह की दुहाई । आदेश आदेश आदेश ।।”

(नोट: मंत्र में जहाँ ‘अमुकी’ शब्द आया है, वहाँ उस स्त्री या लड़की का नाम लेना है जिसे पीड़ा हो रही है।)

मंत्र विधि : यह मंत्र का सिद्ध करने के बाद, एक साफ और साबुत पान का पत्ता (Betel leaf) लें। इस पान के पत्ते को हाथ में रखकर मंत्र का 21 बार जाप करके अभिमंत्रित करें। यह अभिमंत्रित पान रोगिणी (पीड़ित स्त्री) को खिला दें। स्त्री के मासिक धर्म और इसके कारण होने वाली पीड़ा की तुरंत छू मंतर हो जाएगा।


मासिक पीड़ा दूर करने का प्राचीन तांत्रिक टोटका

अगर पीड़ा बहुत पुरानी है और दवाइयों से भी आराम नहीं मिलता, तो आप इस सरल तांत्रिक प्रयोग को आज़मा सकती हैं:

प्रयोग: पीड़ित स्त्री को रात्रि में सोते समय अपनी कमर पर ‘मूंज की रस्सी’ (Moonj rope – जो सरकंडे से बनती है) बांधकर सो जाना चाहिए। प्रातः काल उठकर उस रस्सी को खोलें और चुपचाप ले जाकर किसी चौराहे पर फेंक आएं। इस एक प्रयोग से मासिक पीड़ा और ग्रहों का नकारात्मक प्रभाव दूर हो जाता है।

बहनों, कई बार हमें लगता है कि पेट में होने वाली भयंकर पीड़ा सिर्फ पीरियड्स की वजह से है, लेकिन कभी कभी कमजोरी के कारण अक्सर ‘नाभि (धरण)’ भी अपनी जगह से खिसक जाती है, जिससे दर्द और दस्त की समस्या दोगुनी हो जाती है। अगर मरोड़ बर्दाश्त से बाहर है, तो बिना दवा के नाभि सेट करने का यह चमत्कारी हनुमान उपाय जरूर पढ़ें:  [Nabhi Dharan Mantra: उखड़ी नाभि ठीक करने का सिद्ध हनुमान मंत्र]


मेरी सलाह –

मेरी माताओं और बहनों, पेनकिलर खा-खाकर अपने शरीर को अंदर से खोखला मत कीजिए। दर्द को दबाना इलाज नहीं है। जब भी आपको यह पीड़ा हो, तो इन तांत्रिक और आयुर्वेदिक उपायों (जैसे अदरक) का सहारा लें। साथ ही, अपनी डाइट में सुधार करें, ठंडा पानी बिल्कुल न पिएं और गुनगुने पानी का ही सेवन करें।

एक बात का विशेष ध्यान रखें: मासिक धर्म के दौरान स्त्रियां स्वयं यह Period Pain Mantra का जाप स्वयं या प्रयोग न करें। घर का कोई भी सदस्य (पति, भाई, या माँ) उनके लिए अदरक या पान के पत्ते को अभिमंत्रित करके उन्हें दे सकते है। ‘सावधानी और श्रद्धा’, जब दोनों मिलेंगी, तभी 100% आराम मिलेगा!


Period Pain Mantra ke upar Sawal Jawab 

1: आचार्य जी, क्या मासिक धर्म (Periods) के दौरान स्त्री स्वयं इस मंत्र का जाप कर सकती है?

उत्तर – नहीं बहन! हमारे तंत्र और शास्त्रों के अनुसार, मासिक धर्म के दौरान स्त्रियों को पूजा-पाठ या मंत्र जाप से विश्राम दिया गया है। आपके नाम का संकल्प लेकर आपके घर का कोई भी सदस्य (माँ, बहन, पति) इस Period Pain Mantra से अदरक या पान को 21 बार सिद्ध करके आपको खिला सकता है। असर 100% होगा।

2: इन दोनों में से कौन सा Period Pain Mantra ज्यादा प्रभावशाली है?

उत्तर – दोनों ही मंत्र स्वयंसिद्ध और अचूक हैं। अगर शरीर में वायु (गैस) और ऐंठन ज्यादा है, तो अदरक (Ginger) वाला पहला मंत्र बहुत तेजी से काम करता है क्योंकि अदरक की तासीर गर्म और पीड़ानाशक होती है।

3: मूंज की रस्सी कहाँ मिलेगी और चौराहे पर फेंकते समय क्या ध्यान रखना है?

उत्तर – मूंज की रस्सी किसी भी पुरानी पंसारी या पूजा पाठ की दुकान पर आसानी से मिल जाती है। चौराहे पर रस्सी फेंकते समय ध्यान रखें कि कोई आपको टोके नहीं, और फेंकने के बाद पीछे मुड़कर न देखें, सीधे घर वापस आ जाएं।

अगर आप स्वास्थ्य सम्बन्धित समस्या का ज्योतिषीय या तांत्रिक समाधान ढून्ढ रहे हैं तो , हमारे Health Issues Category देख सकते हो ।


ज्योतिषाचार्य प्रदीप कुमार (15+ साल का वैदिक ज्योतिष और तंत्र अनुभव) स्त्री रोग, शारीरिक पीड़ा, और ग्रहों की समस्या का स्थायी और 100% समाधान के लिए आज ही बिना किसी संकोच के संपर्क करें: (Mo.) +91-9438741641 {Call / Whatsapp}

Acharya Pradip Kumar is the founder of Mystic Shiva Astrology and a practitioner of Vedic astrology with a solution-oriented approach. His work focuses on understanding birth charts as tools for clarity, awareness, and practical decision-making rather than fear-based predictions. Rooted in classical astrological principles and real-life experience, he emphasizes responsible guidance, timing, and conscious remedies aligned with an individual’s life path.

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