हनुमान जी के 4 प्रमुख शाबर मंत्र प्रयोग

शाबर मंत्र प्रयोग (Shabar Mantra Prayog) द्वारा देव आराधना करना देव कृपा प्राप्त करने का एक उत्तम मार्ग है । मन्त्रों के मुख्य रूप से तीन प्रकार है : वैदिक मंत्र , बीज मंत्र और शाबर मंत्र । आज हम आपको हनुमान जी के कुछ प्रभावी शाबर मंत्र प्रयोग (Shabar Mantra Prayog) के विषय में जानकारी देंगे । जिनके उपयोग से आप न केवल अपने जीवन को सुखमय बना सकते है बल्कि दूसरों का भी भला कर सकते है ।
शाबर मंत्र प्रयोग (Shabar Mantra Prayog) देशी भाषा में लिखे गये बहुत ही सरल मंत्र होते है जो स्वतः ही सिद्ध होते है । शाबर मन्त्रों को सिद्ध करने की आवश्यकता नहीं होती किन्तु इनके प्रयोग करने से पहले इन मन्त्रों को जाग्रत करना आवश्यक है । यदि 21 दिनों तक लगातार कुछ समय के लिए मंत्र का जप किया जाए तो इस मंत्र में परिपक्वता आने लगती है । कलियुग में हनुमान जी की उपासना करना शीघ्र फल देने वाला माना गया है । ऐसे में शाबर मंत्र द्वारा हनुमान जी की आराधना सबसे शीघ्र फल देता है ।
1. बाहरी शक्तियों से स्वयं की रक्षा के लिए :
मंत्र :- ।।ओम गुरुजी को आदेश गुरुजी को प्रणाम,
धरती माता धरती पिता, धरती धरे ना धीरबाजे श्रींगी बाजे तुरतुरि
आया गोरखनाथमीन का पुत् मुंज का छड़ा,
लोहे का कड़ा हमारी पीठ पीछे यति हनुमंत खड़ा,
शब्द सांचा पिंड काचास्फुरो मन्त्र ईश्वरो वाचा।।
Suraksha Shabar Mantra Prayog Vidhi :
हनुमान जी का यह शाबर मंत्र किसी नकारात्मक शक्ति से रक्षा के लिये या भय आदि से मुक्ति के लिए शाबर मंत्र प्रयोग किया जाता है । लगातार 21 दिनों तक एक सीमित मात्रा में उपरोक्त मंत्र के जप करें । 21 दिन बाद आप इस मंत्र को इस प्रकार से प्रयोग में लाये : मंत्र को सात बार जप करें व हनुमान जी का ध्यान करते हुए अपने चारों तरफ या पीड़ित के चारों तरफ चाक़ू से गोल घेरा बना दे । ऐसा करने से स्वयं हनुमान जी उस जातक की रक्षा करते है जब तक वह इस घेरे में रहता है । इस शाबर मंत्र प्रयोग आप किसी मसान साधना के दौरान भी अपनी रक्षा हेतु कर सकते है ।
2. हनुमान जी के साक्षात् दर्शन हेतु शाबर मंत्र :
मंत्र : -।।ॐ हनुमान पहलवान
वर्ष बारहा का जवान ।
हाथ में लडडू मुख में पान ।
आओ आओ बाबा हनुमान ।
न आओ तो दुहाई महादेव गौरा पार्वती की ।
शब्द साँचा ,पिंड काँचा ।
फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा ।।
Darshan Hetu Shabar Mantra Prayog Vidhi :
अपने शुभ कार्य की शुरुआत किसी मंगलवार या शनिवार से करें । सुबह प्रातः हनुमान जी के मंदिर जाए व उन्हें सिन्दूर का चौला चढ़ाये और जनेऊ ,खड़ाऊ ,लंगोट, दो लडडू और ध्वजा भी चढ़ाये । इस साधना के दौरान आप प्रत्येक मंगलवार को व्रत रखे । लाल वस्त्र धारण करके लाल चंदन की माला से मंत्र का जप शुरू करे । मंत्र की 10 माला का जप प्रतिदिन करें । शनिवार को गुड़ और चने का वितरण करना है । ब्रह्मचर्य कर कठोरता से पालन करें और सदैव स्वयं को पवित्र रखे । इस प्रकार से लगातार 3 माह तक इस कार्य को लगातार करते रहने से हनुमान जी के साक्षात् दर्शन प्राप्त होते है ।
3. कार्य सिद्ध करने हेतु शाबर मंत्र :
मंत्र :- ।।हनुमान जाग – किलकारी मार
तू हुंकारे – राम काज सँवारे
ओढ़ सिंदूर सीता मैया का
तू प्रहरी राम द्वारे
मैं बुलाऊँ , तु अब आ
राम गीत तु गाता आ
नहीं आये तो हनुमाना
श्री राम जी ओर सीता मैया कि दुहाई
शब्द साँचा – पिंड कांचा
फुरो मन्त्र ईश्वरोवाचा ।।
Karya Siddhi Shabar Mantra Prayog Vidhi :
हनुमान जी के इस शाबर मंत्र प्रयोग में लाने से पहले इसे परिपक्व अवश्य करें । किसी योग्य गुरु के सानिध्य में आप लगातार 21 दिनों तक हनुमान जी के उपरोक्त शाबर मंत्र की एक माला का जप प्रतिदिन करें । मंत्र का जप हनुमान जी के प्रति श्रद्धा और विश्वास को रखते हुए करें बिना किसी कपट भाव के करें ।
4. हनुमान शाबर वशीकरण मंत्र :
।।ओम नमो महावीर,हनुमन्त वीर
धाय-धाय चलो,अपनी मोहिनी चलाओ
अमुक के नैन बाँध, मन बाँध,काया बाँध
घर बाँध,द्वार बाँध मेरे लिये
ना बाँधे तो मेरी आण
मेरे गुरू की आण,छु वाचापुरी । ।
Vashikaran Shabar Mantra Prayog Vidhi :
दूसरों को अपने वश में करने के लिए इस शाबर मंत्र प्रयोग (Shabar Mantra Prayog) किया जाता है । उपरोक्त मंत्र में अमुक शब्द के स्थान पर जिस पुरुष या महिला को अपने वश में करना है उसका नाम बोले । पहले 21 दिनों तक उपरोक्त मंत्र को परिपक्व कर ले । बाद में मंत्र का प्रयोग करते समय ही अमुख के स्थान पर वशीकृत का नाम बोलना है ।

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जय माँ कामाख्या

Acharya Pradip Kumar is the founder of Mystic Shiva Astrology and a practitioner of Vedic astrology with a solution-oriented approach. His work focuses on understanding birth charts as tools for clarity, awareness, and practical decision-making rather than fear-based predictions. Rooted in classical astrological principles and real-life experience, he emphasizes responsible guidance, timing, and conscious remedies aligned with an individual’s life path.

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