Shitajwar ka karan: Galat ilaaj aur grah dosh se banta hai gambhir bukhar

Shitajwar ka karan kya hai?

shitajwar ka karan समझना इसलिए आवश्यक है क्योंकि अनुभव में देखा गया है कि कई बार यह केवल सामान्य बुखार नहीं होता, बल्कि शरीर और ग्रह-स्थिति दोनों के असंतुलन का संकेत देता है। अनेक लोगों ने साझा किया है कि तेज बुखार के साथ तीव्र कंपकंपी होने पर भी सही कारण स्पष्ट नहीं हो पाता।
यह वैदिक ज्योतिष आधारित मार्गदर्शन है, अंतिम निर्णय हमेशा आपका होगा।


शीतज्वर (Cold Fever) क्या है

शीतज्वर को आम बोलचाल में जूड़ी का बुखार कहा जाता है। इसमें पूरे शरीर में तेज कंपकंपी के साथ उच्च तापमान दिखाई देता है। व्यावहारिक दृष्टि से इसे कई बार मलेरिया ज्वर का विकृत या अपूर्ण रूप माना जाता है, विशेषकर तब जब प्रारम्भिक उपचार सही ढंग से नहीं हो पाता।


Shitajwar ka karan:

अनुभव के आधार पर शीतज्वर के प्रमुख शारीरिक कारण निम्न हो सकते हैं:

1. मलेरिया का अपूर्ण उपचार

जब मलेरिया ज्वर का समय पर या पूर्ण उपचार नहीं होता, तो शरीर में संक्रमण दोबारा सक्रिय होकर शीतज्वर का रूप ले सकता है।

2. लाल रक्त कणों की कमी

रक्त में हीमोग्लोबिन या लाल रक्त कणों की कमी से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, जिससे ठंड के साथ तेज बुखार उभर सकता है।

3. गंभीर रोगों के प्रारम्भिक संकेत

टी.बी., एड्स या कैंसर जैसे रोगों के शुरुआती चरण में भी कभी-कभी शीतज्वर जैसे लक्षण प्रकट होते देखे गए हैं। इसलिए इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।

[मलेरिया]


Jyotishiy Drishti Se Shitajwar ka karan

क्लाइंट्स की कुंडलियों के अध्ययन में यह देखा गया है कि कुछ विशेष ग्रह-स्थितियाँ शीतज्वर की प्रवृत्ति बढ़ा सकती हैं।

1. चंद्र और लग्न की क्षीणता

जिन व्यक्तियों का चंद्र या जन्म लग्न कमजोर होता है, उनमें शारीरिक अस्थिरता और बार-बार बुखार की संभावना अधिक पाई जाती है।

2. मंगल और सूर्य का दुष्प्रभाव

मंगल और सूर्य का असंतुलित प्रभाव शरीर में अत्यधिक ताप, सूजन और संक्रमण को बढ़ा सकता है, जिससे शीतज्वर का योग बनता है।

3. बृहस्पति की प्रतिकूल स्थिति

यदि बृहस्पति छठे, आठवें या बारहवें भाव में स्थित हो, तो रोग को बढ़ाने वाला कारक बन सकता है, विशेषकर जब अन्य ग्रह भी कमजोर हों।

[Galat Grah Yog Aur Hair Loss Ka Asli Sach]


शीतज्वर के लक्षण

अनुभव के आधार पर सामान्य लक्षण इस प्रकार देखे गए हैं:

  • तेज कंपकंपी के साथ बुखार

  • शरीर में अत्यधिक थकान

  • सिरदर्द और कमजोरी

  • ठंड लगने की तीव्र अनुभूति


शीतज्वर के लिए संतुलित ज्योतिषीय निदान

यहाँ दिए गए उपाय परंपरागत वैदिक मान्यताओं पर आधारित हैं, इन्हें चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न मानें।

1. माणिक्य धारण

७–८ रत्ती का माणिक्य चांदी की अंगूठी में धारण करना सूर्य की ऊर्जा को संतुलित करने में सहायक माना जाता है। Bt , रत्न धारण ना करके आप कुछ ज्योतिषीय उपाय से तबियत में सुधार ला सकते हो ।

2. मंगल शांति उपाय

मंगल की शांति हेतु तांबे का कड़ा, अंगूठी या अन्य आभूषण धारण किया जा सकता है।

3. वस्त्रों में रंग का संतुलन

वस्त्रों में यथासंभव लाल रंग का समावेश मंगल तत्व को मजबूत करने का संकेत देता है।

4. मंगल यंत्र पूजन

नित्य मंगल यंत्र का पूजन मानसिक और ऊर्जात्मक संतुलन बनाए रखने में सहायक माना गया है।


FAQ – शीतज्वर से जुड़े सामान्य प्रश्न

Q1. shitajwar ka karan केवल मलेरिया ही होता है?
नहीं, मलेरिया एक कारण हो सकता है, पर रक्त की कमी या अन्य रोगों के प्रारम्भिक संकेत भी कारण बन सकते हैं।

Q2. शीतज्वर में तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए?
हाँ, तेज कंपकंपी और बुखार लंबे समय तक रहे तो चिकित्सकीय जाँच आवश्यक है।

Q3. क्या ज्योतिषीय उपाय इलाज का विकल्प हैं?
नहीं, ये सहायक मार्गदर्शन हैं। मुख्य उपचार हमेशा मेडिकल होना चाहिए।

Q4. शीतज्वर बार-बार क्यों होता है?
कमजोर इम्युनिटी, अधूरा इलाज और ग्रहों की प्रतिकूल स्थिति—तीनों मिलकर इसकी पुनरावृत्ति बढ़ा सकते हैं।

Q5. शीतज्वर में क्या सावधानियाँ रखें?
पर्याप्त आराम, समय पर दवा और किसी भी उपाय से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।


यदि आप अपनी व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार शीतज्वर से जुड़े कारण और संतुलित उपाय जानना चाहते हैं, तो किसी अनुभवी वैदिक ज्योतिष से परामर्श अवश्य लें।


Acharya Pradip Kumar
Mob: +91-9438741641 (Call / WhatsApp)
Vedic Astrologer & Tantra Expert
aghortantra.com
15+ years practical experience

Acharya Pradip Kumar is the founder of Mystic Shiva Astrology and a practitioner of Vedic astrology with a solution-oriented approach. His work focuses on understanding birth charts as tools for clarity, awareness, and practical decision-making rather than fear-based predictions. Rooted in classical astrological principles and real-life experience, he emphasizes responsible guidance, timing, and conscious remedies aligned with an individual’s life path.

Sharing Is Caring:

Leave a Comment