Surya Bhav Anusar Phal 2026 Predictions Lagna Se 12th Bhav Tak

Surya Bhav Anusar Phal 2026 Complete Guide :

Surya Bhav Anusar Phal 2026 वैदिक ज्योतिष का एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है, क्योंकि सूर्य आत्मा, सम्मान, स्वास्थ्य और अधिकार का मुख्य कारक ग्रह माना जाता है। Surya Bhav Anusar Phal 2026 के माध्यम से यह समझा जा सकता है कि जन्मकुंडली के अलग-अलग भावों में स्थित सूर्य व्यक्ति के जीवन को किस प्रकार प्रभावित करता है।

वर्ष 2026 में सूर्य की गोचर स्थिति और जन्मकुंडली में उसका भावगत स्थान, दोनों मिलकर जातक के भाग्य, प्रतिष्ठा और मानसिक बल को दिशा देते हैं।


Surya Bhav Anusar Phal 2026 ke Lakshan :

सूर्य के प्रभाव से व्यक्ति में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, तेज और आत्मबल दिखाई देता है।
यदि सूर्य शुभ भाव में हो तो सम्मान, यश और सरकारी सहयोग मिलता है, जबकि अशुभ भाव या पीड़ित सूर्य से स्वास्थ्य, नेत्र रोग, अहंकार और पारिवारिक तनाव के संकेत मिलते हैं।


Surya Bhav Anusar Phal 2026 ke Karan :

सूर्य के फल निम्न कारकों पर निर्भर करते हैं:

  • सूर्य की भाव स्थिति

  • उसकी राशि व नक्षत्र

  • ग्रह युति या दृष्टि

  • दशा-महादशा एवं 2026 का गोचर प्रभाव

जब सूर्य केंद्र या त्रिकोण भाव में बलवान होता है, तब जातक को विशेष लाभ प्राप्त होता है।


Surya Bhav Anusar Phal 2026 (12 Bhav Vishleshan)

लग्न भाव में सूर्य

बाल्यावस्था में कष्ट, नेत्र रोग की संभावना। व्यक्ति भाग्यशाली होता है, परंतु संतान सुख में कमी से मानसिक उदासी देखी जाती है।

द्वितीय भाव में सूर्य

दुबला-पतला शरीर, वाणी में कठोरता। लोहे-तांबे के व्यापार से धन लाभ, पर जीवन में संघर्ष अधिक।

तृतीय भाव में सूर्य

भाइयों से मतभेद संभव। व्यक्ति साहसी, धैर्यवान, धनवान और स्त्री-सुख से युक्त होता है।

चतुर्थ भाव में सूर्य

मृदुभाषी, गायक, विजयी स्वभाव। भूमि-वाहन का सुख और समाज में लोकप्रियता।

पंचम भाव में सूर्य

बाल्यावस्था में कष्ट, युवावस्था में स्वास्थ्य समस्या। संतान संख्या सीमित रहती है।

षष्ठ भाव में सूर्य

योग-साधना में रुचि। शत्रु नाशक, सुंदर काया, समाज में सम्मानित व्यक्ति।

सप्तम भाव में सूर्य

चंचल स्वभाव, दाम्पत्य जीवन में उतार-चढ़ाव। आकर्षक व्यक्तित्व।

अष्टम भाव में सूर्य

दानशील, विद्वान, सेवा भावी, परंतु रोग और भाग्य हानि की संभावना। दूर स्थान पर निवास।

नवम भाव में सूर्य

धन, यश और प्रसिद्धि। गुरुजनों व ब्राह्मणों का आदर करने वाला, धार्मिक प्रवृत्ति।

दशम भाव में सूर्य

नेतृत्व क्षमता, दानशीलता, कला-प्रेम। सरकारी क्षेत्र या प्रशासन में मान-सम्मान।

एकादश भाव में सूर्य

धनवान, सरकारी नौकरी की संभावना। सामाजिक दायरा बड़ा, पर स्वभाव चंचल।

द्वादश भाव में सूर्य

भोग-विलास की प्रवृत्ति, मानसिक भ्रम, खर्च अधिक। आध्यात्मिक मार्ग अपनाने पर संतुलन आता है।


Jyotish Drishti se Surya Bhav Anusar Phal 2026 :

यदि 2026 में सूर्य की महादशा या अंतर्दशा चल रही हो, तो भावगत फल अधिक तीव्र हो जाते हैं।
विशेष रूप से सूर्य-शनि या सूर्य-राहु युति होने पर उपाय आवश्यक माने जाते हैं।


Surya Bhav Anusar Phal 2026 ke Samay Diyan Jaane Wali Galtiyan :

  • बिना कुंडली देखे सूर्य रत्न धारण करना

  • अहंकार को सूर्य की शक्ति समझ लेना

  • उपायों में निरंतरता न रखना

  • केवल गोचर देखकर निष्कर्ष निकालना


Conclusion :

Surya Bhav Anusar Phal 2026 यह स्पष्ट करता है कि सूर्य का भावगत प्रभाव जीवन की दिशा तय करता है।
यदि सही समय पर उचित ज्योतिषीय उपाय किए जाएँ, तो सूर्य से मिलने वाली बाधाएँ भी उन्नति का मार्ग बन सकती हैं।
यदि आप अपनी जन्मकुंडली के अनुसार व्यक्तिगत उपाय जानना चाहते हैं, तो AghorTantra.com पर परामर्श बुक करें।


FAQs

1. सूर्य का सबसे शुभ भाव कौन-सा माना जाता है?
दशम और नवम भाव सूर्य के लिए अत्यंत शुभ माने जाते हैं।

2. कमजोर सूर्य के लक्षण क्या होते हैं?
आत्मविश्वास की कमी, पिता से मतभेद, नेत्र व हड्डी संबंधी समस्या।

3. सूर्य के अशुभ प्रभाव को कैसे शांत करें?
सूर्य मंत्र जप, ताम्र दान, आदित्य हृदय स्तोत्र और योग्य ज्योतिषी से सलाह।


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Acharya Pradip Kumar is the founder of Mystic Shiva Astrology and a practitioner of Vedic astrology with a solution-oriented approach. His work focuses on understanding birth charts as tools for clarity, awareness, and practical decision-making rather than fear-based predictions. Rooted in classical astrological principles and real-life experience, he emphasizes responsible guidance, timing, and conscious remedies aligned with an individual’s life path.

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