अघोर शमशान यक्षिणी सिद्धि साधना क्या है?

शमशान यक्षिणी

अघोर शमशान यक्षिणी सिद्धि साधना क्या है? शमशान यक्षिणी मंत्र : ओम हं हों कुं: शमशाणे बासिनी शमशाने स्वाहा। ।। शमशान यक्षिणी साधना बिधि ।। इस श्मशान यक्षिणी की साधना में स्थित किसी श्मशान में बैठ कर करें । स्मय 11 बजे उपरान्त साधक अपना मुख पूर्ब या दखिण की और रखें । साधक नग्न … Read more

भूषणि अप्सरा साधना कैसे करें ?

भूषणि अप्सरा साधना :

भूषणि अप्सरा साधना : भूषणि अप्सरा : देबराज इन्द्र को जब किसी ऋषि की तपस्या भंग करनी होती है, तो सर्बप्रथम बह इसी भूषणि अप्सरा का प्रयोग करते हैं । यह अतीब सुन्दरी होने के साथ अत्यन्त बुद्धिमान भी है । साधक इसकी साधना से अद्भुत ज्ञान भी प्राप्त कर सकते हैं । इस अप्सरा … Read more

पुष्प किन्नरी साधना क्या है?

पुष्प किन्नरी साधना

पुष्प किन्नरी साधना क्या है? पुष्प किन्नरी : इस साधना का सबसे बिशिष्ट तथ्य यह है कि यह शीघ्र फलदायी है । सिद्धि प्रदान करने बाली यह साधना सरल है । किन्नरी साधक को सभी सुख प्रदान करती है एबं आज्ञा का पालन करती है । यह साधना धन प्राप्ति के नए स्तोत्र बनाती है, … Read more

कालरात्रि आकर्षण मंत्र प्रयोग :

आकर्षण

कालरात्रि आकर्षण मंत्र प्रयोग : आकर्षण प्रयोग : कृष्णा अष्टमी बा चतुर्दशी को मंगलबार रबिबार हो उस दिन नाभिपर्यन्त जल में खडे होकर मूलमंत्र का ११ सौ जप करे । घर आकर शरीर पर तिलों का तेल या सुगंधित तेल मले । भद्रपीठ पर काम्य स्त्री बा पुरूष की अंजन से आकृति बनाये । उसकी … Read more

कामेश यक्ष साधना :

कामेश यक्ष साधना

कामेश यक्ष साधना : कामेश यक्ष साधना मंत्र : ॐ नमो कामेश पूर्ति कुरूते नम: ।। बिधान : बटबृक्ष पर बैठकर पूर्बोक्त बिधान पूरा करें । दिन में ११ ब्राहमणकुमार खिलाएं, दक्षिणा दें । फिर रात में ८००० जप करें। रात्रि में यक्ष तरह – तरह के रूपों में आकर भय उत्पन्न करते हैं, उनसे … Read more