प्रश्न का भेद जानना मंत्र

prashn ka bhed jaanna

Prashn Ka Bhed Jaanna : मंत्र को सिद्ध करें । रोगी का हाथ पकड़ कर प्रश्न का भेद जानना (prashn ka bhed jaanna) मंत्र स्मरण करें तो मन में प्रश्नोत्तर की भाबना पैदा होगी ।चौपाया जानवर या बस्तु की चोरी, किसी के गमन पर उस स्थान की मिट्टी मंगाये तथा प्रुछ्क के घर से गेहू … Read more

अत्यंत दुर्लभ कर्णपिशाचिनी साधना कैसे करें ?

Karnapishachini

Atyant Durlabh Karnapishachini Sadhana : कर्णपिशाचिनी साधना एक प्राचीन और गुप्त तांत्रिक कला है , जिसमे ब्यक्ति अद्दितीय शक्तियों को प्राप्त करने केलिए उपासना और मंत्रों का अभ्यास करता हैं । इस साधना के माध्यमसे आत्मा की उर्जा को जागृत किया जाता है और अत्यधिक साधना और समर्पण के साथ सिद्धि प्राप्त किया जा सकता … Read more

जुम्मा मेहतरानी की सिद्धि

Jumaa Mehtarani

Jumaa Mehtarani Ki Siddhi : जुमा मेहतरानी (Jumaa Mehtarani) मंध्यप्रदेश के देहाती खेत्र की एक तांत्रिक थी, जिस्की हत्या कर दी थी । बहाँ इसके बहुत से सिस्य थे । उन्होने इसकी पुजा प्रारम्भ कर दी । यह शक्ति भी कर्ण पिशाचिनी जैसे ही है । यन्हा हम अपने बुधिमान, तर्कशील जिंग्यासुओ को बताना चाहेंगे … Read more

कर्णपिशाचिनी साधना कैसे करें और उसके फायदे क्या हैं ?

Karnapishachini Sadhana

Karnapishachini Sadhana Prayog : कर्णपिशाचिनी साधना एक ऐसा तांत्रिक अभ्यास है जिसे गोपनीय और गहरे रहस्यों से जोड़ा जाता है । इस प्रयोग का उदेश्य आध्यात्मिक उन्नति, शक्ति प्राप्ति, और अद्द्भूत अनुभब की प्राप्ति होती है । यह तांत्रिक साधना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे बिशेष ध्यान और समझ के साथ किया जाना … Read more

अघोरपंथ कर्णपिसाचिनि साधना बिधि

Karnpishachini Sadhana

Aghor Panth Karnpishachini Sadhana Vidhi : अघोरपंथ कर्णपिशाचिनी साधना में अंतर्गत जितना भी साधना है , यह सदैब याद रखना चाहिए पूर्ण निष्ठां संकल्प सही बिधि बिधान के साथ साथ गुरु की मार्गदर्शन नित्यंत जरुरी । इससे एक भी नही है तो यह रास्ता में चलना खतरा को निमंत्र्ण देने की साथ बराबर है । … Read more

अक्षर लिखा प्रश्नोत्तर जबाब मांगना

Akshar Likha Prashnottar

Akshar Likha Prashnottar : इस मंत्र को सोमबार से प्रारंभ कर अगले सोमबार तक १० हजार जप करे । कन्या भोजन कराये, खोपरा, बूराशक्कर, गुगल से होम करे । प्रश्न का हल जानना हो तो एक कागज़ लेबे, उसके चारों कोनों से प्रत्येक में प्रुछक का नाम ब गांब का नाम लिखे । बीच में … Read more

कर्णपिशाचिनी प्रयोग बिधि क्या है ?

Karnpisachini prayog vidhi

Karnpisachini Prayog Vidhi : कर्णपिशाचिनी प्रयोग बिधि साधना ही बाममार्गी साधना है, जो आगे चलकर साधक का भबिष्य नष्ट कर देती है । अंन्त मे साधक को शारीरिक ब्याधियां और दुर्गति प्राप्त होती है । एसी बात नहीं है कि उससे मुक्ति कोसों दूर भागती है, कुछ कर्णपिशाचिनी प्रयोग बिधि (karnpisachini prayog vidhi) सात्बिक भी … Read more

कर्णपिशाचि प्रयोग बिधि

karnpisachi prayog

Karnpisachi Prayog : 1. मंत्र – “ओम कर्ण पिशाचि बदातीतानागत ह्रीं स्वाहा” महर्षि बेदब्यास ने इस मंत्र का जाप किया, फलस्वरुप बे अल्पकाल में ही सर्बज्ञ हो गये ।   2. मंत्र : “कह कह कालिके गृह्य गृह्य पिण्ड पिशाचि स्वाहा” कर्णपिशाचि का यह दूसरा मंत्र है । इनका ध्यान इस प्रकार है – कृष्णां … Read more

कर्णपिशाचिनी प्रयोग बिधि

Karnapishachini Prayog

Karnapishachini Prayog Vidhi : 1) मंन्त्रमहोदधौ- ओम ह्रीं कर्णपिशाचिनी कर्णे मे कथय स्वाहा। इति षोडशाख्यरो मंत्र: । श्मशान ब शब के पास अशुचि होकर साधना करें ।   2) मंत्र : ओम ऐं ह्रीं ऐं क्लीं क्लीं ग्लौं ओम नम: कर्णाग्रौ कर्णपिशाचिका देबि अतीतानागत बर्तमानबार्ता कथय मम कर्णे कथय कथय तथयं मुद्राबार्ता कथय कथय आगछागछ … Read more