बिप्र चाण्डालिनि मंत्र

बिप्र चाण्डालिनि मंत्र :

बिप्र चाण्डालिनि मंत्र : बिप्र चाण्डालिनि मंत्र : “ॐ नम: श्चामुण्डे प्रचण्डे इन्द्राय ॐ नमो बिप्रचाण्डालिनि शोभिनि प्रकर्षिणि आकर्षय द्रब्य मानय प्रबल मानय हुं फट् स्वाहा।” बिधि : तंत्र के अनुसार इस मंत्र की सिद्धि ४१ दिन में होगी। प्रथम दिन भूखा रहे, धरती पर सोबे, मीठा भोजन करें और आधा भोजन उसी थाली में … Read more

मां चण्डी शाबर मंत्र :

मां चण्डी शाबर मंत्र :

मां चण्डी शाबर मंत्र : शाबर मंत्र : जै मां काली, मार तू ताली। ब्रह्मा की भैंण, शिब की स्वैण। मद की धार, ख्प्पर कू खून। दयों मैं तोयी, बैरी की आट। बैरी की बाट, अपणी जीबन। देह को चाट, बैरी को काट। बैरी को चाट, बैरी को धार। बैरी को मार, काल को संग। … Read more

नीलपताका देवी मंत्र प्रयोग :

नीलपताका

नीलपताका देवी मंत्र : नीलपताका देबी रण में बिजय दिलाती है। मंत्र :”ह्रीं सकलहक्रीं ॐ झं नीलपताके हुं फट्।”   महातारा ही कराला है । भाद्रमास में अमाबस मंगलबार पुनर्बसु, पुष्य, पूर्बाफालगुनी नक्षत्र हो उस दिन साधक बिष्णुक्रान्ता (अपराजिता) को श्मशान में ले जाकर शोधन करे । बाजार से मछली लाकर उसके मुंह में भांग … Read more

काली नील बरणी का मंत्र :

काली नील बरणी

काली नील बरणी का मंत्र : काली नील बरणी मंत्र :”ओं नमो आदेश गुरू को । प्रगटी जोत जढ आदि मस्तकते । हलचल भई उदय अस्तते । कांपे तीन लोक जल थल सब पर्बत छूटा ध्यान तबै कैलाश पर । चन्द्र सूरज सब ही डर पाबैं । ब्रह्मालोक सब होबे हैरान । यदि कडकी आन … Read more

बाक् सिद्धि हेतु सरस्वती मंत्र :

बाक् सिद्धि

बाक् सिद्धि हेतु सरस्वती मंत्र : मंत्र : ॐ ह्रीं कामनी स्वाहा।। बाक् सिद्धि मंत्र बिधि : इसकी सिद्धि तेरह हजार मंत्र प्रतिदिन जपने से तीन मास में प्राप्त होती है। मां सरस्वती की कृपा प्राप्ति हेतु साधक अनुष्ठान के दिनों में श्वेत बस्त्र धारण करें, सात्विक आहार एबं सत्य ही ब्यबहार करें छल कपट … Read more

सुख सम्पति वृद्धिकारक श्री गोरख गायत्री मंत्र :

सुख सम्पति वृद्धिकारक श्री गोरख गायत्री मंत्र :

सुख सम्पति वृद्धिकारक श्री गोरख गायत्री मंत्र : श्री गोरख गायत्री मंत्र : ॐ गुरूजी, सत् नम: आदेश, गुरू जी को आदेश ॐ कारे शिब रूपी, मध्याहने हंस रूपी, सन्ध्याया साधु रूपी। हंस, परम हंस दो अक्षर। गुरू तो गोरक्ष, काया तो गायत्री । ओम ब्रह्मा, सोहं शक्ति, शून्यमाता, अबगत पिता, बिहंगम जात, अभय पन्थ, … Read more

कार्य सिद्धि हेतु दरिया देब का मंत्र :

कार्य सिद्धि मंत्र

कार्य सिद्धि हेतु दरिया देब का मंत्र : ॐ पहले नाम भगबान का, दूजे नाम औतार का। तीजे नाम सत् गुरू, जिनका नाम स्वामी जी। उनकी कृपा और उनकी दया इस ख्वाजा खिदर पूजने के लिए परसाद लेकर आया। लोना चमारी की दुहाई। बैष्णों शाकुम्भरा और औतार, पीर और पैगम्बर इन सबकी दया के साथ, … Read more

काराबास मुक्ति हेतु मंत्र :

काराबास मुक्ति मंत्र

काराबास मुक्ति मंत्र : सम्पूर्ण “हनुमान चालीसा” का पाठ करे या निम्न लिखित मंत्र का जप करें । काराबास मुक्ति मंत्र : ॐ हं हनुमते नम: ।। बिधि : साधक श्री बजरंग बली नियमक सभी बातें ध्यान में रख कर हनुमान चालीसा का पाठ करें । एक हनुमान चालीसा पाठ का बिकल्प कर इस मंत्र … Read more

बिपति नाशक ज्वाला माई का मंत्र :

बिपति नाशक ज्वाला माई का मंत्र :

बिपति नाशक ज्वाला माई का मंत्र : चार पहर ,चार दीपक जलते । आठ पहर ज्वाला माई। दुःख दरिद्र दूर कर दे ,शिब भोले नाथ ।। ज्वाला माई का मंत्र बिधि : ज्वालामुखी माई(सिंगरौली) का यह आध्यात्मिक मंत्र है । इसका जप प्रतिदिन एक माला करने से ज्वाला मुखी माई की कृपा से साधक की … Read more