बिशाल नेत्रा किन्नरी साधना मंत्र

बिशाल नेत्रा किन्नरी

बिशाल नेत्रा किन्नरी साधना मंत्र : बिशाल नेत्रा किन्नरी मंत्र : “ॐ बिशाल नेत्रे स्वाहा ।” साधन बिधि – साधक को चाहिये की बह रात्रिकाल में किसी नदी के संगम स्थल पर जाकर उक्त मंत्र का दस सहस्र संख्या में जप करे तथा किन्नरी का बिधिबत् पूजन करें । जप के अन्त से पहले दिन … Read more

पद्मिनी योगिनी साधना कैसे करें ?

पद्मिनी योगिनी साधना :

पद्मिनी योगिनी साधना कैसे करें ? पद्मिनी योगिनी साधना कमल के समान मुखबाली , श्यामबर्ण, स्थूल तथा उन्नत स्तनों बाली, कोमलांगी, स्मितमुखी तथा लाल कमल जैसे नेत्रों बाली हैं । पद्मिनी योगिनी साधना का मंत्र यह है – “ॐ ह्रीं आगच्छ पद्मिनी स्वाहा ।” पद्मिनी योगिनी साधना बिधि – नित्य कर्म से निबृत होकर, अपने … Read more

21 दिव्य यक्षिणी साधना सिद्धि

दिव्य

21 दिव्य यक्षिणी साधना सिद्धि : दिव्य यक्षिणी साधना की इस लेख में आप पायेंगे 21 दिब्य यक्षिणी के सम्पूर्ण जानकरी के साथ दिब्य अलौकिक मंत्र के बारे में और साधना बिधि जो आपको साधना में अग्रसर की रास्ता दिखाएगा … 1. दिव्य चन्द्रिका यक्षिणी साधना – “चन्द्रिका” यक्षिणी का साधन मंत्र यह है – “ॐ … Read more

कौए का महा अपशकुन

Maha Apshakun

Kauve ka Maha Apshakun : Maha Apshakun : यदि कौआ मैथुन करता हुआ दिखाई दे तो उसे महा अपशकुन (maha apshakun) समझना चाहिए । ऐसा दृश्य भय, प्रबास, उद्द्येग, बिद्वेष, ब्याधि, धन हानि, कुल हानि, बुद्धि नाश, बिबाद आदि का सूचक होता है । जिस देश में ऐसा अपशकुन दिखाई देता है, बहाँ बर्षा नहीं … Read more

बिना मंत्र का बशीकरण

बिना मंत्र का बशीकरण

बिना मंत्र का बशीकरण : शनिबार के दिन यदि किसी की म्रुत्यु हो और उसी दिन उसका शमशान मे दाह-कर्म किया जाए, तो एक मिटटी की हाँडी में खिचडी बनाकर शमशान-भुमि में ले जायें । जिस स्थान में मुर्दा जलाया जाए, बहाँ पर उस खिचडी को जमीन मे बिखेर दें । दूर बैठ जायें और … Read more

जानिए आप भविष्य में कब बनेंगे धनवान ?

धनवान

जानिए आप भविष्य में कब बनेंगे धनवान ? धनवान योग : जब हम किसी पत्रिका का फलकथन करतें है तो हम राशि, लग्न, महादशा, ग्रहों की दृष्टि, युति, गोचरीय भ्रमण, ग्रहों का बलाबल आदि का ध्यान रखते हैं, किन्तु सिर्फ इतना ही काफी नही है कई और भी आधार है पत्रिका में जिनका ध्यान हमें … Read more

जानें, क्या है कुंडली में शुक्र शनि सम्बन्ध योग का फल

शुक्र शनि सम्बन्ध योग का फल

जानें, क्या है कुंडली में शुक्र शनि सम्बन्ध योग का फल: • शुक्र सांसारिक और भौतिक सुखों का कारक है जैसे रोमांस, शादी, ऐश्वर्य, सुख आदि का तो शनि भौतिक सुखो से दूर रहने वाला एक वैरागी, रोमांस से हीन, दुःख स्वरुप, अध्यात्म की ओर ले जाने वाला ग्रह है । • शुक्र के कारत्व … Read more

ओघडनाथ बशीकरण तंत्र

ओघड्नाथ बशीकरण तंत्र :

ओघडनाथ बशीकरण तंत्र : बशीकरण तंत्र मंत्र : “ओम क्रं क्रां क्रीं क्रिं चामुण्डाय ॐ क्रं क्रं क्रं ठं ठं ठं लं…. मम बशीभूत कुरु कुरु फट् स्वाहा ।” पहला बशीकरण तंत्र : चंद्रग्रहण के समय बिष्णुकांता की जड लाकर उसे उक्त मंत्र द्वारा 108 बार अभिमंत्रित करे, फिर उसका अंजन आंखो मे लगाकर जिस … Read more

दारिद्र नाशक अघोर प्रयोग कैसे करें ?

दारिद्र नाशक अघोर प्रयोग

दारिद्र नाशक अघोर प्रयोग कैसे करें ?  अमावस्या या पूर्णमासी पर राई, उडद, कोयला, लालमिर्च (खडी), सिताब का पंचांग, लोहे का टुकडा,पीली सरसो, 2 कौडी, गोमती चक्र फूल व एक लोटा जल लेकर आवास की चार परिक्रमा कर जल व सभी सामग्री पीपल की जड मे छोड आवेँ । धनागमन के मार्ग खुल जावेँगेँ । … Read more