Trigrahi Yog Kya Hai? Kundli Mein Teen Grahon Ki Yuti Ka Poora Vishleshan

कुंडली में जब तीन ग्रह एक ही राशी या भाब में एक साथ स्थित हो जाते हैं, तो उसे Trigrahi Yog कहा जाता है। इस योग का प्रभाब व्यक्ति के मन, धन ,रिश्तों और करियर पर गेहरा प्रभाब पड़ता है। कुछ Trigrahi Yog बहुत शुभ होते हैं , जबकि कुछ योग जीवन में संघर्ष और मानसिक अशांति भी देते हैं ।
कुंडली में ग्रहों की युति होने पर ग्रहों के शुभ-अशुभ प्रभाव कम या ज्यादा हो सकते हैं । कुछ लोगों की कुंडली में तीन ग्रहों की युति (त्रिग्रही योग) होती है । तीन ग्रहों की युति का व्यक्ति के जीवन पर कैसा असर होता है । यहां जानिए त्रिग्रही योग (Trigrahi Yog Kya Hai) इसके बारे में ….

Trigrahi Yog Kya Hai? (Jyotish Me Arth)

ज्योतिष के अनुसार Trigrahi Yog Kya Hai ये समझना इसलिए ज़रूरी है क्यूंकि इस योग का प्रभाव व्यक्ति के सम्पूर्ण जीवन को दिशा देता है कुण्डली में बनाने वाले Trigrahi Yog के 10 प्रमुख प्रकार है यंहा दिया गया है …

Surya, Chandra aur Budh Ki Yuti (Trigrahi Yog) :

यदि कुंडली में सूर्य, चंद्र और बुध एक साथ हैं तो ये त्रिग्रही योग माता-पिता के लिए अशुभ होता है । व्यक्ति मनोवैज्ञानिक या सरकारी अधिकारी होता है । अशांति और मानसिक तनाव का सामना करता है।

Surya, Chandra aur Ketu Ka Trigrahi Yog :

सूर्य, चंद्र और केतु एक साथ होते हैं तो रोजगार के लिए परेशानी होती है । न दिन को चैन, न रात को आराम, ऐसी हालत हो सकती है । व्यक्ति धनवान हो भी जाए तो भी शांति नहीं मिलती है ।

Surya, Shukra aur Shani Ki Yuti Ka Fal :

सूर्य, शुक्र और शनि की युति होने पर पति-पत्नी में वाद-विवाद और अशांति हो सकती है । नौकरी में भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है ।

Surya, Budh aur Rahu Ka Trigrahi Yog :

सूर्य, बुध और राहु की युति होने पर सरकारी नौकरी मिल सकती है । नौकरी में परेशानियों का सामना करना पड़ता है । दो विवाह होने के योग बनते हैं । संतान के लिए भी परेशानियों हो सकती हैं ।

Chandra, Shukra aur Budh Ka Trigrahi Yog

चंद्र, शुक्र और बुध एक साथ होते हैं तो व्यक्ति सरकारी अधिकारी या कर्मचारी हो सकता है । घर में अशांति रहती है। व्यापार के लिए अशुभ योग है । संतान के संबंध में भी परेशानियां रहती हैं ।

Chandra, Mangal aur Budh Ki Yuti :

चंद्र, मंगल और बुध एक साथ होते हैं तो मन, साहस, बुद्धि का सामंजस्य अच्छा रहता है । स्वास्थ्य ठीक रहता है। व्यक्ति नीतिवान और साहसी होता है । यदि इस युति पर पाप ग्रह की दृष्टि हो तो व्यक्ति डरपोक और ख्याली पुलाव पकाने वाला होता है ।

Chandra, Mangal aur Shani Ka Trigrahi Yog :

चंद्र, मंगल और शनि एक साथ होते हैं तो नजर कमजोर रहती है । बीमारी का भय रहता है । व्यक्ति डॉक्टर, वैज्ञानिक या इंजीनियर हो सकता है । मानसिक तनाव बना रहता है। ब्लड प्रेशर कम या ज्यादा रहता है ।

Chandra, Mangal aur Rahu Ka Yog : 

चंद्र, मंगल और राहु एक साथ होते हैं तो ये योग पिता के लिए अशुभ होता । चंचलता बनी रहती है । माता तथा भाई के लिए सामान्य योग है ।

Chandra, Budh aur Shani Ki Yuti :

चंद्र, बुध और शनि की युति हो तो व्यक्ति को मानसिक परेशानियों हो सकती हैं । बुद्धि से संबंधित कामों में नुकसान हो सकता है। अशांति बनी रहती है ।

Chandra, Budh aur Rahu Ka Trigrahi Yog :

चंद्र, बुध और राहु एक साथ होने पर ये योग माता-पिता के लिए अशुभ होता है। दुर्घटना की आशंका बनती है ।
अंत में यही कहा जा सकता है की Trigrahi Yog Kya Hai इसका सही विश्लेषण बिना पूरी कुंडली देखे नहीं किया जा सकता । ग्रहों की स्तिति , दृष्टि और दशा के अनुसार इसका फल बदल जाता है , इसीलिए अनुभवी ज्योतिषाचार्य से सलाह लेना उत्तम होता है।

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ज्योतिषाचार्य प्रदीप कुमार (Mob) +91-9438741641 (call/ whatsapp)

Acharya Pradip Kumar is the founder of Mystic Shiva Astrology and a practitioner of Vedic astrology with a solution-oriented approach. His work focuses on understanding birth charts as tools for clarity, awareness, and practical decision-making rather than fear-based predictions. Rooted in classical astrological principles and real-life experience, he emphasizes responsible guidance, timing, and conscious remedies aligned with an individual’s life path.

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