Vaat Rog Mantra: घुटने बदलवाने (Operation) से पहले जानें जोड़ों के भयंकर दर्द का असली ज्योतिषीय कारण
नमस्कार दोस्तों! बुढ़ापे या गलत खान-पान के कारण आजकल “वात रोग” (Vata Dosha), गठिया (Arthritis), घुटनों का घिस जाना और जोड़ों का भयंकर दर्द घर-घर की कहानी बन चुका है। इंसान न ठीक से जमीन पर बैठ पाता है और न ही सीढ़ियां चढ़ पाता है। डॉक्टर सीधे कह देते हैं कि ‘घुटने बदलवाने पड़ेंगे’ (Knee Replacement) जिसमें लाखों का खर्चा है, और फिर भी इंसान पहले की तरह चल-फिर नहीं पाता। लोग पेनकिलर (pain Killer) खा-खाकर अपनी किडनी और लिवर खराब कर रहे हैं।
आज मैं आपको तंत्र शास्त्र और भगवान विष्णु के उग्र रूप (श्री नरसिंह भगवान) का एक ऐसा अति-प्राचीन और शक्तिशाली Vaat Rog Mantra देने जा रहा हूँ, जो नसों में फंसी भयंकर से भयंकर ‘वात’ (गैस/दर्द) को चीर कर बाहर निकाल देता है।
वात रोग (Vaat Rog) का असली ज्योतिषीय कारण
मेडिकल साइंस इसे यूरिक एसिड (Uric Acid) का बढ़ना, कैल्शियम की कमी या कार्टिलेज (Cartilage) का घिसना कहता है। लेकिन हमारी वैदिक ज्योतिष के अनुसार, हमारे शरीर में ‘वायु तत्व’ और जोड़ों (Joints) का असली रिमोट कंट्रोल शनि देव (Shani) और राहु (Rahu) के पास होता है।
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जब कुंडली के छठे, आठवें या बारहवें भाव में शनि बहुत कमजोर हो, या राहु के साथ मिलकर भयंकर ‘शापित दोष’ या ‘वात दोष’ बना रहा हो, तो शरीर के जोड़ों का तरल पदार्थ (Grease) सूखने लगता है।
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नसों में दूषित हवा (Vayu) भर जाती है जो सुई चुभने जैसा भयंकर दर्द देती है। जब तक ग्रहों का यह ‘वात दोष’ शांत नहीं होगा, दुनिया का कोई भी तेल या पेनकिलर आपको पक्का आराम नहीं दे सकता, मेरे दोस्त।।
मेरे अनुभव की बात –
करीब एक साल पहले Balasore से एक 55 साल के व्यापारी मेरे पास आए थे। उन्हें भयंकर ‘गठिया’ (Arthritis) और साइटिका (Sciatica) की शिकायत थी। घुटने इतने सूज गए थे कि दुकान पर कुर्सी पर बैठना भी उनके लिए नर्क के समान था। डॉक्टर ने उन्हें घुटने के ऑपरेशन के लिए 4 लाख रुपये का खर्चा बताया था।
जब मैंने उनकी कुंडली का विश्लेषण किया, तो मकर राशि (अपने स्वयं की राशि) में शनि और राहु का गोचर उनकी हड्डियों का सारा रस सुखा रहा था। मैंने उनसे कहा कि मेरे भाई, डॉक्टर की कैल्शियम और यूरिक एसिड की दवाइयां बिल्कुल बंद मत करना, लेकिन साथ ही मैंने उन्हें भगवान नरसिंह का यह सिद्ध शाबर मंत्र और तिल के तेल का दीपक जलाने का उपाय बताया।
नरसिंह भगवान की ऐसी दहाड़ और कृपा हुई दोस्तों, कि 3-4 महीने लगातार नियम से इस तांत्रिक विधि को करने के बाद उनका 80% दर्द शांत हो गया! आज उनकी सूजन खत्म हो चुकी है और वो बिना किसी सहारे के अपनी दुकान जा रहे हैं।
नसों की सूजन और भयंकर दर्द का 100% सिद्ध ‘नारसिंह बीर मंत्र’
अगर आप या आपके घर के बुजुर्ग घुटनों के दर्द, गठिया, या शरीर में कहीं भी भयंकर वात पीड़ा से तड़प रहे हैं, तो पूर्ण विश्वास के साथ इस उग्र मंत्र का प्रयोग करें:
Vaat Rog Mantra “ॐ बीर नारसिंहाय प्रचण्ड बातग्रह भंजनाय सर्बदोष प्रहरणाय ॐ ह्रीं अम्ल ब लूं श्रीं स्फ्रीं त्रोटय त्रोटय हूँ फट स्वाहा।”
वातनाशक श्री नरसिंह बीर मंत्र विधि :-
यह कोई साधारण श्लोक नहीं है, यह भगवान नरसिंह का उग्र बीर (वीर) मंत्र है। इसका असर बहुत ही तीव्र और अचूक होता है। इसे सिद्ध करने की तांत्रिक विधि इस प्रकार है:
इस मंत्र को किसी विशेष शुभ मुहूर्त जैसे होली की रात, दीपावली की रात या सूर्यग्रहण (Solar Eclipse) के काल में जपना सबसे उत्तम माना जाता है। साधना करते समय अपने सामने शुद्ध घी या तिल के तेल (Sesame Oil) का एक बड़ा दीपक अवश्य जलाएं। साथ ही गुग्गल (Guggul) की धूप जलाकर वातावरण को पवित्र कर लें।
ध्यान देना – एक ही बैठक में रुद्राक्ष या काले हकीक की माला से इस मंत्र का 1008 बार (लगभग 10 माला) जाप करके इसे सिद्ध कर लें। एक बार सिद्ध होने के बाद, हर साल सूर्यग्रहण के अवसर पर इसे फिर से 1008 बार जपना चाहिए। इससे मंत्र की ऊर्जा चार्ज (Recharge) हो जाती है और यह जीवनभर आपको वात रोगों से बचाकर लाभ देता है। पूर्ण विश्वास के साथ प्रयोग करें, इससे शीघ्र से शीघ्र लाभ मिलता है।
मेरी सलाह-
दोस्तों, अक्सर वात रोग और शनि दोष के नाम पर इंटरनेट पर लोग आपको डराकर हजारों रुपये की ‘शनि शांति पूजा’ या नकली ‘नीलम’ पकड़ा देते हैं। मेरे भाई, ऐसा बिल्कुल मत करना! बिना कुंडली की सही जांच के रत्नों पर पैसा फूंकना बिल्कुल बुद्धिमानी नहीं है। आप उस पैसे को बचाएं और श्री नरसिंह भगवान के इस Vaat Rog Mantra पर पूरी श्रद्धा रखें।
ध्यान देना – मंत्र अपना काम करके ‘वात दोष’ काटेगा, लेकिन आपको अपना खान-पान (Diet) भी सुधारना होगा। वात बढ़ाने वाली चीज़ें जैसे—राजमा, छोले, ठंडी लस्सी, खटाई और फ्रिज का ठंडा पानी बिल्कुल बंद कर दें। जोड़ों को हमेशा गर्म कपड़े से ढक कर रखें और किसी अच्छे आयुर्वेदिक डॉक्टर से मालिश का तेल जरूर लें। ‘सही डाइट, दवा और नरसिंह भगवान की दुआ’ जब तीनों मिलेंगी, तभी यह बीमारी जड़ से ख़त्म होगी!
वात रोग मंत्र (Vaat Rog Mantra) से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1: आचार्य जी, क्या महिलाएँ भी इस उग्र ‘नारसिंह बीर मंत्र’ का जाप कर सकती हैं?
उत्तर: बिल्कुल बहन! भगवान नरसिंह अपने भक्तों के रक्षक हैं। महिलाएँ पूरी साफ-सफाई और पवित्रता के साथ इस मंत्र का जाप कर सकती हैं। बस ध्यान रहे कि मासिक धर्म (Periods) के दौरान इस साधना को बिल्कुल न करें।
प्रश्न 2: अगर होली, दीपावली या सूर्यग्रहण का समय दूर हो, तो क्या किसी और दिन इसे शुरू कर सकते हैं?
उत्तर: तंत्र शास्त्र के अनुसार ग्रहण या दीपावली की रात सिद्धियों के लिए सबसे शक्तिशाली होती है। लेकिन अगर पीड़ा असहनीय है और आप इंतज़ार नहीं कर सकते, तो आप किसी भी महीने के ‘पुष्य नक्षत्र’, ‘अमावस्या’ की रात या फिर किसी भी ‘शनिवार’ की रात को तिल के तेल का दीपक जलाकर पूर्ण विश्वास के साथ यह जाप शुरू कर सकते हैं।
प्रश्न 3: क्या यह मंत्र सर्वाइकल (Cervical) या साइटिका (Sciatica) के दर्द में भी काम करेगा?
उत्तर: हाँ मेरे भाई! सर्वाइकल, साइटिका, गठिया या लकवा (Paralysis)—ये सभी भयंकर ‘वात रोग’ (Vata disorders) की ही अलग-अलग कैटेगरी हैं। शरीर की किसी भी नस में फंसी हुई दूषित वायु और पीड़ा को नष्ट करने के लिए यह Vaat Rog Mantra एक रामबाण (ब्रह्मास्त्र) की तरह काम करता है।
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ज्योतिषाचार्य प्रदीप कुमार (15+ साल का वैदिक ज्योतिष और तंत्र अनुभव) गठिया, वात रोग, पुराने जोड़ों के दर्द और ग्रहों की किसी भी समस्या का स्थायी और 100% समाधान के लिए आज ही बिना किसी संकोच के संपर्क करें: (Mo.) +91-9438741641 {Call / Whatsapp}