उर्वर्शी शाबर मंत्र साधना :
उर्वर्शी शाबर मंत्र साधना विधि
April 29, 2024
उर्वशी अप्सरा साधना कैसे करें ?
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April 29, 2024
विवाह योग्य हर पुरुष को यह जानने की जिज्ञासा होती है कि उसकी होने वाली पत्नी देखने में कैसी होगी । ज्योतिष् शास्त्र कुंडली के माध्यम से ही इसकी पूर्व सूचना दे सकता है तो जानते हैं आपकी भावी पत्नी कैसी होगी ।
1. सप्तमेश के 6वें 8वें व 12वें भाव में स्थित होकर अशुभ ग्रहों से दृष्ट होने पर पत्नी सुन्दर नही होगी ।
2. सप्तमेश एवं शुक्र के सम राशि में होने पर पत्नी सभी स्त्रियोचित गुणों से युक्त होती है ।
3. सप्तमेश शुक्र के नवांश में सम राशि में होने से पत्नी सुंदर होती है ।
4. यदि सप्तमेश एवं शुक्र विषम राशि व नवांश में हों तो पत्नी के स्वभाव एवं आचरण में पुरुषोचित गुण देखने को मिलेंगे ।
5. सूर्य एवं चंद्र के अतिरिक्त सभी ग्रह दो राशियों के स्वामी होते हैं । यदि सप्तम भाव का स्वामी एवं कलत्र कारक शुक्र चंद्र बुध अथवा शुक्र की राशियों में हों तो पत्नी स्वभाव एवं आचरण में पुरुषोचित गुणों से युक्त होगी ।
6. यदि सप्तमेश एवं शुक्र पुरुष ग्रह की राशियों में उसमें से भी विषम राशियों में तो आपकी होने वाली पत्नी में पुरुषोचित गुणों की अधिकता होगी ।
7. यदि सप्तमेश एवं शुक्र जन्मचक्र एवं नवमांश में सम राशियों में हो तो आपकी होने वाली पत्नी सुंदर होगी । सप्तमेश के स्त्री ग्रह होने पर सुंदरता में और वृद्धि होगी ।
8. सप्तमेश यदि सम राशि एवं सम नवांश मे स्थित है उसका संबंध यदि स्त्री ग्रह से हो तो आपकी होने वाली पत्नी ने अत्यधिक सुंदर होगी ।
9. यदि सप्तमेश एवं शुक्र शुभ स्थान में हों अथवा सप्तम भाव में स्त्री ग्रह हो एवं किसी भी अशुभ ग्रह से दृष्ट न हो तो आपकी होने वाली पत्नी अप्रतिम सुंदरी होगी ।
10. पति के मामले में पति कारक गुरु एवं सम की जगह विषम राशि नवांश व विषम स्थान पर विचार किया जाएगा ।

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ज्योतिषाचार्य प्रदीप कुमार : मो. 9438741641 /9937207157 {Call / Whatsapp}
जय माँ कामाख्या

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