बेताल साधना :

बेताल साधना :
यह साधना एक दिवसीय है। साधक अमावस्या का चयन करें। यह साधना मसान में सिद्ध होती है।मसान सुनसान और वीराने में होना चाहिये। रात्रि 12 बजे यह साधना शुरू की जाती है।
मन्त्र जाप शुरू होते ही मसान जाग्रत होने लगता है,सोये हुए मुर्दे जमीन फाड़ कर बाहर निकलते हुये, हा हा कर मचाते हुये साधक को भयभीत करते है।अनेक यक्ष यक्षिणी के दर्शन भी हो सकते है।साधक मन्त्र जाप करते हुए मन को एकाग्र रखे। साधना स्थल से उठकर साधक को नही भागना चाहिए किसी भयानक दृश्य को देखकर। गुरु की देखरेख में ही साधना सम्पन्न करे।
सामग्री : कुशासन,रुद्राक्ष माला, काले वस्त्र,सिंदूर
जब बेताल प्रकट होकर वार्ता करे तब साधक बेताल से वचन ले और सूर्योदय से पहले घर आ जाये।
मन्त्र : “ॐ तुरुह ॐ गुरूह ॐ हिलि ॐ हरह महा घोर रावे काली कपाली बैतालाय हुम फट ।”
{{ यह साधना जानकारी हेतु है।सिद्धि का गलत उपयोग न करे।किसी लालच के वशीभूत होकर साधक यह साधना न करे ।योग्य गुरु के निर्देशन में ही करे।}}
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ज्योतिषाचार्य प्रदीप कुमार: मो. 9438741641 {Call / Whatsapp}
जय माँ कामाख्या

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