Piles Relief Mantra: कुंडली में मंगल और केतु कैसे पैदा करते हैं खूनी बवासीर की भयंकर गर्मी?
नमस्कार दोस्तों! स्वागत है आप सभी का आपके अपने Mystic Shiva Astrology मंच पर। दोस्तों, आज हम एक ऐसी बीमारी के बारे में बात करेंगे जिसका दर्द सहना नर्क के समान है—”बवासीर” (Piles)। यह एक ऐसी पीड़ादायक बीमारी है जिसमें इंसान न तो ठीक से बैठ पाता है, न चल पाता है, और शर्म के मारे किसी को अपना दर्द बता भी नहीं पाता। लोग ऑपरेशन (Surgery) करवा कर लाखों रुपये खर्च कर देते हैं, फिर भी कुछ साल बाद यह बीमारी वापस लौट आती है।
आज मैं आपको मेडिकल साइंस के साथ-साथ, तंत्र शास्त्र का एक ऐसा सिद्ध Piles Relief Mantra देने जा रहा हूँ, जो आपके इस भयंकर दर्द को हमेशा के लिए शांत कर सकता है।
बवासीर (Piles) के पीछे का ज्योतिषीय कारण क्या है?
आखिर यह बीमारी होती क्यों है? दवाइयां तो बाहर से काम करती हैं, लेकिन हमारे शरीर के अंदर का सिस्टम कौन सा ग्रह चला रहा है?
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, बवासीर और मलाशय (Rectum) की बीमारियों का सीधा संबंध हमारी कुंडली के मंगल (Mars) और केतु (Ketu) ग्रह से होता है।
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जब कुंडली के छठे (6th) या आठवें (8th) भाव में मंगल और केतु एक साथ बैठ जाएं, या नीच के होकर दृष्टि डालें, तो शरीर के निचले हिस्से में भयंकर “अग्नि” (Garmi) पैदा होती है।
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यही शरीर की गर्मी और दूषित रक्त (Khoon ki kharabi) मसों (Piles/Fissures) का रूप ले लेती है, जिससे भयंकर दर्द और ब्लीडिंग होती है।
8वें भाव और गुप्त रोगों से जुड़ी एक और महत्वपूर्ण जानकारी: दोस्तों, जिस तरह कुंडली का अष्टम (8वां) भाव बवासीर जैसी पीड़ा देता है, ठीक उसी तरह इस भाव में बैठा राहु इंसान को ऐसे भयंकर गुप्त रोग (Syphilis) का शिकार भी बना देता है जिसे वह शर्म के मारे किसी से कह नहीं पाता। दवाइयों से हार चुके हैं तो इसका 100% सटीक तांत्रिक उपाय यहाँ पढ़ें: [Syphilis Jyotish Karan: Kundli Ke 8ve Bhav Mein Shukra-Rahu Dosh]
मेरे अनुभव की बात :
यह बात कुछ महीने की है । यह बात khurda (Odisha) का एक ब्यापारी का है , जिनका उम्र लगभग 40 साल । उनका नाम सुरेश था, बहुत तकलीफ में मेरे पास आए। उन्हें खूनी बवासीर (Bleeding Piles) की शिकायत थी। डॉक्टर ने उन्हें तुरंत सर्जरी के लिए बोल दिया था, लेकिन वो ऑपरेशन के नाम से बहुत डरे हुए थे। दर्द इतना था कि वो कुर्सी पर बैठ भी नहीं पा रहे थे।
जब मैंने उनकी कुंडली देखी, तो अष्टम भाव में मंगल और केतु का भयंकर अंगारक योग बन रहा था। मैंने उनसे कहा कि डॉक्टर की दवाई और फाइबर वाली डाइट (Diet) बिल्कुल मत छोड़ना, लेकिन साथ ही मैंने उन्हें माँ कामाख्या का एक सिद्ध शाबर मंत्र करने की विधि बताई।
माँ कामाक्षा की ऐसी कृपा हुई दोस्तों, कि मात्र 15 दिन के अंदर सुरेश जी का दर्द 80% तक कम हो गया और ब्लीडिंग पूरी तरह रुक गई! आज वो बिना किसी ऑपरेशन के अपना व्यापार आराम से चला रहे हैं। यह होती है प्राचीन मंत्रों की असली ताक़त।
Piles Relief Mantra: दर्द मिटाने का 100% सटीक शाबर मंत्र
अगर आप या आपका कोई अपना इस भयानक पीड़ा से गुजर रहा है, तो इस सिद्ध मंत्र का प्रयोग जरूर करें:
मंत्र: “ओं नमो आदेश कामरू कामाख्या देबी को, भीतर बाहर मैं बोलूं सुन देकर मन तूं, काहे जलाबत के हि कारण, रसाहित पर तू डगर में बिख्यात, रहे ना ऊपर “अमुक” के गत, नरसिंह देब तुमसे बोले बाणी, आज्ञा हाडी दासी फुरो मंत्र चण्डी उबाच।।”
(ध्यान दें: मंत्र में जहाँ “अमुक” लिखा है, वहाँ झाड़ा लगाते समय आपको रोगी (Patient) का नाम बोलना है।)
Piles Relief Mantra Vidhi :
सिर्फ मंत्र पढ़ने से काम नहीं चलता, इसे सिद्ध करने की एक सटीक विधि होती है:
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समय: इस मंत्र का प्रयोग आपको प्रातःकाल (सुबह) और सायंकाल (शाम) के समय करना है।
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झाड़ा कैसे लगाएं: एक मोर पंख (Peacock feather) या नीम की साफ टहनी लें। रोगी को सामने बैठाएं।
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प्रक्रिया: ऊपर दिए गए मंत्र का 7 बार लगातार उच्चारण करें और हर बार मंत्र पूरा होने पर रोगी के शरीर पर (सिर से पैर तक) मोर पंख या नीम की टहनी से हल्का झाड़ा लगाएं।
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अवधि: ऐसा आपको लगातार 15 से 20 दिन तक करना है। इस मंत्र से आपको बवासीर के दर्द, सूजन और ब्लीडिंग से अचूक छुटकारा मिल जाएगा।
मेरा सलाह :
दोस्तों, मंत्र अपना काम शरीर की नकारात्मक ऊर्जा (Negative Aura) और मंगल की गर्मी को शांत करता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप तली-भुनी, मसालेदार चीजें और बाहर का जंक फ़ूड खाते रहें। मेरी आपको सख्त हिदायत है कि इस तांत्रिक उपाय के साथ-साथ पानी खूब पिएं, हरी सब्जियां खाएं और डॉक्टर की सलाह जरूर लें। भगवान ने हमें कर्म करने के लिए भी शरीर दिया है, इसलिए पेट को साफ़ रखना आपकी अपनी ज़िम्मेदारी है।
Piles Relief Mantra ke Upar Sawal Jawab :
1: आचार्य जी, Piles Relief Mantra का असर कितने दिन में दिखने लगता है?
Ans: अगर आप सच्ची श्रद्धा और सही विधि से (सुबह-शाम 7 बार) यह झाड़ा लगाते हैं, तो 3 से 4 दिन के अंदर ही जलन और सूजन में आराम महसूस होने लगता है। पर इसे 15 से 20 दिन तक लगातार करना जरूरी है ताकि बीमारी जड़ से ख़त्म हो।
2: क्या मैं खुद को यह झाड़ा लगा सकता हूँ?
Ans: तंत्र शास्त्र के अनुसार, झाड़ा हमेशा कोई दूसरा व्यक्ति लगाए तो ज्यादा असरदार होता है। आप अपने घर के किसी भी सदस्य (पति/पत्नी, माता/पिता) से यह मंत्र पढ़वा कर झाड़ा लगवा सकते हैं। बस ‘अमुक’ की जगह उन्हें आपका नाम लेना होगा।
3: क्या इस मंत्र के साथ मुझे कोई रत्न पहनना चाहिए?
Ans: बवासीर मंगल और केतु के प्रकोप से होता है। बिना किसी अच्छे ज्योतिषी को कुंडली दिखाए अपनी मर्जी से कोई भी लाल मूंगा (Red Coral) या लहसुनिया (Cat’s Eye) न पहनें, वरना शरीर की गर्मी और बढ़ सकती है। मेरी हिसाब से , कोई रत्न धारण करना सही नहीं है। क्यूना आजके समय में रत्न सही नही मिलता और रत्न की उपार पैसा खर्चा करना सही नही होगा । आप रत्न की जगह मंत्र के ऊपर श्रद्धा भक्ति के साथ सिद्धि करके प्रयोग करना बुद्धिमान की काम होगा ।
Agar aap swasthya sambandhit samasyaon ka jyotishiya ya tantrik samadhan dhoond rahe hain, to hamari Health Issues Category me diye gaye anya upay, mantra aur sadhana bhi jarur padhein, jahan vibhinna rogon ke satik aur prabhavshali samadhan bataye gaye hain.
ज्योतिषाचार्य प्रदीप कुमार (15+ साल का वैदिक ज्योतिष और तंत्र अनुभव) हर समस्या का स्थायी और 100% समाधान के लिए आज ही संपर्क करें। (आपकी जानकारी पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी):
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