Ashu Mehatarani Shabar Mantra: 7 तीक्ष्ण मंत्र, साधना नियम और तांत्रिक रक्षा कवच

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Ashu Mehatarani Shabar Mantra: 7 तीक्ष्ण मंत्र और साधना नियम

प्रणाम मेरी भाई और बेहेनों! पिछले 15 सालों से ज्योतिष और तंत्र की इस रहस्यमयी दुनिया में काम करते करते कई समस्या और उतार चढाव का सामना करना पड़ता है। इन सबसे छुटकारा पाने केलिए , आज मैं आप सबके सामने एक ऐसी जो ग्रामीण विद्या का पिटारा खोलने जा रहा हूँ जिसके बारे में साधारण लोग बात करने से भी कतराते हैं।

आज के इस कलयुग में जहाँ लोग चारों तरफ से संकटों, दुश्मनों की गंदी तांत्रिक क्रियाओं और व्यापार बंधन से टूट चुके हैं, वहाँ बड़े-बड़े अनुष्ठान भी कई बार फेल हो जाते हैं। ऐसे विकट समय में हमारे सिद्ध ओझाओं और संतों द्वारा लिखी गई कई सारे शाबर मंत्र ही काम आते हैं, जिसे हम Ashu Mehatarani Shabar Mantra कहते हैं।

यह कोई साधारण मन्त्र नहीं हैं, बल्कि यह ग्रामीण भाषा में सिद्ध किए गए वो मंत्र हैं जो सीधे श्मशान और चौराहों पर जाकर अपनी शक्ति दिखाते हैं। माता आशु मेहतरानी को लोक मसान की देवी, चौखट की रक्षक और हर गंदी से गंदी मूठ-करणी को पलभर में पलट देने वाली तीक्ष्ण शक्ति मानते है।

यदि आप इन 7 महाशक्तिशाली मंत्रों की मर्यादा और उनके 18 गुप्त नियमों को एक बार अच्छे से समझ लेते हैं, तो जीवन का कोई भी बड़े से बड़ा तांत्रिक हमला आपका बाल भी बांका नहीं कर पाएगा।

## तांत्रिक रक्षा कवच और वीर शक्तियों का असली सच

देखो भाई, जब हम शाबर तंत्र की बात करते हैं, तो इसमें किसी लंबी दीक्षा या अनुष्ठान की कोई जरूरत नहीं होती। यह मन्त्र पूरी तरह से ‘आन और दुहाई’ पर काम करते हैं, यानी इसमें सीधे देवताओं और वीर शक्तियों को उनके परम पूजनीय गुरुओं या पैगंबरों की दुहाई दी जाती है।

माता आशु मेहतरानी के ये मंत्र इतने तीक्ष्ण होते हैं कि यह आपके ऊपर किए गए किसी भी गंदे अभिचार कर्म को उलटकर सीधे उसी तांत्रिक के घर भेज देते हैं जिसने उसे भेजा था।

इस देहाती साधना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह बहुत जल्दी जाग्रत होती है क्योंकि इनका सीधा संबंध श्मशान और चौराहों की जीवंत ऊर्जा से है। जब इंसान हर तरफ से हताश हो जाता है, व्यापार ठप हो जाता है और घर में साया दिखने लगता है, तब यह तांत्रिक रक्षा कवच एक अभेद्य ढाल की तरह साधक की चौखट की रक्षा करता है।

तंत्र शास्त्र के अनुसार, जब आप पूरी श्रद्धा से इन लोक-कल्याणकारी मंत्रों का प्रयोग करते हैं, तो बड़े से बड़े तांत्रिक अटैक भी पलभर में बेअसर होकर शांत होने लगते हैं।

विशेष सलाह: याद रखें, नवनाथों की यह शाबर विद्या सिर्फ दुश्मनों और संकटों को काटने के लिए ही नहीं है, बल्कि जीवन में उन्नति और मानसिक शक्ति पाने केलिए सर्बोच मार्ग है।

यदि आपके घर के बच्चों का मन पढ़ाई में नहीं लगता या याददाश्त कमजोर है, तो इस रक्षा कवच के साथ-साथ हमारी यह विशेष सूची [Saraswati Shabar Mantra: विद्या, बुद्धि और स्मरण शक्ति बढ़ाने के 11 सिद्ध उपाय] को भी एक बार जरूर पढ़ें, ताकि माँ शारदा की कृपा से उनका भविष्य उज्जवल हो सके।

## आशु मेहतरानी: 3 मूल तीक्ष्ण शाबर मंत्र और अन्य 4 महामंत्र

साधना काल के दौरान नियमों का पालन करना सबसे उत्तम माना जाता है। नीचे दिए गए सभी मंत्रों को उनके सही उपयोग के साथ ध्यान से अपनी डायरी में नोट कर लें:

1. प्रत्यक्षीकरण और कार्य सिद्धि मंत्र

यह सबसे मुख्य मंत्र है जिसका उपयोग माता की कृपा पाने और अटके काम बनाने के लिए किया जाता है:

मंत्र: “ॐ नमो आदेश गुरु को। आशु मेहतरानी, हाथ में झाड़ू, गले में हांडी। चले मसान, डिगे न आन। मेरा कारज सिद्ध करे, न करे तो सुलेमान पैगंबर की आन, लोने चमारी की आन। दुहाई कामरू कामाख्या माई की।”

  • उपयोग: जीवन के रुके हुए कार्यों को गति देने और माता की सात्विक कृपा का अनुभव करने के लिए।

2. शत्रु बाधा और संकट निवारण मंत्र

जब किसी जातक पर भारी तंत्र बाधा या शत्रुओं का प्रकोप हो, तब इस मंत्र का स्मरण किया जाता है:

मंत्र: “काला भैरों, गोरा भैरों, चले मसान। आशु मेहतरानी करे कल्याण। झाड़ू मारे संकट भागे, लोबान की धूनी से काल भागे। दुहाई राजा रामचंद्र की, शब्द सांचा पिंड कांचा, फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।”

  • उपयोग: गुप्त शत्रुओं के वार से बचने और अचानक आए कोर्ट-कचहरी या दुर्घटना के संकट को टालने के लिए।

3. जंजीरा मंत्र (तीव्र हाजिरी मंत्र – केवल श्रवण हेतु)

यह मंत्र शक्ति को तीव्र गति से बुलाने के लिए ग्रामीण ओझा इस्तेमाल करते हैं (यह बेहद उग्र माना जाता है):

मंत्र: “आ उतरी माता मेहतरानी, हाथ कंगन, गले हांडी। आन बांधूं, बान बांधूं, दुष्ट की छाती बांधूं। मेरी आन, मेरे गुरु की आन, चले मंत्र फुरे वाचा।”

  • उपयोग: केवल आपातकालीन संकट के समय वातावरण को शुद्ध करने और शक्ति की उपस्थिति दर्ज कराने के लिए (इसे शौकिया न जपें)।

4. मारण-मोहन-उच्चाटन स्तंभन निवारण मंत्र (काट का मंत्र)

यदि किसी व्यक्ति पर किसी तांत्रिक ने गंदी क्रिया या मूठ (Tantric Attack) चला दी हो, तो उस तंत्र को काटने के लिए माता मेहतरानी के इस शाबर मंत्र का प्रयोग झाड़-फूंक में किया जाता है।

मंत्र: “ॐ नमो आदेश गुरु को। बांधी मढ़ी, बांधा श्मशान। जहाँ बैठी आशु मेहतरानी, हाथ बुहारी, मस्तक आन। किया-कराया, भेजा-भेजाय, जो कोई मेरे यजमान को सताए। उसे झाड़ू मार उलटाय, उलटा देवें उसी के घर जाय। दुहाई लोने चमारी की, दुहाई बाबा गोरखनाथ की। शब्द सांचा, पिंड कांचा, फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।”

  • उपयोग: घर पर लगी भयंकर से भयंकर तंत्र बाधा और पुरानी गंदी चौखट की बंदिश को काटने के लिए।

5. दुकान-व्यापार की नजर खोलने का शाबर मंत्र

यदि किसी ने व्यापार बांध दिया हो, या दुकान पर ग्राहकों का आना अचानक रुक गया हो, तो शनिवार के दिन लोबान की धूनी देते हुए इस मंत्र को पढ़ने से व्यापार का बंधन खुलता है।

मंत्र: “सत नाम आदेश गुरु का। अलख निरंजन, घट-घट वासी। जगे आशु मेहतरानी, चौखट की दासी। झाड़ू हाथ ले, कोना-कोना बुहारे। नजर-गूजर, डीठ-मूठ को मार भगावे। ग्राहक आवें, लक्ष्मी आवें, गोदी भरे भंडार। जो न करे, तो कालका माई का कोप पड़े। आन गुरु की, प्रान गुरु के, चले मंत्र फुरे वाचा।”

  • उपयोग: बंद दुकान को दोबारा चलाने और गद्दी पर लगी नजर दोष को हमेशा के लिए समाप्त करने के लिए।

6. आकस्मिक भय और भूत-प्रेत बाधा निवारण मंत्र

यदि किसी बच्चे या कमजोर दिल के व्यक्ति को रात में डर लगता हो, डरावने सपने आते हों या किसी साये का अहसास होता हो, तो इस मंत्र को 7 बार पढ़कर पानी अभिमंत्रित करके पिलाया जाता है।

मंत्र: “ॐ नमो आदेश गुरु को। काली रात, मसान का बास। आशु मेहतरानी खड़ी तेरे पास। भूत भागे, प्रेत भागे, डाकिनी-शाकिनी थर-थर कांपे। जब मेरी माता झाड़ू पटके, दुष्ट देव दूर जा पटके। दुहाई सुलेमान पैगंबर की, दुहाई वीर हनुमान की। दुहाई गौरा पार्वती की।”

  • उपयोग: बच्चों का अचानक रात में चौंक कर उठना और ऊपरी हवा का खौफ जड़ से खत्म करने के लिए।

7. माता मेहतरानी “अर्जी स्वीकार” शाबर मंत्र

यह मंत्र तब पढ़ा जाता है जब कोई भक्त अपनी किसी बड़ी मनोकामना के लिए शनिवार या मंगलवार को माता के नाम का मीठा पान या नारियल की अर्जी चढ़ाता है। यह अर्जी को शक्ति तक पहुँचाने का काम करता है।

मंत्र: “ॐ नमो आदेश गुरु को। राजा की सभा, प्रजा का मान। आशु मेहतरानी, मेरा कहा मान। पान-सुपारी, ध्वजा-नारियल लेव। मेरा अमुक (यहाँ अपना काम बोलें) कारज सिद्ध कर देव। दुहाई कामरू कामाख्या माई की, दुहाई गुरु के बंदे की। शब्द सांचा, फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।”

  • उपयोग: लंबे समय से अटकी हुई जायज मनोकामना को वीर शक्तियों के माध्यम से तुरंत पूर्ण कराने के लिए।

## साधना के 18 गुप्त नियम और सामग्रियां

इस देहाती साधना को पूर्ण रूप से सुरक्षित और सफल बनाने के लिए इन 18 मुख्य बिंदुओं का गहराई से पालन करना अनिवार्य है, अन्यथा मंत्र कभी सिद्ध नहीं होंगे:

  1. झाड़ू का प्रतीक: माता के हाथ में झाड़ू नकारात्मकता को बुहारने और साधक के जीवन के दुखों को साफ करने का प्रतीक है।

  2. गले में हांडी: यह प्राचीन काल के कष्टों और तंत्र की तांत्रिक क्रियाओं को अपने अंदर समेटने का प्रतीक है।

  3. लोबान की धूनी: इसके बिना आशु मेहतरानी की कोई भी ऊर्जा जागृत नहीं होती। साधना के दौरान लोबान का सुलगना अनिवार्य है।

  4. कपूर का महत्व: साधना की शुरुआत और अंत में कपूर जलाना नकारात्मक शक्तियों को दूर रखने के लिए आवश्यक है।

  5. शनिवार की मध्यरात्रि: इस साधना के लिए शनिवार रात 11 से 3 बजे का समय सर्वोत्तम माना गया है।

  6. दक्षिण दिशा: साधना करते समय साधक का मुख हमेशा दक्षिण या पश्चिम की ओर होना चाहिए, क्योंकि यह मसान की दिशा है।

  7. काला आसन: मंत्रों की तीक्ष्ण ऊर्जा को जमीन में अर्थिंग होने से रोकने के लिए काले कंबल का आसन ही प्रयोग करें।

  8. गुलकंद का पान: बिना चूने का मीठा पान माता का सबसे प्रिय सात्विक भोग है, इसे शनिवार को अर्पित करना चाहिए।

  9. बूंदी के लड्डू: कार्य सिद्ध होने के बाद या साधना की पूर्णाहुति पर चौराहे पर चढ़ाया जाने वाला यह मुख्य प्रसाद है।

  10. मसान का संबंध: इन्हें श्मशान या चौराहों की देवी माना जाता है, इसलिए ये बहुत तीव्र गति से फल देती हैं।

  11. कामरू कामाख्या की दुहाई: शाबर मंत्रों में इस दुहाई के बिना मंत्र का ताला नहीं खुलता और वह काम नहीं करता।

  12. वचन का महत्व: यदि प्रत्यक्षीकरण के समय माता का कोई अनुभव हो, तो साधक को अपनी सुरक्षा और लोक-कल्याण के तीन वचन लेने जरूरी होते हैं।

  13. अनुभवों का रहस्य: साधना के दौरान कमरे में अचानक घुंघरुओं की झंकार और रोने-हंसने की आवाजें आना आम बात है, डरें नहीं।

  14. ब्रह्मचर्य का पालन: साधना काल के दौरान पूर्ण मानसिक, वैचारिक और शारीरिक पवित्रता का पालन करना अनिवार्य है।

  15. बिना गुरु निषेध: बिना गुरु संरक्षण के इन मंत्रों का तीव्र मानसिक जप आपका मानसिक संतुलन बिगाड़ सकता है, इसलिए दिशा-निर्देश जरूरी है।

  16. दीपक की दिशा: सरसों या चमेली के तेल का दीपक हमेशा साधक के दाईं ओर स्थापित होना चाहिए।

  17. सफाई की शर्त: जहाँ यह साधना हो, उस कमरे या स्थान पर धूल, मकड़ी के जाले या गंदगी बिल्कुल नहीं होनी चाहिए।

  18. सुरक्षा घेरा: मंत्र शुरू करने से पहले अपनी देह और आसन को ‘कार्तवीर्य अर्जुन’ या हनुमान मंत्र से बांधना (सुरक्षा कवच बनाना) बेहद जरूरी है।

## मेरे 15+ साल के अनुभव की एक सच्ची घटना: जब श्मशानी क्रिया का हुआ तत्काल पलटवार

यह बात आज से करीब सात साल पहले की है। पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले से एक बहुत बड़े जमींदार परिवार के मुखिया मेरे पास आए थे। उनका स्थिति यह थी कि मिल की मशीनें अपने आप खराब हो जाती थीं और जो भी मजदूर गद्दी पर बैठता, वह बीमार पड़ जाता। जमींदार खुद कर्ज के दलदल में डूब रहे थे।

जब मैंने उनकी कुंडली बिचार किया, तो पता चला उनके जन्म कुंडली के दशम भाव पर राहु और मंगल का अंगारक दोष था, और किसी आदमी ने उन पर श्मशानी तांत्रिक क्रिया का प्रयोग करवाया था, जिसके कारण उनका पूरा व्यापार बंधन में दिख रहा था।

मैंने उन्हें कोई अनुष्ठान या रत्न नही दिया, वस उनको ‘मारण-मोहन-उच्चाटन स्तंभन निवारण मंत्र’ (काट का मंत्र) समझाया। उन्होंने पूरी मर्यादा के साथ शनिवार की रात को लोबान की धूनी देकर इस क्रिया को संपन्न किये।

शुरुआती 3 दिनों तक माहौल बहुत भारी रहा, मिल के चारों तरफ अजीब सी गंध आती थी। लेकिन जैसे ही 7वां दिन पूरा हुआ, जो यह गंदे काम किये थे उनके घर में अजीब सी अशांति फैल गई —यानी किया-कराया पूरी तरह पलट चुका था।

जमींदार की मिल अगले ही हफ्ते दोबारा चालू हो गई और आज उनके पास दो नई मिलें और हैं। यह इस ग्रामीण साक्षात विद्या का वो अकाट्य प्रमाण है जो मैंने खुद अपनी आँखों से देखा है।

## Frequently Asked Questions (FAQ)

सवाल 1: क्या Ashu Mehatarani Shabar Mantra का प्रयोग घर के अंदर सामान्य रूप से किया जा सकता है?

जवाब: देखो भाई, सीधी बात है। माता आशु मेहतरानी की प्रकृति उग्र है। यदि आप व्यापार की नजर खोलने या भूत-प्रेत बाधा निवारण के छोटे प्रयोग कर रहे हैं, तो घर के एकांत कमरे में सफाई रखकर कर सकते हैं। लेकिन प्रत्यक्षीकरण की नीयत से श्मशानी साधना बिना किसी योग्य गुरु के मार्गदर्शन के घर में बिल्कुल नहीं करनी चाहिए।

सवाल 2: क्या माता मेहतरानी की साधना में बली चढ़ाना या तामसिक भोग देना अनिवार्य है?

जवाब: साफ सुन लो—बिल्कुल नहीं! हमारे संतों ने शाबर मंत्रों को लोक-कल्याण के लिए बनाया है। माता मेहतरानी को सात्विक भोग जैसे गुलकंद का मीठा पान, लौंग का जोड़ा, कपूर और बूंदी के लड्डू से भी पूरी तरह प्रसन्न किया जा सकता है। तामसिक चीजों के चक्कर में पड़ोगे तो अपनी बर्बादी के खुद जिम्मेदार होगे।

सवाल 3: यदि साधना के दौरान डरावने अनुभव या आवाजें आएं, तो क्या करना चाहिए?

जवाब: कान खोलकर सुन लो, जब भी उग्र शक्तियों का जाप होता है, तो आसपास की नकारात्मक ऊर्जाएं भागती हैं और शक्ति का पहरा बैठता है। ऐसे समय में घुंघरुओं की आवाज या साया दिखना स्वाभाविक है। अगर आपने शुरुआत में हनुमान चालीसा या कार्तवीर्य अर्जुन मंत्र से अपना सुरक्षा कवच बांधा है, तो कोई आपका बाल भी बांका नहीं कर सकता। जप बीच में छोड़कर उठें नहीं।

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ज्योतिषाचार्य प्रदीप कुमार

जय माँ कामाख्या

Acharya Pradip Kumar is the founder of Mystic Shiva Astrology and a practitioner of Vedic astrology with a solution-oriented approach. His work focuses on understanding birth charts as tools for clarity, awareness, and practical decision-making rather than fear-based predictions. Rooted in classical astrological principles and real-life experience, he emphasizes responsible guidance, timing, and conscious remedies aligned with an individual’s life path.

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