अनार के तांत्रिक उपाय

Anaar Ke Tantrik Upay :

1. अनार फल (Anaar Phal) की छाल, हल्दी, दारु हल्दी , चन्दन, सरसों और मसूर की दाल को बराबर लेकर पीस-घोटकर अबटन बनायें । 108 लक्ष्मी मंत्र से सिद्ध करें । इसे अबटन की तरह लगाकर सुखाकर जो युबती स्नानादि करके किसी भी पुरुष के सामने जाये, तो बह बशीभूत हो जायेगा ।
 
2. अनार (Anaar) की जड में किसी स्त्री के अधोबस्त्र दबाकर, जल देकर उसके नाम पर लक्ष्मी मंत्र का जाप करके बशीकरण की कामना करें, तो बह स्त्री बशीभुत हो जाती है । पुरुष के लिये श्रीक्रूष्ण का मंत्र पढे । बशीकरण के लिए शाबर, डामर मंत्र भी कार्य करते है ।
 
3. एक ही पेड के अनार फल (Anaar Phal) के पके हुए 1188 दाने लेकर किसी भी स्त्री-पुरुष (यह केबल प्रेम और प्रणयभाब के लिये है) के अधोबस्त्र मे लपेटकर बरगद की जड मे 24 घण्टें दबा दें । इसके बाद इसे निकालकर एक – एक करके …
“ओम नम: मोहिनी कमलबासिनी….बशीक्रूत कुरुं कुरुं नम: नमे ।”
जल में अर्धरात्रि को डालें, तो दाने की समाप्ति पर बह स्त्री या पुरुष सभी बन्धन तोडकर बहां आ जायेंगे ।
 
4. एक साबुत पका हुआ अनार फल लेकर उसे गोरोचन मे चारो और से सिक्त करें; फिर उसे पान के पते पर रखकर अर्धरात्रि मे पुर्ण एकाग्रचित होकर 1188 मंत्र पढें । जिसे बशीक्रुत करना हो , उसका नाम खाली जगह पर जपें । मंत्र उपयुक्त ही होगा । इसके बाद बह अनार अपने प्रयुक्त रुमाल में लपेटकर बांछित ब्यक्ति के घर के दरबाजे पर ,कमरे मे, ओफिस में,बैग मे रख दे।बह निशिचित बशीक्रूत होगा ।
 
5. एक पके हुए अनार फल में 21 लौंग चीरकर, पान के पते मे लपेटकर बांध दें। इसे अपने सिरहाने रखें। प्रतिदिन रात्रि मे इसे हाथ मे लेकर 108 बार उपर्युक्त बशिकरण मंत्र पढें । इस प्रकार 9 रात्रि करें । इसके बाद लौंग निकालकर छाया मे सुखा लें । बांछित स्त्री-पुरुष को 21 दिन किसी बहाने खिलायें ,तो बह हमेशा के लिये बश में हो जायेगा ।
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ज्योतिषाचार्य प्रदीप कुमार (मो.)+91-9438741641 {Call / Whatsapp}
जय माँ कामाख्या

Acharya Pradip Kumar is the founder of Mystic Shiva Astrology and a practitioner of Vedic astrology with a solution-oriented approach. His work focuses on understanding birth charts as tools for clarity, awareness, and practical decision-making rather than fear-based predictions. Rooted in classical astrological principles and real-life experience, he emphasizes responsible guidance, timing, and conscious remedies aligned with an individual’s life path.

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