Tantric Bukhar Upay: जब डॉक्टर भी हार मान लें, तब ये ‘अघोरी काट’ उतारेगी पुराने से पुराना बुखार!
जय माँ कामाख्या! मेरे भाइयों और बहनों, मैं आपका अपना आचार्य प्रदीप कुमार। आज दिल खोलकर एक ऐसी बात करने जा रहा हूँ, जो शायद आपको कोई डॉक्टर नहीं बताएगा।
देखिए, जीवन में कभी-कभी ऐसा होता है कि इंसान को बुखार (Fever) चढ़ता है, शरीर टूटता है, पर खून की सारी रिपोर्ट नॉर्मल आती है। डॉक्टर हाथ खड़े कर देते हैं और दवा पानी की तरह बेअसर हो जाती है। ऐसी स्थिति में समझ लीजिये कि यह सामान्य बीमारी नहीं, बल्कि किसी अशरीरी हवा या जादू-टोने का साया है। आज मैं आपको वो प्राचीन Tantric Bukhar Upay बताने जा रहा हूँ, जो यमराज के द्वार से भी रोगी को वापस खींच लाते हैं।
मेरी आँखों देखी सच घटना :
बात 3 साल पुरानी है। Balesore (Odisha) के रहने वाले तपन महापात्र जी का मेरे पास रात के 2 बजे फोन किये थे । उनका जवान बेटा एक शादी से लौटते वक्त रास्ते में किसी ‘तिराहे’ को लांघ गया था। घर आते ही उसे ऐसा ‘भयानक बुखार’ चढ़ा कि वह बेहोशी में बड़बड़ाने लगा। बड़े-बड़े नर्सिंग होम में उसे एडमिट किया गया, पर बुखार 105 डिग्री से नीचे ही नहीं आ रहा था।
तपन जी रो रहे थे। मैंने उन्हें धीरज बंधाया और तुरंत Tantric Bukhar Upay के तहत काले उड़द के दानों वाला प्रयोग करवाया। जैसे ही 21 दाने अभिमंत्रित करके फेंके गए, लड़के के शरीर से पसीना छूटा और 10 मिनट के अंदर वह शांत होकर सो गये। सुबह तक बुखार का नामोनिशान नहीं था। यह है हमारे प्राचीन अघोर तंत्र की शक्ति!
1. अशरीरी हवा या चौराहे की बाधा का काट
अगर रात में किसी सुनसान जगह या चौराहे को लांघने के कारण अचानक तेज बुखार चढ़ आया हो, तो यह Tantric Bukhar Upay रामबाण है। 21 काले उड़द के दाने लें और इस मंत्र से अभिमंत्रित करके एक-एक दाना रोगी पर फेंकें:
मंत्र: “ओम नमो श्री पार्श्बनाथाय, चिपटी नाम महा बिधान, सर्ब ज्वर बिनाशनिया या, दिशं पश्यामि ता ता भबति, नि: ज्वर शिरो मुंछ मुंछ ललाट, मुंछ मुंछ नेत्र मुंछ मुंछ नासिका, मुंछ मुंछ पादो मुंछ मुंछ कटि, मुंछ मुंछ भुमिया गच्छ महान ज्वर स्वाहा।”
2. जादू-टोना और तंत्र-बाधा नाशक ‘कच्चा सूत’ प्रयोग
यदि आपको शक है कि किसी ने आपके परिवार पर कुछ ‘करवा’ दिया है, जिसके कारण बुखार नहीं उतर रहा, तो यह तांत्रिक प्रयोग (Tantric Remedies For Fever) तुरंत लाभ देगा। पहले मंत्र को 108 बार पढ़कर जगा लें, फिर कच्चा सूत लेकर उसे 22 बार अभिमंत्रित करें और रोगी के दाएं बाजू में बांध दें।
मंत्र: “ओम ह्रीं श्रीं चंन्द्रबदनी माहेश्बरि, चंडिका भूत-प्रेत, पिशाच बिद्रापय, बिद्रापय बज्र दंडन माहेश्बर त्रिशूले, नदी बीर खंडेन चूरय चूरय पात्र प्रबेशे, ओं छां छीं छूं छ: फट् स्वाहा।”
मेरे भाइयों, अगर बुखार के साथ-साथ शरीर में और भी कई असाध्य रोग जड़ जमा चुके हैं, तो घबराएं नहीं। ऋषियों द्वारा बताए गए संपूर्ण स्वास्थ्य लाभ और अचूक उपायों के बारे में यहाँ विस्तार से पढ़ें: [Rog Mukti Upay: हर प्रकार के रोग नाश के 4 सबसे अचूक तांत्रिक उपाय]
मेरा सलाह
मेरे दोस्त, कभी-कभी ग्रहों की चाल भी शरीर को रोग का घर बना देती है। Get Your Personalized Kundli Analysis Today ताकि हम देख सकें कि कहीं राहु या केतु की बुरी दृष्टि आपके स्वास्थ्य को तो नहीं बिगाड़ रही? सही समय पर किया गया ग्रह दोष निवारण और ये Tantric Bukhar Upay मिलकर किसी भी असाध्य रोग को जड़ से खत्म कर सकते हैं।
Tantric Bukhar Upay – आपके मन के सवाल
प्रश्न 1: आचार्य जी, क्या ये तांत्रिक उपाय बच्चों पर भी किए जा सकते हैं?
उत्तर: बिल्कुल! बच्चों पर नजर दोष और ऊपरी हवा का असर जल्दी होता है। Tantric Bukhar Upay बच्चों के लिए पूरी तरह सुरक्षित और असरदार हैं, बस मंत्र का उच्चारण शुद्ध रखें।
प्रश्न 2: क्या घर बैठे इन उपायों से आरोग्य प्राप्ति संभव है?
उत्तर: हाँ, यदि आपकी श्रद्धा पक्की है। लेकिन अगर समस्या बहुत पुरानी है, तो एक बार Personalized Kundli Analysis ज़रूर करवाएं ताकि जड़ का पता चल सके।
प्रश्न 3: क्या इन मंत्रों का प्रयोग किसी भी दिन कर सकते हैं?
उत्तर: संकट के समय कभी भी किया जा सकता है, पर मंगलवार या शनिवार को करना विशेष फलदायी होता है। माँ कामाख्या की कृपा से सब मंगल होगा।
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जय माँ कामाख्या