Bandhi Hui Kokh Kholne Ka Mantra Upay: सूनी गोद भरने के ऋषियों वाले गुप्त रहस्य!
भाई, दुनिया के सारे सुख एक तरफ और मातृत्व सुख एक तरफ! जब घर में नन्हे कदमों की आहट नहीं होती, तो पूरी दुनिया वीरान लगने लगती है। कई बार डॉक्टर कहते हैं कि सब कुछ सही है, फिर भी कोख सूनी रह जाती है। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के अनुसार Infertility के कई शारीरिक और हार्मोनल कारण भी हो सकते हैं । ऐसे में समझ जाइये भाई, इसके साथ साथ भी यह भी होता है कुछ दुष्ट खल प्रकृति की आदमी राग द्वेष की वजह “कोख बंधन” कर देते है।
आज मैं (आचार्य प्रदीप कुमार) आपके लिए लाया हूँ Bandhi Hui Kokh Kholne Ka Mantra Upay, जिन्हें अगर आपने पूरे विश्वास के साथ आज़माया, तो महामाई की कृपा से आपके आँगन में भी खुशियों का फूल खिलेगा।
Real Life Case Study:
यह बात मेरे Cuttack के एक यजमान की है। शादी को 9 साल हो चुके थे, रिपोर्ट सब नॉर्मल थी पर कोख बंधी हुई थी। स्त्री को अक्सर बुरे सपने आते थे। जब मैंने उन्हें Bandhi Hui Kokh Kholne Ka Mantra Upay के अंतर्गत हनुमान जी वाला सिद्ध धागा और अभिमंत्रित जल का विधान बताया, तो 11वें महीने में ही उनके घर ‘कान्हा’ जैसे पुत्र ने जन्म लिया। भाई, शास्त्रों का मार्ग कभी खाली नहीं जाता!
कोख खोलने के 4 गुप्त महा-उपाय –
भाई, अब मैं आपको वो विधि बताने जा रहा हूँ जिसे दुनिया Bandhi Hui Kokh Kholne Ka Mantra Upay का सबसे सटीक मार्ग मानती है। यहाँ एक-एक सामग्री का बहुत महत्व है, ध्यान से नोट करें :
१) नकारात्मक ऊर्जा और बंधन मुक्ति क्रिया:
सामग्री: अल्प मात्रा में काला तिल, कबूतर या मुर्गी का ताजा रक्त अथवा मांस, काले तिल का तेल और थोड़ी हींग।
विधि: रक्त/मांस और तेल मिलाकर “ओम् क्रीं क्रीं क्रीं क्लीं फट् स्वाहा” मंत्र का १०८ बार जाप करते हुए शरीर की मालिश करें और फिर स्नान करें। इसके बाद काले तिल में हींग मिलाकर शरीर के सारे छिद्रों पर लगाएं। भाई, इसे सिर और पेट पर लगाना बिल्कुल न भूलें। यह क्रिया लगातार ५ दिनों तक करनी है। इससे हर तरह की बुरी ऊर्जा का बंधन कट जाता है।
२) हनुमान जी का सिद्ध मंत्र और अभिमंत्रित धागा:
इस Bandhi Hui Kokh Kholne Ka Mantra Upay को नवमी, दशहरा या किसी शुभ मुहूर्त में सिद्ध करें। रात ९ बजे के बाद हनुमान जी की तस्वीर के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाएं, लड्डू का भोग लगाएं और १०८ बार इस मंत्र का जाप करें:
सिद्ध मंत्र: “ॐ नमो नील नील महानील दृष्टि देख कोथ खोल फले फूले बेल बढ़े चतुराई चले अमुक (स्त्री का नाम) के पेड़ के फल फूल की जो हानि हो तो राजा राम की दुहाई जती हनुमान की दुहाई शब्द सांचा पिंड काचा फुरे मंत्र ईश्वर वाचा सत नाम आदेश गुरु का”।
प्रयोग: प्रयोग के समय स्त्री को सामने बैठाएं। जल के गिलास को ७ बार मंत्र पढ़कर अभिमंत्रित करें और स्त्री को पिलाएं। फिर एक लाल धागा लेकर २१ बार मंत्र पढ़ते हुए २१ गांठ लगाएं और उसे स्त्री की कमर में बांध दें।
भाई, कई बार कोख के बंधन की मुख्य वजह आपके घर में मौजूद अदृश्य नकारात्मक ऊर्जा भी होती है। अगर आपके घर में अचानक सड़े हुए मांस, गंध या अजीब सी बदबू आती है, तो समझ जाइये कि कोई बाहरी शक्ति संतान सुख को रोक रही है।
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३) बड़ के पत्तों का अचूक टोटका:
ताजे, बड़े और बिना कटे-फटे बड़ के ११ पत्ते लें। इन्हें धोकर सुखा लें और दोनों तरफ सरसों तेल लगाएं। तवे पर इन्हें हल्का-हल्का सेंकें। जब स्त्री महावारी (Periods) में हो, तब इन पत्तों को पेट के निचले हिस्से पर सूती कपड़े से बांध दें। ३ दिन तक रात को सोते समय यह क्रिया करें और सुबह हटा दें।
४) बगुलामुखी तांत्रिक हवन:
शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी से कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के बीच यह उपाय करें। हाथी के नाखून का पाउडर, काला तिल पाउडर और अरंडी का तेल मिलाएं। हवन में हाथी की लीद, स्त्री के रज (Periods) से भीगा कपड़ा और पलाश के बीज डालें। ढाक की लकड़ी से आहुति दें और इस मंत्र का ३००० बार पाठ करें:
मंत्र: “ओम ह्वीं श्रीं क्लीं बगुलामुखी अमुक (नाम) जरायुपिंड स्तंभय स्तंभय की लय की लय क्लीं श्रीं ह्वीं ओम् स्वाहा”।
Bandhi Hui Kokh Kholne Ka Mantra Upay: कुछ अन्य सरल और प्रभावी टोटके :
भाई, ये छोटे-छोटे उपाय बहुत शक्तिशाली हैं:
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कन्या रत्न की चाह के लिए: चावल के माड़ में नींबू की जड़ पीसकर खाएं, फिर पति के साथ प्रयास करें।
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पुत्र रत्न के लिए: ऋतु स्नान के एक दिन पूर्व शिवलिंगी के बेल की जड़ में तांबे का सिक्का और सुपारी देकर निमंत्रण दें। अगले दिन सूर्योदय से पूर्व उसे घर लाएं और ५ शिवलिंगी के बीजों को गाय के दूध में पीसकर सेवन करें।
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पीली कौड़ी: शुभ मुहूर्त में पीली कौड़ी अभिमंत्रित कर कमर में बांधें।
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करेले का रस: २५ ग्राम रस ५ दिन तक खाली पेट लें।
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बरगद का पत्ता: स्वास्तिक बनाकर कुमकुम, चावल और सुपारी चढ़ाकर देवी माँ के मंदिर में रखें।
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दूध की खीर: पुराने गुड़ और उड़द वाली खीर का नियमित सेवन करें।
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गाय की सेवा: काली गाय के सिर पर हाथ फेरें और प्रार्थना करें। गुरूवार को गाय को आटे की लोई में चना दाल और हल्दी डालकर खिलाएं।
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दान: प्रतिदिन भिखारियों को गुड़ का दान दें।
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अन्य: सुबह खाली पेट ५० ग्राम कच्ची हल्दी पीसकर खाएं या एक साबुत लौंग पानी के साथ निगल लें।
FAQ: Bandhi Hui Kokh Kholne Ka Mantra Upay पर आपके सवाल
१. आचार्य जी, क्या ये मंत्र सुरक्षित हैं?
हाँ भाई, ये पूरी तरह सात्विक और तांत्रिक विधान हैं। इनका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता, ये सिर्फ कोख पर लगी बुरी नजर को काटते हैं।
२. हनुमान जी वाला मंत्र सिद्ध करना क्या अनिवार्य है?
बिल्कुल भाई! बिना सिद्ध किए मंत्र में वो प्राण नहीं आते। दशहरा या शुभ मुहूर्त में इसकी सिद्धि फलदायी होती है।
३. क्या ‘हाथी की लीद’ वाला उपाय घर पर कर सकते हैं?
यह एक तांत्रिक विधान है, बेहतर होगा कि इसे किसी विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में करें।
४. क्या इन उपायों से बंधी हुई कोख वाकई खुल जाती है?
भाई, श्रद्धा और सही विधि मिल जाए तो पत्थर में भी जान आ जाती है। Bandhi Hui Kokh Kholne Ka Mantra Upay ने हज़ारों घर बसाए हैं।
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जय माँ कामाख्या!