दशहरा 2025 : रावण संहिता का ये उपाय आपको बनाएंगा अमीर

दशहरा (Dussehra 2025) पर्व हिन्दू धर्म का प्रमुख त्योहार है । इसे विजया दशमी पर्व के नाम से भी जाना जाता है । इस साल यह त्योहार 02 अक्टूबर 2025 गुरुबार को मनाया जाएगा । धार्मिक मान्यता के अनुसार इस पर्व को असत्य पर सत्य की जीत और बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है । इसलिए दशहरा (Dussehra) के दिन भारत में रावण के पुतले का दहन किया जाता है ।
रावण, परम ज्ञानी और अति विद्वान था, लेकिन अहंकार के कारण उसका सर्वनाश हुआ । वह शिव का परमभक्त था । कहते हैं शिव की भक्ति में ही रावण ने शिव तांडव स्तोत्र लिखा था । वह ज्योतिष और तंत्र मंत्र विद्या में पारंगत था । उसने रावण संहिता नामक ग्रंथ लिखा था । इस ग्रंथ में उन्होंने ऐसे कई उपाय बताए हैं जिसकी बदौलत व्यक्ति समस्त प्रकार के सुखों को पा सकता है । ये उपाय इस प्रकार हैं-
धन से संबंधित सभी समस्याओं के निदान के लिए “ॐ सरस्वती ईश्वरी भगवती माता क्रां क्लीं श्रीं श्रीं मम धनं देहि फट् स्वाहा” इस मंत्र का जाप लगातार 40 दिनों तक करने से महालक्ष्मी की कृपा बढ़ती है । अगर कहीं पर आपका पैसा रुका हुआ है तो रुका हुआ पैसा भी आपको प्राप्त होगा ।
आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए :
अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के लिए लगातार 21 दिनों तक लगातार रूद्राक्ष की माला लेकर ‘ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं नम: ध्व: ध्व: स्वाहा’ मंत्र का जाप करना चाहिए । इस उपाय को करने से आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी । आय के साधनों में वृद्धि होगी ।
धन प्राप्ति के लिए:
रावण ने रावण संहिता में दूर्वा को बहुत ही चमत्कारी माना गया है । धन प्राप्ति के लिए दूध में दूर्वा घास को माथे पर तिलक करने से धन की प्राप्ति होती है । रावण संहिता में बताया गया दुर्वा का यह बेहद ही कारगर होता है ।
यश प्राप्ति के लिए :
रावण संहिता के अनुसार समाज में अपना यश, मान-सम्मान बढ़ाने के लिए बिल्व पत्र को पीसकर चंदन लगाना चाहिए । इस उपाय को करने से आपके यश, मान-सम्मान में चमत्कारिक वृद्धि होगी ।

ज्योतिषाचार्य प्रदीप कुमार (मो.):+91-9438741641 {Call / Whatsapp}

Acharya Pradip Kumar is the founder of Mystic Shiva Astrology and a practitioner of Vedic astrology with a solution-oriented approach. His work focuses on understanding birth charts as tools for clarity, awareness, and practical decision-making rather than fear-based predictions. Rooted in classical astrological principles and real-life experience, he emphasizes responsible guidance, timing, and conscious remedies aligned with an individual’s life path.

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