कलियुग का अंत

Kaliyug ka Ant

Kaliyug ka Ant : Kaliyug ka Ant हो चूका है । शास्त्रीय धारा एबं मनुस्मृति के आधार पर चार युग का ही समय देखने को मिलता है । उन युगों के नाम है – पहला सत्ययुग, दूसरा त्रेतायुग, तीसरा द्वापरयुग और चौथा कलियुग । इन चार युगों के बाद एक गुप्तयुग भी आता है जिसको … Read more

बिशाल नेत्रा किन्नरी साधना मंत्र

बिशाल नेत्रा किन्नरी

बिशाल नेत्रा किन्नरी साधना मंत्र : बिशाल नेत्रा किन्नरी मंत्र : “ॐ बिशाल नेत्रे स्वाहा ।” साधन बिधि – साधक को चाहिये की बह रात्रिकाल में किसी नदी के संगम स्थल पर जाकर उक्त मंत्र का दस सहस्र संख्या में जप करे तथा किन्नरी का बिधिबत् पूजन करें । जप के अन्त से पहले दिन … Read more

दिबाकर मुखी किन्नरी साधना मंत्र

दिबाकर मुखी किन्नरी

दिबाकर मुखी किन्नरी साधना मंत्र : दिबाकर मुखी किन्नरी मंत्र : “ॐ दिबाकरमुखी स्वाहा ।” साधन बिधि – साधक को चाहिये की बह अर्द्धरात्रि के समय किसी पर्बत के शिखर पर बैठ कर उक्त मंत्र का दस सहस्र की संख्या में जप करे । तदुपरान्त ‘दिबाकर मुखी’ किन्नरी का सही बिधि बिधान से पूजन कर, … Read more

जानिए चंड योगिनी साधना कैसे करें ?

चंड योगिनी साधना

जानिए चंड योगिनी साधना कैसे करें ? चंड योगिनी साधना : योगिनी शब्द से हम में से अधिकाश भय ग्रस्त से हो जाते हैं , पर ये तो , अनेको ने इनके बारे में जो भी सुना सुनाया लिख दिया , खुद का स्वानुभव कितनो का था , और जिनका स्वानुभव था , वह तो … Read more

कनकबती योगिनी साधना क्या है ?

कनकबती योगिनी साधना :

कनकबती योगिनी साधना क्या है ? कनकबती योगिनी साधना : प्रचण्ड बदना कनकबती देबी के होठ पके हुए बिम्बाफल के समान रक्त बर्ण है । बे लाल बस्त्रों को धारण करने बाली, बालास्वरूपिणी तथा समस्त मनोकामनाओ की पूर्ति करने बाली शुभ है । कनकबती योगिनी साधना का मंत्र यह है – “ॐ ह्रीं हुं रक्षकर्मणि … Read more

कामेश्वरी यक्षिणी मंत्र साधना क्या होती है?

कामेश्वरी यक्षिणी मंत्र साधना :

कामेश्वरी यक्षिणी मंत्र साधना क्या होती है? कामेश्वरी यक्षिणी की अपनी खास बात होती है । और हर यक्षिणी के पास कुछ खास होता है । जैसे कि सुरसुंदरी यक्षिणी सुंदरता की देवी हैं । यदि कोई उनकी साधना करता है तो वह सबसे पहले साधक को सौंदर्य प्रदान करती हैं । इसी प्रकार से … Read more

अष्ट यक्षिणी साधना क्या है ?

अष्ट यक्षिणी साधना :

अष्ट यक्षिणी साधना क्या है ? अष्ट यक्षिणी साधना : बहुत से लोग अष्ट यक्षिणी साधना का नाम सुनते ही डर जाते हैं कि ये बहुत भयानक होती हैं, किसी चुडैल कि तरह, किसी प्रेतानी कि तरह, मगर ये सब मन के वहम हैं । यक्षिणी साधक के समक्ष एक बहुत ही सौम्य और सुन्दर … Read more

योगिनी साधना कैसे करें और उसके फायदे?

योगिनी साधना

योगिनी साधना कैसे करें और उसके फायदे? योगिनी साधना : योगिनियों की सिद्धि के बारे में केवल एक बात ही उनकी महत्ता दर्शाती है कि धनपति कुबेर उनकी कृपा से ही धनाधिपति हुए थे । इनको प्रसन्न करने से राज्य तक प्राप्त किया जा सकता है । ये भी मुख्यत: 8 होती हैं तथा मां, … Read more

मधुमती योगिनी साधना कैसे करें ?

मधुमती योगिनी साधना :

मधुमती योगिनी साधना कैसे करें ? मधुमती योगिनी साधना : मधुमती देबी बिशुद्ध स्फटिक के सामान शुभबर्ण बाली, अनेक प्रकार के बस्त्रालंकारों से बिभुषित, पायजेब, हार, केयूर एबं रत्नजटित कुण्डलों से सुशोभित हैं । मधुमती योगिनी साधना का मंत्र यह है – “ॐ ह्रीं आगच्छ अनुरागिणी मधुमती मैथुनप्रिये स्वाहा ।” मधुमती योगिनी साधना बिधि – … Read more